सरकारी स्कूलों में डेढ़ लाख शिक्षकों की होगी भर्ती, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया बड़ा ऐलान
News In Short
- राजस्थान में जल्द ही सरकारी स्कूलों में 1.50 लाख शिक्षकों की होगी भर्ती।
- शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब तक 30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी।
- मंत्री बोले, सरकार का मकसद स्कूलों में स्टाफ की कमी को पूरा करना।
- लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नो वर्क-नो पे की नीति।
- मंत्री के अनुसार गांवों में खेल मैदानों से हटेगा अतिक्रमण।
News In Detail
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जल्द ही 1.50 लाख नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इस मेगा भर्ती अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही स्टाफ की कमी को पूरी तरह समाप्त करना है।
कोटा में प्रधानाचार्यों के साथ सीधा संवाद करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के विरुद्ध नो वर्क-नो पे की नीति सख्ती से लागू की जाएगी।
संसाधनों का होगा विस्तार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार केवल स्कूलों को अपग्रेड ही नहीं कर रही, बल्कि उसी अनुपात में नए पद भी सृजित कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आगामी समय में 1.50 लाख रिक्त पदों को भरने का लक्ष्य है। सरकार की प्राथमिकता नए संकाय खोलने के बजाय वर्तमान में संचालित विद्यालयों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत नियुक्ति सुनिश्चित करना है, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को हर विषय का विशेषज्ञ शिक्षक मिल सके।
लापरवाह और नशा करने वाले शिक्षकों पर शिकंजा
शिक्षकों की सामाजिक गरिमा को बहाल करने के लिए मंत्री दिलावर ने कड़े रुख के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि नशा करने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है, क्योंकि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होता है। इसके साथ ही बीएलओ ड्यूटी या चुनाव कार्य का बहाना बनाकर स्कूल से नदारद रहने वाले शिक्षकों पर लगाम कसी जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय समय में अनुपस्थित रहने वाले ऐसे शिक्षकों का वेतन न बनाया जाए। उनकी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को भेजी जाए।
खेल मैदानों से हटेगा अतिक्रमण
ग्रामीण अंचल की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए स्कूलों के खेल मैदानों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मुहिम शुरू होगी। जिन स्कूलों में खेल मैदान उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए मैदान विकसित किए जाएंगे। अब शारीरिक शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। उन्हें प्रत्येक कक्षा में एक कक्षा अनिवार्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए लेना होगा। विद्यार्थियों के खेल प्रदर्शन के आधार पर ही अब पीटीआई की वार्षिक कार्य रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
एआई से पढ़ाई और सम्मानजनक नामकरण
राजस्थान शिक्षा विभाग अब आधुनिक तकनीक और संवेदनशीलता पर जोर दे रहा है। अर्जुनपुरा विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा विकसित किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोर्सेज की सराहना करते हुए मंत्री ने इसे अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणा बताया। इसके अतिरिक्त एक अनूठी पहल के तहत उन विद्यार्थियों के नाम बदले जाएंगे जो अनुचित या जातिसूचक हैं। सरकार इसके लिए 3,000 सम्मानजनक नामों की सूची जारी करेगी।
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