दूल्हा रहेगा क्लीन शेव, अफीम-शराब परोसी तो शादी से भूखे लौटेंगे मेहमान
News In Short
- गुर्जर महापंचायत में समाज को दिशा देने के लिए कई अहम फैसले।
- विवाह के दौरान दूल्हा बनेगा क्लीन शेव, दाढ़ी बढ़ाई तो नो शादी।
- बिंदौली (निकासी) में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध, पहरवानी के लिए बजट फिक्स।
- शादी में अफीम-शराब की मनुहार की तो भूखे पेट लौट जाएगी बारात।
- मृत्युभोज के मेन्यू में सिर्फ लापसी, नहीं होगा फिजूलखर्ची।
News In Detail
मुकेश सोनी@पाली
आज के आधुनिक दौर में जहां शादियां और सामाजिक आयोजन दिखावे और फिजूलखर्ची की भेंट चढ़ते जा रहे हैं, वहीं राजस्थान के गुर्जर समाज ने ऐसी अनूठी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में है।
सोजत क्षेत्र के देवडूंगरी स्थित भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित गुर्जर महापंचायत में समाज को एक नई दिशा देने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। इस महापंचायत में पाली, जोधपुर, ब्यावर, जालोर और नागौर जिलों से बड़ी संख्या में समाजबंधु, पंच-पटेल और दिग्गज पदाधिकारी शामिल हुए। सबने एक सुर में माना कि कुरीतियों को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।
दूल्हा बनेगा क्लीन शेव, दाढ़ी बढ़ाई तो नो शादी
शादियों में आजकल युवाओं के बीच भारी-भरकम दाढ़ी (बियर्ड) रखने का जबरदस्त क्रेज है। लेकिन देवडूंगरी महापंचायत ने इस पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है।
अब गुर्जर समाज के दूल्हे का विवाह के समय क्लीन शेव रहना अनिवार्य होगा। दाढ़ी बढ़ाकर शादी की रस्में निभाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
पहरावनी का बजट फिक्स
शादियों में लाखों रुपए पानी की तरह बहाने की परंपरा पर चोट करते हुए महापंचायत ने बिंदौली (निकासी) में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
साथ ही दिखावे को खत्म करने के लिए पहरावनी (मायरा/रस्म) में खर्च की अधिकतम सीमा 21,000 रुपए तय कर दी गई है।
अफीम-शराब की मनुहार की तो भूखे पेट लौट जाएगी बारात
पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में मेहमाननवाजी के नाम पर डोडा, अफीम और शराब परोसने का चलन रहा है। महापंचायत ने नशीले पदार्थों की मनुहार पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है।
इतना ही नहीं, यह सख्त नियम भी बनाया गया है कि यदि किसी भी आयोजन में नशा परोसा गया, तो समाज के लोग वहां भोजन ग्रहण नहीं करेंगे और कार्यक्रम का सामूहिक बहिष्कार कर देंगे।
नियम तोड़ा तो 2.51 लाख का जुर्माना
इन नियमों को केवल कागजी नहीं, बल्कि असरदार बनाने के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। महापंचायत में सर्वसम्मति से तय हुआ कि जो भी व्यक्ति इन नियमों की अवहेलना करेगा या इन्हें तोड़ेगा, उस पर 2,51,000 (ढाई लाख से अधिक) रुपए तक का आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
मृत्युभोज के मेन्यू में सिर्फ लापसी
महापंचायत में बाल विवाह और मृत्युभोज जैसी सदियों पुरानी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
मृत्युभोज को पूरी तरह सादगीपूर्ण बनाने के लिए फैसला लिया गया। अब समाज में 12वें के कार्यक्रम में केवल सादा भोजन बनेगा और मिठाई के नाम पर सिर्फ पारंपरिक 'लापसी' ही परोसी जाएगी, ताकि गरीब परिवारों पर कर्ज का बोझ न बढ़े।
शिक्षा और रोजगार पर फोकस:
पंच-पटेलों ने समाज के युवाओं को फिजूलखर्ची से बचाकर उस पैसे को शिक्षा, रोजगार और समाज के जरूरतमंद परिवारों की सहायता में लगाने का पुरजोर आह्वान किया।
महापंचायत में मौजूद सभी पंच-पटेलों, वरिष्ठजनों और समाजबंधुओं ने हाथ उठाकर इन फैसलों का पुरजोर समर्थन किया।
सबसे खास बात यह है कि ये क्रांतिकारी नियम पाली, जोधपुर, ब्यावर, जालोर और नागौर जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
ये भी पढे़:-
जयपुर में 2200 करोड़ की जमीन पर बुलडोजर का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने हटाई रोक
जयपुर में खुला हजारों साल पुरानी वस्तुओं का हाईटेक संसार, इसे देखकर आप भी हो जाएंगे रोमांचित
राजस्थान में RGHS व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी, पुराने मोड पर चलाने से हो रहा नुकसान
सरिस्का में बाघों का कुनबा आ रहा आबादी के करीब, इंसानी टकराव टालने के लिए जारी एडवाइजरी