मुख्यमंत्री का 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा फैसला, कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले

Ashish Bhardwaj | Jul 13, 2026, 14:50 IST
पे कमीशन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है। न्यूनतम वेतन 41 हजार पार होने की उम्मीद है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान में 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।
  • सीएम भजनलाल शर्मा ने उच्च स्तरीय समिति बनाने का ऐलान किया है।
  • समिति केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का अध्ययन कर नया पे-मैट्रिक्स तैयार करेगी।
  • कर्मचारियों के वेतन विसंगतियों को दूर करने पर भी फोकस रहेगा।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक न्यूनतम मूल वेतन 41 हजार रुपए से ज्यादा हो सकता है।

राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की है।



यह समिति केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का अध्ययन करेगी। इसके आधार पर राज्य कर्मचारियों के लिए नया पे-मैट्रिक्स तैयार होगा। विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार न्यूनतम मूल वेतन 41 हजार रुपए से अधिक हो सकता है।



राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बार फिर 8वें वेतन आयोग को लेकर अपडेट सामने आई है। रविवार को जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने विचार रखे।



उन्होंने राज्य में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की दिशा में बड़ी बात कही। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राज्य कर्मचारियों के वेतनमान से जुड़े सभी जटिल विषयों के अध्ययन के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।



समिति करेगी केंद्रीय सिफारिशों का अध्ययन

मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह समिति केंद्र सरकार के स्तर पर चल रहे 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का बारीक अध्ययन करेगी। केंद्रीय समिति की सिफारिशें आने के तुरंत बाद राजस्थान सरकार की समिति भी प्रदेश के वित्तीय ढांचे के अनुकूल एक नया पे-मैट्रिक्स और फिटमेंट फैक्टर तैयार करेगी। यह समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।



अभिनंदन समारोह में हुआ ऐलान

यह मौका राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी एवं सचिवालय कर्मचारी संघ द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सम्मान में आयोजित एक भव्य अभिनंदन समारोह का था। कर्मचारी संघ ने हाल ही में राज्य सरकार द्वारा पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव की समय-सीमा में 2 वर्ष की विशेष छूट देने और नए पदों के सृजन को मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।



इस दौरान मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नागरिक सर्वोपरि' विजन को ही उनकी सरकार ने राजस्थान के सुशासन और कार्य-संस्कृति का मुख्य आधार बनाया है।



उच्च स्तरीय समिति का काम क्या होगा

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की जाने वाली यह उच्च स्तरीय समिति मुख्य रूप से एक वित्तीय थिंक-टैंक के रूप में काम करेगी। यह समिति केंद्र सरकार द्वारा गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC – Central Pay Commission) के ड्राफ्ट और उसकी सिफारिशों का विस्तृत अध्ययन करेगी।



इसके साथ ही समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि नया वेतनमान लागू होने से राज्य के खजाने पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार को किस तरह संतुलित किया जाए। कर्मचारियों के पदों और वेतन ग्रेड के अनुसार एक नया पे-मैट्रिक्स भी डिजाइन किया जाएगा, जिससे मौजूदा विसंगतियां दूर हो सकें।



केंद्र में भी तेजी से चल रही प्रक्रिया

राजस्थान सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार के स्तर पर भी 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में इस आयोग का गठन कर दिया है।



इस आयोग में वरिष्ठ अधिकारी पंकज जैन को सदस्य-सचिव और प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है। केंद्र सरकार ने आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है।



31 जुलाई है डेटा जमा करने की समय सीमा

वेतन आयोग के काम को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए आयोग ने एक ऑनलाइन डेटा कलेक्शन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर सभी मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों से कर्मचारियों की वित्तीय और सेवा संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है।



हाल ही में आयोग ने इस ऑनलाइन डेटा को जमा करने की अंतिम समय-सीमा बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी है, ताकि किसी भी कर्मचारी का डेटा छूटने न पाए।



न्यूनतम वेतन 41 हजार पार होने की उम्मीद

वित्तीय और आर्थिक विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से लेकर 2.86 के बीच तय किया जा सकता है।



अगर इस फिटमेंट फैक्टर को कैबिनेट से मंजूरी मिलती है, तो सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन बढ़कर 41 हजार रुपए से अधिक हो सकता है। इसके साथ ही विभिन्न भत्तों और मकान किराया भत्ते में भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में बढ़ोतरी होगी।



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