9 बार असफल रही, फिर भी नहीं मानी हार, रिशिना शर्मा बनी वायुसेना की फ्लाइंग ऑफिसर

Ashish Bhardwaj | Mar 10, 2026, 14:08 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में बारां जिले की रिशिना शर्मा को वायुसेना में प्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव हासिल हुआ है। वह अपने जिले में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला है।

News In Short

  • राजस्थान में बारां जिले की रिशिना शर्मा बनी IAF फ्लाइंग ऑफिसर।
  • बारां के अलीपुर की रिशिना शर्मा को यह उपलब्धि सात मार्च को मिली।
  • पहले ही प्रयास में एसएसबी की लिखित परीक्षा और इंटरव्यू निकाला।
  • साइबर सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में भी कर चुकी है काम।
  • दिल्ली में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में किया गया है तैनात।

News In Detail

राजस्थान में बारां जिले के अलीपुर गांव की रहने वाली रिशिना शर्मा भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव हासिल हुआ है। उन्हें भारतीय वायुसेना की टेक्निकल ब्रांच में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में कमीशन किया गया है। यह उपलब्धि उन्होंने 7 मार्च को आयोजित पासिंग-आउट परेड के दौरान हासिल की।



हालांकि, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उनकी तैयारी का सफर 2022 में शुरू हो गया था। इस दौरान उन्हें नौ बार असफलताओं का सामना करना पड़ा। लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी। वह बारां जिले की यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली महिला बन गई हैं।



बचपन से था वर्दी पहनने का सपना

संयुक्त परिवार में पली-बढ़ीं रिशिना ने बताया कि वर्दी में देश सेवा करने का सपना उनके मन में बचपन से ही था। बचपन में गणतंत्र दिवस परेड देखकर उनके मन में सेना में जाने की इच्छा जागी थी। उन्होंने बताया कि उस समय लड़कियों के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में प्रवेश की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए उन्होंने कॉलेज में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) जॉइन किया और सी सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया।



दोस्तों की सलाह से शुरू की तैयारी

रिशिना ने बताया कि स्नातक के दूसरे वर्ष में दोस्तों की सलाह पर उन्होंने सीडीएस परीक्षा और एएफकैट परीक्षा की तैयारी शुरू की। स्नातक परीक्षा के बाद मैं पात्र हुई और पहले ही प्रयास में एसएसबी की लिखित परीक्षा पास कर ली। उसके बाद पांच दिन तक चलने वाले कठिन इंटरव्यू को भी सफलतापूर्वक पार कर लिया।



पढ़ाई और नौकरी का सफर

रिशिना शर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बारां के सेंट पॉल्स स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बेंगलूरु से 2018 से 2022 के बीच सूचना विज्ञान और इंजीनियरिंग में बीटेक किया। बीटेक के बाद उन्होंने दो साल तक एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में साइबर सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में भी काम किया।



वायुसेना में प्रशिक्षण और नई पोस्टिंग

सेवा चयन बोर्ड परीक्षा के जरिए फ्लाइंग ऑफिसर पद के लिए चयन होने के बाद रिशिना ने एयर फोर्स अकादमी, हैदराबाद में छह महीने का प्रारंभिक प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स टेक्निकल कॉलेज, जालाहल्ली में नौ महीने का तकनीकी प्रशिक्षण पूरा किया। फिलहाल उन्हें नई दिल्ली में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में तैनात किया गया है।



परिवार और जिले में खुशी का माहौल

रिशिना के पिता हरीश शर्मा राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड में सहायक अभियंता हैं, जबकि उनकी मां नेहा शर्मा एक सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वरिष्ठ अध्यापिका हैं। रिशिना की इस उपलब्धि के बाद अलीपुर गांव और पूरे बारां जिले में खुशी का माहौल है। उनके चाचा धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि परिवार इस उपलब्धि से उत्साहित है।



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