दीपावली पर प्रदेश में बढ़ गया वायु प्रदूषण, जयपुर सहित 5 बड़े शहरों में AQI 200 पार, करने होंगे इंतजाम
राजस्थान में वायु प्रदूषण का स्तर दीपावली से पहले ही तेजी से बढ़ चुका है। ठंड की शुरुआत और पटाखों से निकले धुएं ने वायुमंडल में PM2.5 और PM10 कणों की मात्रा कई गुना बढ़ा दी है। रविवार को छोटी दीपावली के दिन राजधानी सहित कई शहरों में AQI खराब श्रेणी में पहुंच गया।
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धौलपुर और भिवाड़ी सबसे प्रदूषित
रविवार सुबह के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, धौलपुर का AQI 234 दर्ज किया गया, जो गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों की श्रेणी में आता है। औद्योगिक नगरी भिवाड़ी का AQI 256 रहा, जबकि बीकानेर 252 और हनुमानगढ़ 221 के स्तर पर दर्ज हुआ।
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जयपुर में भी हवा खराब श्रेणी में
राजधानी जयपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार पहुंच गया। मानसरोवर क्षेत्र में PM2.5 और PM10 के स्तर 350+ तक दर्ज किए गए। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में आतिशबाजी के चलते हवा की गुणवत्ता और घट सकती है।
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GRAP-2 के तहत मुख्य प्रतिबंध
ग्रैप 2 के तहत डीजल जनरेटर के संचालन पर रोक रहेगी। वहीं प्राइवेट वाहनों के उपयोग को कम करने की सलाह दी गई है। पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा। नगर निकाय एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव करेंगे और कूड़ा जलाने पर सख्त रोक रहेगी।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों के अनुसार, 200+ AQI का अर्थ है कि हवा में मौजूद प्रदूषक, विशेषकर PM2.5, सांस और हृदय रोगों के मरीजों के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं। डॉक्टरों ने मास्क के उपयोग, घर से कम बाहर निकलने और मॉर्निंग वॉक टालने की सलाह दी है।
FAQ
- 1. दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण (Air Pollution) बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
दीपावली के समय पटाखों से निकलने वाला धुआं वातावरण में पहले से मौजूद धूल कणों और मौसम की ठंड के साथ मिलकर हवा को भारी बना देता है। हवा के स्थिर रहने और न जमने योग्य प्रदूषकों के कारण AQI तेजी से ऊपर जाता है। - 2. GRAP-2 लागू होने से आम नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा?
GRAP-2 के तहत डीजल जेनरेटर बंद रहेंगे, उद्योगों पर उत्सर्जन की निगरानी कड़ी होगी और वाहनों के उपयोग को सीमित किया जाएगा। साथ ही नगर निकाय सड़कों की सफाई और पानी के छिड़काव को बढ़ाएगा। - 3. स्वास्थ्य की रक्षा के लिए लोग क्या सावधानियां बरतें?
डॉक्टर एन-95 जैसे प्रभावी मास्क पहनने, घरों में एयर प्यूरिफायर के उपयोग और विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को सुबह बाहर निकलने से बचने की सलाह दे रहे हैं।