बदला सीएमओ का पूरा चेहरा, जानिए जितेंद्र, मुकुल और अमिता की कैसे हुई एंट्री
News In Short
- 65 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची में सीएमओ का चेहरा बदला।
- सीएमओ में हुए फेरबदल में एसीएस अखिल अरोड़ा की पसंद चली।
- जयपुर कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी को मिला परफार्मेंस का फायदा।
- वेदांता से करीबी होने पर अरविंद कुमार पोसवाल को सीएमओ से हटाया।
- मुकुल शर्मा का मंत्री से विवाद, फिर भी सीएमओ में हो गई एंट्री।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान में 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले से सीएमओ में व्यापक फेरबदल हो गया। 12 दिन के बाद ही आई इस दूसरी तबादला सूची में सीएमओ को एक तरह से री-डिजाइन किया गया है। सीएम भजनलाल ने लगभग ढ़ाई साल बाद सीएमओ और सचिवालय के बीच पावर बैलेंसिंग का काम किया।
इसी 20 मार्च को 25 आईएएस अधिकारियों के तबादलों में एसीएस अखिल अरोड़ा को पावरफुल किया गया था। उन्हें पीएचईडी का अतिरिक्त प्रभार वापस लेकर सीएमओ की पूरी जिम्मेदारी दी गई। अखिल अरोड़ा अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री काल में भी पावरफुल थे। वे भजनलाल सरकार में भी अधिक पावरफुल बनकर उभरे हैं। सूत्रों का कहना है कि सीएमओ की ब्यूरोक्रेसी में हुए बदलाव में भी अरोड़ा की पसंद चली है। उन्होंने सीएमओ में अपनी पसंद की टीम बनाई है।
सोनी को गुड बुक में होने का फायदा
दूसरी तबादला सूची की खासियत यह भी है कि जयपुर आईएएस जितेंद्र कुमार सोनी को सीएमओ में सचिव के पद पर लाया गया है। आईएएस सोनी को जयपुर कलेक्टर पद पर रहते हुए दो साल पूरे हो गए थे। हाल ही में उन्हें राजस्थानी भाषा का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला है। उनकी गिनती नवाचार वाले अधिकारियों में है। वे सीएम भजनलाल के साथ ही एसीएस अखिल अरोड़ा की नजरों में भी चढ़े हुए थे। सोनी के सीएमओ में आने के बाद विशिष्ट सचिव संदेश नायक को जयपुर कलेक्टर बनाकर इनाम दिया गया है।
पोसवाल सीएमओ से बाहर, घटा दी पावर
आईएएस अरविंद कुमार पोसवाल को सीएमओ से बाहर किया गया है। सूत्रों के अनुसार पोसवाल वेदांता ग्रुप से करीबी संबंधों को लेकर चर्चा में थे। हालांकि, उन्हें आवासन मंडल में आयुक्त बनाया गया है। कहा जा रहा है कि उनकी पावर कमजोर की गई है।
मंत्री से विवाद, फिर भी सीएमओ में
सबसे अधिक हैरानी सीकर आईएएस मुकुल शर्मा की सीएमओ में एंट्री को लेकर है। उन्हें सीएमओ में विशिष्ट सचिव बनाया गया है। सीकर कलेक्टर के दौरान एक शिविर में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा उन पर जमकर नाराज हो गए थे। मंत्री ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था-इन चोरों को प्रोटेक्शन देने की जरूरत नहीं है कलेक्टर साहब। आज के बाद वे भी सीकर नहीं आएंगे।
इस विवाद के बाद माना जा रहा था कि मुकुल शर्मा को किनारे किया जाएगा, लेकिन सरकार ने उन्हें सीएमओ में विशिष्ट सचिव बनाकर सभी को चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि मुकुल शर्मा एसीएस अरोड़ा के सचिवालय नियुक्ति के समय से ही करीबी रहे हैं। मुकुल की जगह आशीष मोदी सीकर के नए कलेक्टर होंगे, जो पहले पेंशन लाभार्थियों को नोटिस देने के मामले में चर्चा में रहे थे।
अमिता और रिया डाबी का कद बढ़ा
वित्त संयुक्त सचिव अमिता शर्मा को भी सीएमओ में संयुक्त सचिव बनाया गया है। वे लेखा सेवा से आईएएस अधिकारी बनी हैं। सूत्रों के अनुसार अमिता का चयन उनकी वित्त मामले में अच्छी परफार्मेंस को देखते हुए किया गया है।
इसी तरह बाड़मेर की चर्चित कलेक्टर टीना डाबी की बहन रिया डाबी को उदयपुर जिला परिषद के सीईओ से हटाकर सीएमओ में एसओडी पदस्थ किया गया है। रिया की परफार्मेंस को देखते हुए उन्हें सीएमओ लाया गया है। 2023 बैच के तीन यंग आईएएस अधिकारियों रजत यादव, अक्षत कुमार सिंह और गरिमा नरूला को भी सीएमओ में ओएसडी लगाया गया है।
टीना डाबी को छोटे जिले की कमान
इस सूची में टीना डाबी का ग्राफ गिरा है। उन्हें बाड़मेर से हटाकर टोंक जैसे छोटे जिले की कमान दी गई थी। टीना डाबी बाड़मेर में जल जीवन मिशन के आंकड़ों को लेकर विवादों में आ गई थी। बाड़मेर में उनके कार्यकाल में यह विवाद भी सामने आया कि रीलबाज कलेक्टर कहने पर पुलिस ने कुछ लड़कियों को थाने में बैठा दिया था। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। टीना डाबी की जगह चिन्मयी गोपाल को बाड़मेर कलेक्टर बनाया गया है। वे अजमेर में टेंडर विवाद को लेकर चर्चा में थीं।
सांसद से अनबन पर अंजलि को हटाया
इस फेरबदल में प्रतापगढ़ कलेक्टर अंजलि राजौरिया का नाम भी है। अंजलि और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच का विवाद लोकसभा में गूंजा था। सांसद रावत ने शून्यकाल में आरोप लगाया था कि कलेक्टर ने विकास कार्यों को व्यक्तिगत अहंकार के कारण रोक रखा है। डीएमएफ के 54 स्वीकृत कार्यों में से केवल 3 को ही आगे बढ़ाया गया। सरकार ने अब अंजलि राजोरिया को कलेक्टर पद से हटाकर गृह विभाग में संयुक्त सचिव लगाया है। उनकी जगह आईएएस शुभम चौधरी को प्रतापगढ़ का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
विवादों में रहे प्रताप सिंह
इसी तरह जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह को भी पद से हाथ धोना पड़ा है। उनके खिलाफ आरएएस एसोसिएशन ने मोर्चा खोल रखा था। आरोप था कि वे अधीनस्थ अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और नियमों के विरुद्ध काम करने का दबाव बनाते हैं। पोकरण के पूर्व एसडीएम प्रभजोत सिंह गिल ने तो उन पर सूदखोरों और सोलर कंपनियों को फायदा पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए थे। अब प्रताप सिंह को कलेक्टर पद से हटाकर वित्त विभाग में भेज दिया गया है।
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