राजस्थान में RGHS व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी, पुराने मोड पर चलाने से हो रहा नुकसान

Jageshwar prasad | May 18, 2026, 17:33 IST
Share
Ashish Bhardwaj - 2026-05-18T173008.088
Photograph: (the sootr)

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार अब RGHS को इंश्योरेंस मॉडल पर ले जाने की तैयारी कर रही है।

News In Short

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की तर्ज पर अब RGHS की भी तैयारी।
  • RGHS को अब MAA के सामान इंश्योरेंस मोड पर चलाने पर विचार हो रहा है।
  • मंत्री के अनुसार, पहले इस योजना से करीब 4,000 करोड़ रुपए का घाटा हुआ।
  • चिकित्सा विभाग के अंतर्गत आने के बाद करीब 800 करोड़ रुपए की बचत।
  • जांच में सामने आया कि प्रिस्क्रिप्शनपर लोग हेयर ऑयल और दंत मंजन उठा रहे थे।

News In Detail

राजस्थान (Rajasthan) के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाली कैशलेस इलाज की सुविधा आरजीएचएस (RGHS) में आने वाले दिनों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। राज्य के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने साफ संकेत दिए हैं कि टैक्सपेयर्स के पैसे का दुरुपयोग रोकने के लिए इस पूरी योजना के मौजूदा ढांचे को बदला जाएगा।

दवाओं के नाम पर आ रहा था कॉस्मेटिक का सामान

चिकित्सा मंत्री ने योजना में चल रही गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा करते हुए कहा कि इतने सालों से सिस्टम पूरी तरह बिगड़ा हुआ था। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि लोग डॉक्टरों के पर्चों की आड़ में दवाइयों के बजाय हेयर ऑयल (बालों का तेल) और दंत मंजन जैसी गैर-मेडिकल चीजें भी धड़ल्ले से ले रहे थे। इस तरह की फिजूलखर्ची और धांधली के कारण सरकार को शुरुआत में करीब 4,000 करोड़ रुपए का भारी-भरकम वित्तीय घाटा उठाना पड़ रहा था।

हालांकि, जब से यह योजना चिकित्सा विभाग के सीधे नियंत्रण में आई है, तब से कड़े नियम लागू कर करीब 800 करोड़ रुपए की सरकारी पैसे की बचत की जा चुकी है।

MAA योजना की तर्ज पर काम करेगा नया मॉडल

मंत्री खींवसर ने कहा कि इस घाटे और गड़बड़ी को स्थाई रूप से रोकने के लिए आरजीएचएस को इंश्योरेंस मॉडल पर शिफ्ट करना ही सबसे व्यावहारिक और अंतिम विकल्प बचा है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) का उदाहरण दिया, जो इसी मॉडल पर सफलतापूर्वक चल रही है।

योजना में एम्पनेल्ड (सूचीबद्ध) अस्पताल, मरीज (कर्मचारी) और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस एजेंसी, तीनों मिलकर एक पारदर्शी नेटवर्क की तरह काम करेंगे। इसके तहत आयुष पोर्टल के जरिए मरीज देश के किसी भी लिस्टेड डॉक्टर या अस्पताल में इलाज कराने के लिए स्वतंत्र होंगे और उन्हें केवल सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच टकराव के आसार

सरकार भले ही इसे घाटा कम करने का अचूक नुस्खा मान रही हो, लेकिन कर्मचारियों को यह फैसला रास नहीं आ रहा है। पिछले दिनों चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इस संबंध में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की थी।

कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस जनकल्याणकारी योजना को निजी इंश्योरेंस कंपनियों के हाथों में नहीं सौंपा जाना चाहिए, क्योंकि कंपनियां बाद में क्लेम पास करने में कर्मचारियों को परेशान करेंगी। फिलहाल विभाग इस गतिरोध को दूर करने और कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में जुटा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

चिकित्सा मंत्री के अनुसार RGHS में क्या मुख्य गड़बड़ियां पाई गईं?

चिकित्सा मंत्री के अनुसार, योजना में भारी वित्तीय अनियमितताएं थीं, जहां लोग दवाओं के मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन का गलत इस्तेमाल कर हेयर ऑयल और दंत मंजन जैसी कॉस्मेटिक सामग्री उठा रहे थे।

सरकार RGHS को किस नए मॉडल पर ले जाने की योजना बना रही है?

सरकार इसे वर्तमान सरकारी ट्रस्ट मॉडल से हटाकर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) की तर्ज पर इंश्योरेंस मॉडल पर ले जाने की योजना बना रही है।

इस नए इंश्योरेंस मॉडल का कर्मचारी संगठन क्यों विरोध कर रहे हैं?

कर्मचारी संगठनों का मानना है कि योजना को इंश्योरेंस कंपनियों के हवाले करने से कर्मचारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज के क्लेम अप्रूवल और अन्य तकनीकी नियमों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें:-

सरिस्का में बाघों का कुनबा आ रहा आबादी के करीब, इंसानी टकराव टालने के लिए जारी एडवाइजरी

काला हिरण शिकार केस में सलमान खान के वकीलों ने हाई कोर्ट से मांगा समय, अब 13 जुलाई को सुनवाई

पता नहीं, आज के टीकाराम सीएम बनेंगे या नहीं, राज्यपाल ने आखिर ऐसा क्यों कहा?

सर्राफा बाजार में अनोखा प्रदर्शन, सुनारों ने दुकानों पर बेची झालमुड़ी

Tags:
  • कैशलेस इलाज
  • maa
  • आरजीएचएस
  • चिकित्सा विभाग
  • चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर
  • RGHS
  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा