राजस्थान विधानसभा ने लॉन्च किया नया LOGO, असेंबली ने पूरे किए 75 साल

Ashish Bhardwaj | May 18, 2026, 19:54 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान विधानसभा के 75वें स्थापना दिवस पर नया लोगो लॉन्च किया गया है। इसके साथ ही विधानसभा के 13 दरवाजों के नाम भी पेश किए गए है। अशोक स्तंभ, खेजड़ी वृक्ष, ऊंट और गोडावण पक्षी किया शामिल

News In Short

  • राजस्थान विधानसभा ने 75वें स्थापना वर्ष पर नया लोगो लॉन्च किया।
  • कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने लोगो का अनावरण किया।
  • लोगो में अशोक स्तंभ, खेजड़ी वृक्ष, ऊंट और गोडावण पक्षी शामिल हैं।
  • विधानसभा भवन के 13 दरवाजों का नामकरण भी किया गया।
  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने की लोगो की सराहना।

News In Detail

राजस्थान विधानसभा ने अपने 75वें स्थापना वर्ष पर नया लोगो लॉन्च किया गया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने सोमवार 18 मई को विधानसभा के विधायक हॉल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में नए लोगो का अनावरण किया।



कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और अन्य विधायक व अधिकारी मौजूद रहे।



लोगो में राजस्थान की संस्कृति

स्पीकर वासुदेव देवनानी ने बताया कि नए लोगो में लोकतंत्र की मूल भावना और राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को समाहित किया गया है।



लोगो में अशोक स्तंभ को प्रमुख स्थान दिया गया है, जो न्याय, समानता और सबको साथ लेकर चलने का प्रतीक है। राज्य वृक्ष खेजड़ी, राज्य पशु ऊंट और राज्य पक्षी गोडावण को भी शामिल किया गया है, ताकि प्रदेश की पहचान और सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाया जा सके।



लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेश

लोगो में संस्कृत की पंक्ति “राष्ट्रीय धर्म निष्ठा विधायिका” को भी जगह दी गई है। वासुदेव देवनानी ने बताया कि इसका अर्थ है कि विधायिका राष्ट्रहित और धर्म आधारित कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करती है। यहां धर्म किसी संप्रदाय तक सीमित नहीं, बल्कि ज्ञान, कर्तव्य, समानता और नैतिक मूल्यों की अभिव्यक्ति है।



विधानसभा भवन के 13 दरवाजों का नामकरण

कार्यक्रम में विधानसभा भवन के 13 दरवाजों का नामकरण किया गया। पूर्व, पश्चिम और उत्तर दिशा के आधार पर पहचाने जाने वाले दरवाजों को राजस्थान के विभिन्न भौगोलिक और सांस्कृतिक अंचलों के नाम दिए गए।



बृज क्षेत्र (Brij Region) – भक्ति और सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक




शेखावाटी (Shekhawati) – कला और उद्यमशीलता का प्रतिनिधित्व




वागड़ (Vagad) – प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी चेतना




हाड़ौती (Hadoti) – साहित्यिक और स्थापत्य परंपरा




मारवाड़ (Marwar) – संघर्षशीलता




मेवाड़ (Mewar) – राष्ट्र गौरव और बलिदान




मेरवाड़ा (Merwara) – संत परंपरा




ढूंढाड़ (Dhundhar) – राजनीतिक और सांस्कृतिक ऊर्जा




विशेष प्रवेश द्वार (Special Entry Gates)



विधानसभा में दाखिल होने वाले दरवाजों को उनकी उपयोगिता के अनुसार नाम दिया गया:



राज्यपाल, अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के प्रवेश द्वार – कर्तव्य द्वार (Duty Gate)



आम जनता के लिए प्रवेश द्वार – शक्ति द्वार (Power Gate)



अधिकारियों के प्रवेश मार्ग – संकल्प द्वार (Resolution Gate)



विधायकों के प्रवेश मार्ग – सुशासन द्वार (Good Governance Gate)



विशिष्ट अतिथियों के प्रवेश मार्ग – शौर्य द्वार (Valor Gate)



नेता प्रतिपक्ष ने सराहा

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा के 75 साल में कई नियम-कानून और सवाल प्रदेश के विकास में मददगार रहे। उन्होंने नए लोगो में राजस्थान की विविध पहचान शामिल होने की सराहना की।



जूली ने कहा कि अलग-अलग बोली और वेशभूषा के बावजूद प्रदेश और देश के स्तर पर हम एक हैं और यही हमारी असली पहचान है।



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