राजस्थान में सीमापार से आ रहे ड्रोन, युवाओं की नसों में भर रहे नशे का जहर

Nitin Kumar Bhal | Jul 14, 2025, 12:47 IST
Photograph: (The Sootr)
राजस्थान में सीमापार से ड्रोन से हेरोइन तस्करी बढ़ रही है, जिससे युवाओं में नशे की लत और ओवरडोज की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस की मुहिम के बावजूद नशीली दवाओं की तस्करी जारी है।

राजस्थान (Rajasthan) का श्रीगंगानगर जिला तेजी से नशे के गढ़ में बदलता जा रहा है। जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा (Indo-Pak Border) से ड्रोन (Drone) के माध्यम से हेरोइन की तस्करी (Heroin Drug Smaggling) की जा रही है। इसके अलावा, पंजाब की सीमा से भी यह हेरोइन युवाओं की नसों में ओवरडोज के रूप में जा रही है।



किस आयुवर्ग का युवा नशे का अधिक शिकार है?

सिर्फ ड्रग्स की तस्करी ही नहीं, बल्कि युवाओं के बीच हेरोइन के इंजेक्शन लगाने की आदत भी बढ़ रही है। 17 से 30 साल की आयु वर्ग में यह प्रवृत्ति सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। पिछले एक साल में 300 युवाओं की जांच के दौरान यह साबित हुआ कि उनमें से अधिकतर हेरोइन का इंजेक्शन लेते थे। हर चार दिन में एक युवा ओवरडोज के कारण अपनी जान गंवा रहा है।



अल कायदा ने किया राजस्थान से गए जनरल मैनेजर समेत तीन भारतीयों का अफ्रीकी देश माली में अपहरण



पुलिस का रिकॉर्ड और आंकड़े क्या कहते हैं?

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी 2020 से मई 2025 तक नशे की दवाइयों की तस्करी के 316 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 17 लाख 67 हजार 655 गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए हैं, और 730 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसी अवधि में 389 करोड़ रुपए के मादक पदार्थों और नशीली दवाओं को पकड़ा गया है, जिसमें 902 प्रकरण दर्ज किए गए और 1337 लोगों को गिरफ्तार किया गया।



राजस्थान : जल जीवन मिशन में बड़ा घोटाला, कर दिया 150 करोड़ का फर्जी भुगतान



ड्रोन से तस्करी की कितनी हेरोइन बरामद की गई?

श्रीगंगानगर पुलिस ने आठ वर्षों में पाकिस्तानी ड्रोन से आई 70 किलो 769 ग्राम हेरोइन बरामद की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 353 करोड़ 39 लाख 50 हजार रुपये है। पुलिस ने इस तस्करी के मामले में 58 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ड्रोन से हेरोइन की डिलीवरी लेने के लिए जिम्मेदार थे।



Big Expose | राजस्थान में 'दीया' तले अंधेरा, जल्द देखिए बड़ा खुलासा | The Sootr Special



ड्रोन से हेरोइन की तस्करी का आंकड़ा

वर्षमात्रा (किलो)कीमत (करोड़ रुपए में)
201702.0010.00
202009.0045.00
202101.4015.20
202211.4055.20
202319.1695.80
202423.47117.38
2025 (मई तक)05.1025.50
कुल70.679 किलो353.39 करोड़ रुपए

जानें ... हेरोइन क्या होती है?

  • हेरोइन एक अवैध और अत्यधिक नशीला पदार्थ है, जो मॉर्फिन से प्राप्त होता है।
  • मॉर्फिन एक प्राकृतिक पदार्थ है, जो अफीम के पौधों की फलियों से निकाला जाता है।
  • हेरोइन आमतौर पर सफेद या भूरे रंग के पाउडर के रूप में बेचा जाता है, जिसे चीनी, स्टार्च, दूध पाउडर या कुनैन के साथ मिलाया जाता है।
  • शुद्ध हेरोइन एक कड़वे स्वाद वाला सफेद पाउडर होता है।
  • शुद्ध हेरोइन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका और कुछ हद तक दक्षिण-पूर्व एशिया से आता है, और अमेरिका के मिसिसिपी नदी के पूर्वी हिस्से में अधिक पाया जाता है।
  • "ब्लैक टार" हेरोइन टार की तरह चिपचिपी या कोयले जैसी सख्त होती है और मुख्य रूप से मेक्सिको में उत्पादित होती है।


FAQ

  1. 1. श्रीगंगानगर में ड्रोन से हेरोइन तस्करी कब से हो रही है?
    उत्तर: श्रीगंगानगर में ड्रोन से हेरोइन तस्करी 2017 से हो रही है, और यह लगातार बढ़ रही है।
  2. 2. पुलिस ने अब तक कितनी हेरोइन बरामद की है?
    उत्तर: पुलिस ने आठ वर्षों में लगभग 70 किलो 769 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 353 करोड़ रुपये है।
  3. 3. श्रीगंगानगर पुलिस का नशे के खिलाफ क्या अभियान है?
    उत्तर: श्रीगंगानगर पुलिस ने 'सीमा संकल्प अभियान' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य जिले को नशा मुक्त बनाना है।

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें



📢🔃 🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



thesootr links



द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



पाक ड्रोन से हेरोइन तस्करी ड्रोन तस्करी



Tags:
  • पाक ड्रोन से हेरोइन तस्करी
  • ड्रोन तस्करी
  • हेरोइन तस्करी