मौत के बाद भी मधुमक्खियों ने नहीं छोड़ा पीछा, फिर पीपीई किट पहनकर किया अंतिम संस्कार, जानिए पूरा मामला

Ashish Bhardwaj | Mar 18, 2026, 18:21 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के पारसोली श्मशान में मधुमक्खियों के बार-बार हमला हुआ। स्थिति यह हो गई कि पीपीई किट पहनकर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करना पड़ा। मधुमक्खियों के हमले में ही इस बुजुर्ग की मौत हुई थी।

News In Short

  • राजस्थान में मुखाग्नि से पहले शमशान में मधुमक्खियों का हमला।
  • जिसकी अंत्येष्टि होनी थी, उसकी मौत भी मधुमक्खियों के हमले में हुई।
  • मधुमक्खियों के दोबारा हुए हमले में 1 बुजर्ग की मौत, 50 लोग घायल।
  • प्रशासन की मदद से मंगवाए पीपीई किट, फिर हुआ अंतिम संस्कार।
  • प्रशासन ने की क्षेत्र के लोगों को मधुमक्खियों से सतर्क रहने की अपील।

News In Detail

जागेश्वर प्रसाद @ जयपुर



राजस्थान में चित्तौड़गढ़ के बेगूं क्षेत्र के पारसोली श्मशान घाट में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। मधुमक्खियों ने एक बुजुर्ग का मौत के बाद भी पीछा नहीं छोड़ा। दरअसल, मधुमक्खियों के हमले में मारे गए जमनेश को शमशान पर जब मुखाग्नि देने का समय आया तो मधुमक्खियों ने फिर हमला बोल दिया। इससे श्मशान घाट में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इस हमले में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इलाज के दौरान एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। गौर करने वाली बात यह रही कि जिस बुजुर्ग की अंत्येष्टि की जानी थी, उसकी मौत भी मधुमक्खियों के हमले से हुई थी।



शमशान में दो दिन से आफत

घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को हुई थी, जब 80 वर्षीय जमनेश पर मधुमक्खियों ने हमला किया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई। दोपहर 12 बजे जब परिजन और ग्रामीण उनके अंतिम संस्कार के लिए श्मशान पहुंचे तो फिर आफत आ गई।



मुखाग्नि से पहले फिर हमला

जैसे ही अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी हुईं और मुखाग्नि देने का वक्त आया, उसी समय मधुमक्खियों के झुंड ने वहां मौजूद लोगों पर फिर हमला कर दिया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।



कोई झाड़ियों में छिपा तो कोई पेड़ों की ओट में। 40-50 लोग घायल हो गए। इनमें से कई को हल्की चोटें आईं। कुछ की हालत गंभीर बताई गई। हमले में घायल 5 लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान भवानी शंकर (75) की मौत हो गई।



PPE किट में विदाई

हालात इतने बेकाबू थे कि प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। उपखंड अधिकारी अंकित सामरिया और तहसीलदार गोपाल जीनगर मौके पर पहुंचे। चूंकि मधुमक्खियां अभी भी वहां मंडरा रही थीं, इसलिए चिकित्सा विभाग की मदद से पीपीई किट मंगवाए गए। अंततः कुछ लोगों को पीपीई किट पहनाकर श्मशान भेजा गया, जिन्होंने पूरी सुरक्षा के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की।



घायलों का चल रहा उपचार

इस हमले में घायल हुए अन्य ग्रामीणों का इलाज पारसोली और चित्तौड़गढ़ के अस्पतालों में जारी है। प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने और श्मशान घाट के आसपास सावधानी बरतने की अपील की है।



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