सतर्क! 3 दवाएं नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी घोषित, जांच लें अपनी दवाई
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में 3 आम दवाएं नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी घोषित।
- फ्लेमोस्टार-एआर, सेफिक्सीम और एमोक्सिसिलिन-क्लैवुलानेट।
- ये दवाएं गुणवत्ता मानकों पर फेल, बाजार से हटाने के निर्देश।
- दर्द, बुखार और बैक्टीरियल संक्रमण में होता है इस्तेमाल।
- ड्रग कंट्रोलर ने स्टॉक को तुरंत हटाने के जारी किए निर्देश।
राजस्थान के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालयने तीन दवाओं को नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (NSQ) घोषित कर दिया है। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने राज्यभर के औषधि नियंत्रकों को इन दवाओं का स्टॉक तत्काल जांचने, बाजार से हटाने और निर्माण व वितरण के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश 30 जून 2026 तक प्राप्त परीक्षण रिपोर्टों के आधार पर जारी किया गया है। ये तीनों दवाएं दर्द, बुखार और बैक्टीरियल संक्रमण के इलाज में आमतौर पर इस्तेमाल होती हैं।
ये 3 दवाएं घटिया पाई गईं
1. फ्लेमोस्टार-एआर टैबलेट (ऐसिक्लोफेनाक + पैरासिटामोल)
यह दवा दर्द और सूजन कम करने के लिए दी जाती है। गठिया (Arthritis), जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, दांत दर्द और ऑपरेशन के बाद के दर्द में इसका उपयोग होता है। इसमें मौजूद पैरासिटामोल बुखार कम करने का काम भी करता है।
2. सेफिक्सीम डिस्पर्सिबल टैबलेट आईपी 100mg
यह एक एंटीबायोटिक (Antibiotic) दवा है। गले का संक्रमण, कान का संक्रमण, टायफाइड, मूत्र मार्ग संक्रमण और श्वसन तंत्र के संक्रमण में इसका उपयोग होता है। बच्चों में भी डॉक्टर की सलाह पर दी जाती है।
3. एमोक्सिसिलिन एवं पोटैशियम क्लैवुलानेट टैबलेट आईपी 625mg
यह व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक दवा है। फेफड़ों का संक्रमण, साइनस, कान, गले, त्वचा, दांत और मूत्र मार्ग के संक्रमण में इसका उपयोग होता है। इसमें मौजूद क्लैवुलानेट बैक्टीरिया की प्रतिरोधक क्षमता कम कर दवा को और असरदार बनाता है।
क्या करें, क्या न करें
यदि आपके पास इनमें से कोई भी दवा है तो तुरंत अपने डॉक्टर या दवाई विक्रेता से संपर्क करें। घटिया दवाएं या तो बेअसर होती हैं या नुकसानदायक। दवा का बैच नंबर जांचें और किसी भी संदिग्ध दवा का उपयोग तुरंत बंद करें। यदि किसी दुकान पर ये दवाएं मिल रही हों तो जिले के ड्रग कंट्रोल विभाग को सूचित करें।
स्टॉक हटाओ, कार्रवाई करो
ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने सभी जिला औषधि नियंत्रकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इन दवाओं का पूरा स्टॉक तत्काल जांचा जाए। बाजार, दुकानों और गोदामों से इन्हें तुरंत हटवाया जाए। निर्माता और वितरक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। यह आदेश 30 जून 2026 तक आई परीक्षण रिपोर्टों के आधार पर है।
FAQ
- नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी दवा का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि दवा सरकार द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। ऐसी दवा या तो बेअसर हो सकती है या नुकसानदायक। ड्रग कंट्रोल विभाग इन्हें बाजार से हटाने का आदेश देता है। - यदि आपके पास नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी दवाएं हैं तो क्या करें?
तुरंत उपयोग बंद करें और डॉक्टर या दवाई विक्रेता से संपर्क करें। दवा का बैच नंबर देखें और किसी भी दुकान पर ये दवाएं मिलती हों तो जिले के ड्रग कंट्रोल विभाग को सूचित करें।
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