राजस्थान विधानसभा में हो सकते हैं लोकसभा की तरह तीन सत्र, स्पीकर देवनानी की चाहत
राजस्थान विधानसभा में लोकसभा की तरह तीन सत्र हो सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इस तरह के संकेत दिए हैं। बताया जा रहा है कि इसके लिए देवनानी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बात कर चुके हैं। राजस्थान विधानसभा में अभी दो सत्र होते हैं। इस बार दूसरा सत्र सितंबर से शुरू होगा।
स्पीकर देवनानी ने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा के सितंबर सत्र से पहले हम एक और सत्र कराना चाहते हैं। इसके लिए सरकार बिजनेस लाए। इस संबंध में मैंने सीएम भजनलाल शर्मा से बात भी की है।
संविधान की प्रस्तावना की समीक्षा हो
संविधान की प्रस्तावना में जोड़े धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्द को लेकर विपक्ष के हमले पर देवनानी बोले कि मूल प्रस्तावना में ये दोनों शब्द नहीं थे। उसके बाद ये शब्द जोड़े गए। अब समय आ गया कि इनकी प्रस्तावना में समीक्षा अलग-अलग मंचों पर होनी चाहिए। इसके बाद निकले निष्कर्ष पर आगे बढ़ना चाहिए। देवनानी ने जोधपुर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के निवास पर जाकर उनके पिता के निधन पर संवेदनाएं जताईं।
यह खबरें भी पढ़ें...
राजस्थान में खुलेगा पहला गर्ल्स मिलिट्री स्कूल, व्यापारी ने दान की 100 करोड़ की प्रॉपर्टी!
राजस्थान समरावता थप्पड़कांड : आरोपी नरेश मीणा 8 महीने बाद आएंगे जेल से बाहर
लोकसभा में होते हैं तीन नियमित सत्र
गौरतलब है कि संसद में हर साल नियमित रूप से तीन लोकसभा सत्र होते हैं। बजट, मानसून व शीतकालीन सत्र। राजस्थान विधानसभा में अभी केवल बजट और शीत सत्र ही होता है। इस वर्ष 24 मार्च को बजट सत्रावसान हुआ। 6 माह में दूसरा विधानसभा सत्र आहूत करना होता है। इसके तहत सितंबर मध्य में सत्र होगा। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष इससे पहले एक सत्र करना चाहते हैं, जो संभवतः मानसून सत्र हो सकता है।
FAQ
- 1. राजस्थान विधानसभा में कितने सत्र होते हैं?
राजस्थान विधानसभा में अब तक दो सत्र होते थे, लेकिन अब यह संभावना है कि लोकसभा की तरह तीन सत्र हों, जिनमें बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र शामिल होंगे। - 2. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने क्या बयान दिया है?
वासुदेव देवनानी ने कहा कि वे सितंबर सत्र से पहले एक और सत्र कराने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से बातचीत की गई है। - 3. संविधान की प्रस्तावना में जोड़े गए शब्दों पर क्या कहा गया?
देवनानी ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद शब्द पहले नहीं थे, लेकिन अब समय आ गया है कि इन शब्दों की समीक्षा की जाए।
thesootr links
- मध्यप्रदेशकी खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔर एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧