पीएमओ डॉ. मेघवाल का इस्तीफा, विधायक ने अस्पताल में आकर लगाई थी फटकार

Ashish Bhardwaj | Apr 12, 2026, 13:52 IST
Share
PMO
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में बारां के पीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार मेघवाल ने विधायक राधेश्याम बैरवा की फटकार से आहत होकर इस्तीफा दे दिया। पीएमओ ने कहा कि वह ​गालियां सुनने के लिए पद पर नहीं आए थे।

News In Short

  • राजस्थान में बारां के पीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार मेघवाल ने दिया इस्तीफा।
  • विधायक राधेश्याम बैरवा की फटकार से आहत थे पीएमओ मेघवाल।
  • पीएमओ ने कहा कि वह ​गालियां सुनने के लिए पद पर नहीं आए थे।
  • ​विधायक ने सफाई, अस्पताल में सफाई के लिए कहना दबाव कैसे हुआ।
  • पीएमओ के इस्तीफे से जनप्रतिनिधियों और लोक सेवकों के बीच फिर उभरी टकराहट।

News In Detail

​राजस्थान के बारां जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बारां जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. नरेंद्र कुमार मेघवाल ने विधायक राधेश्याम बैरवा की फटकार से आहत होकर पद से इस्तीफा दे दिया है। यह घटना सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों और लोक सेवकों के बीच टकराहट का बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना 9 अप्रैल की है। अंता-अटरू क्षेत्र के विधायक राधेश्याम बैरवा जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं विशेषकर सफाई और ओपीडी की लंबी कतारों को लेकर नाराजगी जाहिर की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस दौरान विधायक बैरवा ने डॉ. नरेंद्र कुमार मेघवाल को सार्वजनिक रूप से खरी-खोटी सुनाई।
​

डॉ. मेघवाल ने नवंबर 2024 में ही पीएमओ का पदभार ग्रहण किया था। वे विधायक के इस रवैये से इतने आहत हुए कि उन्होंने तुरंत अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सार्वजनिक सेवा के उद्देश्य से पद पर हैं, न कि अपमान सहने के लिए।

​गालियां सुनने के लिए पद नहीं संभाला

अपने इस्तीफे के साथ डॉ. नरेंद्र कुमार मेघवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि मैंने लोगों की सेवा करने के उद्देश्य से यह जिम्मेदारी संभाली थी। मेरा उद्देश्य मरीजों को बेहतर सुविधाएं देना है। लेकिन जिस तरह से विधायक महोदय ने व्यवहार किया, वह बर्दाश्त से बाहर है। मैं गालियां सुनने के लिए इस पद पर नहीं बैठा हूं। ​बताया जा रहा है कि विधायक बैरवा करीब 15 दिन पहले भी अस्पताल आए थे और तब भी उन्होंने ओपीडी की लाइनों को लेकर काफी नाराजगी जताई थी।

​विधायक बोले, सफाई के लिए कहना दबाव कैसे?

​दूसरी ओर, विधायक राधेश्याम बैरवा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से नकारते हुए इसे अपनी जिम्मेदारी बताया है। उनका कहना है कि वे केवल जनता के हितों की रक्षा कर रहे थे। विधायक ने कहा कि अस्पताल में सफाई की व्यवस्था पुख्ता करने के लिए कहना मेरा कर्तव्य है। यदि मरीजों को असुविधा हो रही है और मैं उसके खिलाफ बोलता हूँ, तो यह मेरा काम है। यदि किसी अधिकारी को व्यवस्था सुधारने की बात अपमान लगती है, तो इसमें मेरा क्या दोष?

इस्तीफे से कर्मचारियों में रोष

​बारां जिला अस्पताल में हुई इस घटना के बाद क्षेत्र के अन्य डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों में भी रोष देखा जा रहा है। चिकित्सा कर्मियों ने कहा है कि यदि डॉ. मेघवाल का इस्तीफा वापस नहीं होता या इस मामले में कोई बीच का रास्ता नहीं निकलता, तो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है। फिलहाल, प्रशासन इस मामले को शांत करने की कोशिशों में जुटा है।​

व्यवस्था बनाम स्वाभिमान की जंग

यह मामला राजस्थान की राजनीति और प्रशासन के बीच बड़े विमर्श का विषय बन गया है। एक तरफ विधायक का तर्क है कि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं और व्यवस्थाओं में सुधार चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर का तर्क है कि सुधार के नाम पर अधिकारियों का मानसिक उत्पीड़न और अपमानजनक भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है।

ये भी पढे़:-

सास के निधन पर पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल की जमानत अर्जी खारिज, SIT ने 12 घंटे तक दागे 125 सवाल

आखिर क्यों भजनलाल के किसान ज्ञान और वसुंधरा राजे के दर्द पर मचा घमासान, जानिए पूरा मामला

मेरे खिलाफ गहरी साजिश, बातों का निकाला गलत अर्थ, घमासान के बाद वसुंधरा राजे की सफाई

भजनलाल पर डोटासरा का वार, बोले- जिनके नाम एक बीघा खेती भी नहीं, वो किस आधार पर किसानों का उड़ा रहे मजाक

Tags:
  • राजस्थान
  • बारां
  • पीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार मेघवाल
  • विधायक राधेश्याम बैरवा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं