केंद्रीय विश्वविद्यालय में जल संकट, अब एक महीने चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं
ऐसे समझें पूरा मामला
- किशनगढ़ का केंद्रीय विश्वविद्यालय जूझ रहा पानी के संकट से।
- विश्वविद्यालय में 15 जुलाई से एक महीने चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं।
- विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा, इससे पानी की खपत में कमी आएगी।
- ऑनलाइन कक्षाओं से परिसर में जल संचय और प्रबंधन बेहतर हो सकेगा।
Ajmer: राजस्थान के किशनगढ़ में चल रहे केंद्रीय विश्वविद्यालय पर जल संकट का साया है। पानी की कमी के कारण 15 जुलाई से ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाएंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन कक्षाएं चलने से पानी की खपत में कमी आएगी। इससे आगे के महीनों के लिए जल संचय और प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।
पानी की होगी बचत
विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक आदेश में कहा कि मौसम विभाग ने इस वर्ष अल नीनो की स्थितियों के सक्रिय होने का संकेत दिया है। इसके कारण राजस्थान में सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका है।
ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर में उपलब्ध सीमित जल संसाधनों के उचित प्रबंधन के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का कदम उठाया है।
एक महीने तक घर से ही पढ़ाई करेंगे छात्र
विश्वविद्यालय के घोषित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार ऑड सेमेस्टर की शुरुआत 15 जुलाई से होने जा रही है।
तय कार्यक्रम के मुताबिक 15 जुलाई से लेकर 14 अगस्त तक छात्रों को परिसर में आने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने घरों से ही कक्षाओं में डिजिटल माध्यम से भाग ले सकेंगे।
प्रशासन का मानना है कि इस अवधि के दौरान परिसर में छात्रों की संख्या कम होने से पानी की खपत में भारी कमी आएगी। इससे आगामी महीनों के लिए जल संचय और प्रबंधन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।
शिक्षकों के लिए कड़े निर्देश
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकाय सदस्यों के लिए भी विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार जिन प्रोफेसरों और शिक्षकों की ग्रीष्मकालीन छुट्टी 14 जुलाई 2026 को समाप्त हो रही हैं, वे विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित होकर वहीं से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करेंगे।
दूसरी ओर, जिन संकाय सदस्यों की छुट्टियां 21 जुलाई तक हैं, उन्हें 21 जुलाई तक अपने वर्तमान स्थानों से ही ऑनलाइन कक्षाएं लेने की अनुमति दी गई है।
हालांकि, 21 जुलाई के बाद उन सभी को भी अनिवार्य रूप से विश्वविद्यालय परिसर में लौटकर शेष ऑनलाइन अवधि की कक्षाएं वहीं से संचालित करनी होंगी।
उपस्थिति पर रहेगा ध्यान
प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन मोड के दौरान भी शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सभी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक ऑनलाइन क्लास में छात्रों की उपस्थिति का पुख्ता रिकॉर्ड बनाए रखें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि बिना किसी रुकावट के शैक्षणिक कैलेंडर का पूरी तरह से पालन किया जाए।
ये खबर भी पढ़े:-
शिक्षा विभाग में बंपर तबादले, डेढ़ हजार से अधिक प्रिंसिपल इधर-उधर
GI टैग से मोजड़ी की ग्लोबल उड़ान, 100 करोड़ के बाजार को मिलेगी नई ऊंचाई
अब FIR में नहीं लिखा जाएगा दलित, नया आदेश हुआ जारी
पुलिस थाने से ही चोरी हो गई बुलेट, 12 दिन से केवल मिल रहे आश्वासन