सत्र के पहले दिन कांग्रेस का प्रदर्शन, डिप्टी CM और मंत्री खर्रा ने साधा निशाना
समझें क्या है पूरा मामला
- विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन, गेट नंबर 6 पर धरना, पैदल मार्च।
- डिप्टी CM बैरवा बोले- सदन में आना चाहिए था विपक्ष, बाहर प्रदर्शन से नहीं मिलेगा समाधान।
- झाबर सिंह खर्रा का कांग्रेस पर तीखा हमला- मातृभूमि से नहीं, सत्ता से है प्यार।
- कांग्रेस ने स्कूलों में मीडिया बैन और शिक्षा मुद्दों पर निकाला मार्च, पुलिस ने रोका।
- गोविंद सिंह डोटासरा बोले- गेट नंबर 6 पर ताले लगाकर रोका, तानाशाही का आरोप।
राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार को जमकर सियासत गरमाई। कांग्रेस ने स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन, शिक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला।
विधानसभा गेट नंबर 6 पर पहुंचने पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर विधायकों को रोका, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसके बाद सदन की कार्यवाही 21 मिनट में स्थगित कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम पर डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा और मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
कांग्रेस का प्रदर्शन क्यों?
कांग्रेस का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से दो मुद्दों पर था:
स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन: शिक्षा विभाग के इस फैसले को कांग्रेस ने अलोकतांत्रिक बताया।
शिक्षा व्यवस्था: विपक्ष ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग करते हुए स्कूलों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को उठाया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने मार्च निकाला। विधानसभा गेट पर पुलिस ने उन्हें रोका, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, टीकाराम जूली और हरीश चौधरी समेत कई नेता धरने पर बैठ गए।
डिप्टी CM ने क्या कहा?
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने विपक्ष के इस रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को सदन में आना चाहिए था और अपनी बात रखनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि आज विधानसभा चल रही थी और वे नहीं आए, यह खेद की बात है। बैरवा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार भी जताया, क्योंकि उन्होंने रक्षाबंधन पर महिलाओं को 2 दिनों के लिए बसों में निशुल्क सफर की छूट दी है।
झाबर सिंह खर्रा ने क्या कहा?
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्वच्छ लोकतंत्र का तकाजा है कि आप अपनी बात सदन में शालीनता से रखें, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं करना चाहती।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियों और वंदे मातरम् के प्रति उनके रवैये से साफ है कि उन्हें मातृभूमि से नहीं, सिर्फ सत्ता में रहने से प्यार है।
विधानसभा गेट विवाद
गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि उन्हें विधानसभा के गेट नंबर 6 पर ताले लगाकर अंदर नहीं जाने दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वे इसी गेट से जाते रहे हैं और आज अचानक रोका गया, जो तानाशाही है। उन्होंने कहा कि अगर अंदर नहीं जाने दिया गया तो वे बाहर ही बैठेंगे।
अब क्या होगा?
सदन की कार्यवाही शुक्रवार 11 बजे तक स्थगित कर दी गई है। कांग्रेस ने अपना धरना समाप्त कर दिया है, लेकिन आगामी दिनों में भी इसी तरह के प्रदर्शन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के आसार बने हुए हैं।
FAQ
- कांग्रेस ने विधानसभा के बाहर धरना क्यों दिया?
कांग्रेस ने स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन, शिक्षा व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने गेट नंबर 6 पर प्रवेश से रोके जाने को भी मुद्दा बनाया। - डिप्टी CM प्रेम चंद बैरवा ने विपक्ष पर क्या टिप्पणी की?
डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि विपक्ष को सदन में आना चाहिए था और अपनी बात रखनी चाहिए थी, बाहर प्रदर्शन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। - झाबर सिंह खर्रा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि कांग्रेस को मातृभूमि से प्यार नहीं है, उन्हें सिर्फ सत्ता में रहने से प्यार है और वे लोकतांत्रिक तरीके से सदन में अपनी बात नहीं रखना चाहते।
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