ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में फिर गुल हुई बिजली, मंच पर आते ही छाया अंधेरा
समझें क्या है पूरा मामला
- ऊर्जा मंत्री के कार्यक्रम में तीसरी बार गुल हुई बिजली।
- राजस्थान सोलर एसोसिएशन के कार्यक्रम में हुई घटना।
- बिजली गुल होने के बाद मंच पर छाया अंधेरा, बैकअप से बची लाज।
- 11 जून को रेल मंत्री के कार्यक्रम में भी तीन बार गई थी बिजली।
- ऊर्जा मंत्री की मौजूदगी में लगातार बिजली बाधित, उठे सवाल।
जयपुर के एक निजी होटल में राजस्थान सोलर एसोसिएशन (RSA) की समिट आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर शामिल हुए।
जैसे ही ऊर्जा मंत्री और अन्य अतिथि मंच पर पहुंचे, अचानक हॉल की बिजली चली गई। पूरा हॉल अंधेरे में डूब गया। करीब 5 मिनट बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने पर कार्यक्रम दोबारा शुरू हो सका।
मंच पर पहुंचते ही छाया अंधेरा
रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर केंद्रित इस समिट में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर पहुंचे थे। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही ऊर्जा मंत्री मंच पर अपनी जगह लेने पहुंचे, अचानक पूरे हॉल की बत्ती गुल हो गई।
बिजली जाते ही ऑडिटोरियम में अचानक अंधेरा छा गया और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आयोजकों ने आनन-फानन में बैकअप व्यवस्था चालू कराई। लगभग 5 मिनट तक बिजली गुल रहने के बाद आपूर्ति बहाल हुई, जिसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ सका।
एक महीने में तीसरी बार हुई ऐसी घटना
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की मौजूदगी में बिजली गुल होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले एक महीने के भीतर उनके तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में बिजली आपूर्ति बाधित हो चुकी है।
इससे पहले 19 जुलाई को कोटा जिला परिषद सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान भी बिजली चली गई थी। वहां मंत्री और अधिकारी करीब 6 मिनट तक अंधेरे में बैठे रहे थे।
वहीं 11 जून को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यक्रम के दौरान भी 3 बार बिजली गुल हुई थी। उस समय भी ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर मंच पर उपस्थित थे।
पिछली घटना में हुई थी कड़ी कार्रवाई
भाजपा प्रदेश कार्यालय में तीन बार बिजली गुल होने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया था। ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया था।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डिस्कॉम (DISCOM – Distribution Company) प्रशासन ने कार्रवाई की थी। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम ने सहायक इंजीनियर विपिन वर्मा और इलेक्ट्रीशियन को सस्पेंड कर दिया था।
इसके साथ ही जयपुर सिटी के अधीक्षण इंजीनियर आरपी गुप्ता को चार्जशीट थमाई गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से विभागीय सतर्कता और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
ये भी पढ़ें:-
BJP कार्यालय में बिजली गुल, रेल मंत्री को कैमरों की रोशनी में देना पड़ा संबोधन
अंधेरे में डूबी स्वास्थ्य सेवा, 80 से ज्यादा PHC-CHC पर नहीं है बिजली कनेक्शन
BJP में पूर्व जिलाध्यक्ष का निष्कासन नहीं, क्या हत्या के दोषी को मिल रहा संरक्षण
34 अफसरों ने उठाया गलत हैंडसेट अलाउंस, अब होगी 6.63 लाख की रिकवरी