पूर्व आईएएस पंवार के नेतृत्व में बनी समिति का कार्यकाल बढ़ा, अब सितंबर 2026 तक करेगी काम

Ashish Bhardwaj | Apr 30, 2026, 17:11 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में राज्य प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन सलाहकार समिति का कार्यकाल सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। पूर्व आईएएस ललित के. पंवार की अध्यक्षता में बनी इसी समिति की सिफारिश पर ही गहलोत राज में बने 9 जिले और तीन संभाग निरस्त कर दिए गए थे।

News In Short

  • प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन सलाहकार समिति का कार्यकाल बढ़ा।
  • पिछले साल अप्रैल में बनी यह समिति अब सितंबर तक करेगी काम।
  • समिति का गठन प्रशासनिक राजस्व इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर किया था।
  • इस समिति की सिफारिश पर ही गहलोत राज में बने 9 जिले निरस्त कर दिए थे।
  • इस समिति की कमान पूर्व आईएएस ललित के. पंवार के पास है।

News In Detail

Jaipur: राजस्थान के पूर्व आईएएस ललित के. पंवार की अध्यक्षता में बनी राज्य प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन सलाहकार समिति (SAU-RAC) का कार्यकाल 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इस समिति का गठन प्रशासनिक इकाइयों में सुधार को लेकर किया गया था। यह समिति राजस्व क्षेत्र में इकाइयों के पुनर्गठन से जुड़ी सिफारिशें तैयार करके राज्य सरकार को सौंपेगी।



कार्यकाल विस्तार की पृष्ठभूमि

​इस समिति का गठन अप्रैल 2025 में किया गया था। इसका कार्यकाल 31 मार्च, 2026 तक निर्धारित था। हालांकि, प्रशासनिक इकाइयों के जटिल ढांचे और विभिन्न विभागों के समन्वय की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने अब समिति का कार्यकाल सितंबर 2026 तक बढ़ाने का फैसला किया है।



रैशनलाइजेशन पर रहेगा विशेष जोर

​समिति को केवल नई इकाइयों के गठन या सीमाओं के निर्धारण तक ही सीमित नहीं रखा गया है। आदेश के अनुसार समिति अब प्रशासनिक राजस्व इकाइयों के दृष्टिकोण से अन्य सरकारी विभागों के कार्यालयों को तर्कसंगत (Rationalize) बनाने के लिए भी अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी।



आदेश के अनुसार ​इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और प्रशासनिक ढांचा अधिक सुव्यवस्थित और सुलभ हो सके। समिति यह देखेगी कि किस प्रकार विभिन्न विभागों के कार्यालयों का तालमेल राजस्व सीमाओं के साथ बेहतर बिठाया जा सकता है।



विभागों के बीच तालमेल जरूरी

इस महत्वपूर्ण समिति की कमान सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. ललित के. पंवार के हाथों में है। इनके साथ ही राजनारायण शर्मा के पास सदस्य सचिव की जिम्मेदारी है।



सूत्रों का मानना है कि राजस्थान जैसे भौगोलिक रूप से बड़े राज्य में प्रशासनिक इकाइयों का समय-समय पर पुनर्गठन और उनका 'रैशनलाइजेशन' अत्यंत आवश्यक है। पिछले कुछ वर्षों में नए जिलों और संभागों के गठन के बाद अब विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बिठाना सरकार की प्राथमिकता है। यह समिति अपनी रिपोर्ट के माध्यम से शासन को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।



पंवार की रिपोर्ट पर 9 जिले निरस्त हुए

पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश में 17 नए जिले और 3 संभाग बनाए थे। दिसंबर 2023 में प्रदेश में सरकार बदल गई तो भाजपा सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के नए जिलों के गठन के फैसले की समीक्षा के लिए एक कमेटी बनाई थी।



यह कमेटी पूर्व आईएएस ललित के. पंवार की अध्यक्षता में गठित हुई थी। इस कमेटी ने गहलोत सरकार में बनाए जिलों को रिव्यू करके अपनी रिपोर्ट भजनलाल सरकार को सौंपी। इस रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार मंत्रिमंडलीय उप समिति ने कई जिले हटाने की सिफारिश की। बाद में भाजपा सरकार ने 3 संभाग और 9 जिलों को निरस्त कर दिया था।



भाजपा में आ चुके हैं पंवार

वर्ष 1979 बैच के आईएएस अधिकारी रहे ललित के. पंवार कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। वे आरपीएससी के चेयरमैन भी रहे हैं। मूलरूप से बाड़मेर जिले के रहने वाले पंवार रिटायर होने के बाद अप्रैल 2024 में वे भाजपा में शामिल हो गए थे।



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