सीईटी परीक्षा को लेकर अनिश्चितता का माहौल, फरवरी में नहीं होगा इम्तिहान, 18 लाख युवाओं का भविष्य दांव पर

Kamlesh Keshote | Dec 18, 2025, 17:36 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में सीईटी परीक्षा को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। राज्य सरकार ने संशोधित नियम अब तक बोर्ड को नहीं भेजे हैं। इससे 18 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ सकता है। सीईटी परीक्षा के फरवरी में आयोजन को लेकर मुश्किलें बढ़ गई है।

Jaipur. राजस्थान में समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) को लेकर असमंजस लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार ने जो नियमों में संशोधन प्रस्तावित किए थे। वे अब तक कर्मचारी चयन बोर्ड को नहीं भेजे जा सके हैं। इस वजह से फरवरी में प्रस्तावित सीईटी परीक्षा का आयोजन मुश्किल माना जा रहा है। इसका सीधा असर लगभग 18 लाख अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। जो सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अपनी पात्रता की जांच करने के लिए इस परीक्षा पर निर्भर हैं।



कूनो से आया चीता : राजस्थान में बना ली अपनी टेरिटरी, मध्य प्रदेश अपना चीता फिर वापस ले गया



कर्मचारी चयन बोर्ड का प्रस्ताव

कर्मचारी चयन बोर्ड ने पहले ही स्नातक स्तर की सीईटी को 20 से 22 फरवरी के बीच और सीनियर सेकेंडरी स्तर की परीक्षा 8 से 10 मार्च के बीच आयोजित करने का प्रस्ताव किया था। हालांकि, फरवरी में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं भी संभावित हैं। जिससे परीक्षा तिथियों के टकराव का खतरा है और व्यावहारिक चुनौतियां बढ़ गई हैं।



रिपोर्ट कार्ड : राजस्थान सरकार के 2 साल पूरे, CM भजनलाल शर्मा ने लगाई दावों की झड़ी, योजनाएं गिनवाईं



संशोधित नियमों का बोर्ड तक न पहुंचना

सरकार ने सीईटी 2026 के लिए पात्रता और वैधता अवधि में बदलाव की घोषणा की थी। लेकिन ये संशोधित नियम अब तक कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजे नहीं गए हैं। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि जब तक इन नियमों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलते। तब तक परीक्षा आयोजन को लेकर कोई ठोस निर्णय लेना मुश्किल होगा। बिना सही दिशा-निर्देश के परीक्षा कराना जोखिम भरा हो सकता है।



Weather Update: राजस्थान में धीरे-धीरे बढ़ रही ठंड, दिन में खिली धूप, रात में कड़ाके की सर्दी, शीतलहर नहीं



तांत्रिक की प्रेम कहानी से जुड़ा है राजस्थान का भानगढ़ किला, एक श्राप से आज तक पड़ा है वीरान



पात्रता की समय-सीमा पर असर

यदि समय रहते इन नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया गया और बोर्ड तक नहीं भेजा गया, तो परीक्षा को स्थगित करना पड़ सकता है। इसका सीधा असर पात्रता की समय-सीमा पर पड़ेगा। जिससे आने वाली भर्तियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह कब तक संशोधित नियमों की घोषणा करती है और इस असमंजस को समाप्त करती है।



प्रवासी राजस्थानी दिवस: वेदांता ग्रुप लगाएगा 200 इंडस्ट्रीज वाला पार्क, सीएम ने की 20 हजार नौकरियों की घोषणा



मुख्य बिंदु



सीईटी परीक्षा: राजस्थान में सीईटी परीक्षा 2026 के लिए स्नातक स्तर की परीक्षा 20 से 22 फरवरी के बीच और सीनियर सेकेंडरी स्तर की परीक्षा 8 से 10 मार्च के बीच प्रस्तावित की गई थी।



देरी का कारण: सीईटी परीक्षा में देरी का मुख्य कारण सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधित नियमों का कर्मचारी चयन बोर्ड को अभी तक न भेजा जाना है। जिसके कारण परीक्षा आयोजन पर असमंजस बना हुआ है।



युवाओं में नाराजगी: सीईटी परीक्षा में देरी से बेरोजगार युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। क्योंकि अनिश्चितता के कारण उनका मनोबल टूट रहा है और उनका भविष्य अधर में लटक गया है।



Tags:
  • कर्मचारी चयन बोर्ड
  • सीईटी परीक्षा
  • राजस्थान में समान पात्रता परीक्षा
  • बेरोजगार युवाओं की नाराजगी