राजस्थान की चिट्ठी: फर्जी डॉक्टर का खुला राज, 9 पुलिस अफसरों पर गिरी गाज; राठौड़ के बयान से सियासी बवाल
राजस्थान में बीता हफ्ता सवालों, विवादों और सियासी हलचल के नाम रहा। जालौर में मरीजों की पर्चियां बनाने वाला व्यक्ति डॉक्टर बनकर ऑपरेशन करने लगा, तो जयपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की जुबान से निकले कुछ शब्द सियासी तूफान ले आए। भरतपुर में पूर्व विधायक की हत्या के बाद पुलिस महकमे में कार्रवाई हुई। वहीं पंचायत चुनाव में टिकट बंटवारे ने मंत्री के परिवार में ही राजनीतिक उलझन पैदा कर दी।
आसमान में एक गलत अलर्ट ने जयपुर एयरपोर्ट पर हलचल मचा दी, तो सरहद पर हथियारों की खेप ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया। तो चलिए,द सूत्र की इस हफ्ते की चिट्ठी खोलते हैं और जानते हैं राजस्थान में कहां क्या हुआ। चिठ्ठी की शुरुआत करते हैं, राजस्थान के भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ के उस बयान से जुड़ी खबर से, जिसने पूरे प्रदेश में सियासी उबाल ला दिया।
पाकिस्तान पर बयान, राठौड़ की सफाई से भी नहीं थमा बवाल
राजस्थान की सियासत में इस हफ्ते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के एक बयान ने खूब हलचल मचाई। राठौड़ ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच लड़ाई की बात करते हुए पाकिस्तान का साथ देने का समर्थन कर दिया। बस फिर क्या था, बयान का वीडियो सामने आते ही कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी तक ने भारतीय जनता पार्टी को घेरना शुरू कर दिया। मामला बढ़ा तो राठौड़ को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी...वो भी कई बार।
मदन राठौड़ ने कहा कि उनके भाषण का एक छोटा सा हिस्सा काटकर दिखाया गया। पूरी बात कुछ और थी, लेकिन उसका मतलब कुछ और निकाल लिया गया। राठौड़ ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान को लेकर उनका और भाजपा का रुख पहले से साफ है और कांग्रेस चाहें जितना हंगामा कर ले, वो माफी नहीं मांगेंगे। हालांकि, सफाई आने के बाद भी सियासी शोर थमा नहीं। एक बयान ने पूरे हफ्ते राजनीति को गरमाए रखा।
पूर्व भाजपा विधायक की हत्या से हिला भरतपुर
भरतपुर में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या ने इस हफ्ते राजस्थान में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। वैर क्षेत्र के भौंडा गांव में हुए इस हत्याकांड के पीछे खनन से जुड़ा विवाद सामने आया। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नाराजगी के बाद वैर थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह सस्पेंड कर दिए गए, जबकि एडिश्ननल एसपी प्रेरणा शेखावत और सीओ (सर्किल ऑफिसर) नीरज भारद्वाज को एपीओ (एवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर) किया गया।
भरतपुर पुलिस ने पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को मुख्य आरोपी मुकेश फौजी भी पकड़ा गया। अब सवाल यह है कि विवाद इतना बढ़ने से पहले पुलिस ने क्या कदम उठाए थे? गिरफ्तारी के बाद भी इस सवाल का जवाब मिलना बाकी है।
भजनलाल की सख्ती, 9 अफसरों पर कार्रवाई
राजस्थान में इस हफ्ते कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के तेवर तल्ख दिखे। भरतपुर में पूर्व विधायक की हत्या और जयपुर में RSS के जिला प्रचारक कृष्ण अवतार से पुलिस की कथित बदसलूकी ने सरकार की किरकिरी करा दी। मामला बढ़ा तो मुख्यमंत्री ने पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक बुलाकर जमकर क्लास लगाई। फिर क्या था, 9 पुलिस अधिकारियों पर गाज गिर गई। एक सस्पेंड हुआ, 6 एपीओ और दो को पद से हटा दिया गया। सरकार ने सख्ती का संदेश तो दे दिया, लेकिन सवाल अब भी वहीं है। अफसरों पर गाज गिराने भर से क्या कानून व्यवस्था सुधर जाएगी? असली कसौटी तो तब होगी, जब अपराधियों में पुलिस का खौफ और आम आदमी के मन से थाने का डर खत्म होगा।
पंचायत की चौसर,मंत्री के घर में टिकट का शोर
राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच इस हफ्ते नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा का परिवार खूब चर्चा में रहा। उनके बड़े बेटे दुर्गा सिंह ने श्रीमाधोपुर के वार्ड 19 से निर्दलीय पर्चा भर दिया। बोले कि इलाके में कुछ लोग भाजपा से नाराज हैं। पार्टी के सिंबल से चिढ़ रहे हैं, इसलिए निर्दलीय मैदान में उतरा हूं। उधर, मंत्री खर्रा की भाभी प्रतिभा सिंह का भाजपा ने टिकट काट दिया तो उन्होंने भी पंचायत चुनाव में निर्दलीय पर्चा भर दिया।
वहीं, मंत्री खर्रा की पत्नी शांति देवी और छोटे बेटे अजय सिंह भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। यानी परिवार के चार लोग चुनाव लड़ रहे, दो भाजपा से और दो निर्दलीय। उधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने साफ कहा कि पार्टी में परिवारवाद नहीं चलता। अब देखना होगा कि मंत्री के बेटे का निर्दलीय चुनाव लड़ना स्थानीय सियासत में क्या रंग दिखाता है।
सोलह अफसरों की तरक्की, प्रशासन को नई ताकत
राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में इस हफ्ते खुशखबरी भी आई। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 16 अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति (Indian Administrative Service) मिल गई। केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने 13 अक्टूबर को इसकी अधिसूचना जारी की। यह प्रमोशन साल 2025 की चयन सूची के आधार पर हुई है। नई सूची में मेघना चौधरी, डॉक्टर भागचंद बधाल, ओम प्रकाश जैन और असलम शेर खान जैसे नाम शामिल हैं।
राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS बनना किसी भी अधिकारी के करियर का बड़ा पड़ाव माना जाता। अब इन अधिकारियों के सामने नई जिम्मेदारियों और बड़े प्रशासनिक फैसलों की चुनौती होगी। प्रमोशन की खुशी अपनी जगह है, लेकिन जनता की उम्मीद यही रहेगी कि अनुभव का फायदा सरकारी कामकाज में भी दिखाई दे।
सरपंच बनने की जिद में खुद उजाड़ दिया परिवार
चूरू से इस हफ्ते ऐसी खबर आई, जिसने रिश्तों को लेकर सोचने पर मजबूर कर दिया। तारानगर के चंगोई गांव में 60 साल का रामचंद्र जाट सरपंच का चुनाव लड़ना चाहता था। उसका इकलौता बेटा रविंद्र और बहू महिंद्रा इसके खिलाफ थे। इसी बात को लेकर परिवार में कई दिनों से विवाद चल रहा था। आरोप है कि बीते मंगलवार रात विवाद इतना बढ़ा कि रामचंद्र ने बोलेरो से अपने ही बेटे और बहू को सरेराह कुचल दिया। दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। इस एक घटना ने 11 साल की बच्ची से उसके माता-पिता छीन लिए। गांव की जिस सरपंची के लिए चुनाव लड़ने की जिद थी, उसी जिद के बीच एक परिवार उजड़ गया।
जयपुर में हाईजैक का अलर्ट, पायलट की गलती से मचा हड़कंप
जयपुर एयरपोर्ट पर इस हफ्ते एक अलर्ट ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। अंतरराष्ट्रीय उड़ान से अचानक हाईजैक का सिग्नल मिला तो जयपुर से दिल्ली तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आईं...दिल्ली में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स यानी NSG को स्टैंडबाय कर दिया गया और विमान की जांच शुरू हुई। थोड़ी देर बाद ही कहानी में नया मोड़ आ गया। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि पायलट से गलती से हाईजैक अलर्ट वाला बटन दब गया था। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी की आशंका भी जांच के दायरे में रही। गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित थे और किसी अनहोनी की बात सामने नहीं आई, लेकिन एक अलर्ट ने कुछ देर के लिए पूरे एयरपोर्ट की धड़कनें जरूर बढ़ा दीं।
आठवीं पास का कमाल, सौ बेड का अस्पताल
जालोर से इस हफ्ते ऐसी कहानी सामने आई, जिसने इलाज के नाम पर चल रहे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। कभी अस्पताल में मरीजों की पर्चियां बनाने वाला नानंजीराम चौधरी खुद डॉक्टर बन बैठा। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (Special Operation Group) की जांच में सामने आया कि आठवीं तक पढ़े इस व्यक्ति ने कथित तौर पर फर्जी मार्कशीट और मेडिकल डिग्री के सहारे राजस्थान मेडिकल काउंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन करवा लिया। इसके बाद 100 बेड का अस्पताल चलाने लगा और खुद भी ऑपरेशन करने लगा।
एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसी मामले में एक अन्य आरोपी पंकज यादव भी पकड़ा गया। अब सवाल यह है कि जिस व्यक्ति की डिग्री ही संदिग्ध थी, वह इतने लंबे समय तक मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कैसे करता रहा? और जिन संस्थाओं पर डॉक्टरों की योग्यता जांचने की जिम्मेदारी थी, वे आखिर क्या कर रही थीं?
सरहद पर ड्रोन, हथियारों ने बढ़ाई चिंता
राजस्थान की सरहद पर इस हफ्ते पाकिस्तान की तरफ से आए ड्रोन ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। श्रीगंगानगर के रावला इलाके में ड्रोन से हथियारों और विस्फोटक की बड़ी खेप गिराई गई। BSF, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और पुलिस ने मिलकर तीन पैकेट बरामद किए। इनमें दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन, करीब 650 कारतूस और सात किलो से ज्यादा RDX मिला। खेप लेने पहुंचे पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि ड्रोन ने तीन चक्कर लगाकर सामान गिराया था। 15 अक्टूबर को जयपुर से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध विस्फोटक और डेटोनेटर सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिए।
अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सीमा पार से इतनी बड़ी खेप किसने भेजी और इसे किस तक पहुंचाना था। फिलहाल किसी बड़ी साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
तो यह थी राजस्थान की इस हफ्ते की चिट्ठी। कहीं डॉक्टर की डिग्री पर सवाल उठे, तो कहीं नेताओं के बयानों ने सियासत की चाल बदल दी। पंचायत चुनाव में कहीं टिकटों को लेकर रिश्तों की परीक्षा हुई, तो कहीं चुनाव लड़ने की जिद ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं।
इस हफ्ते की घटनाओं ने फिर याद दिलाया कि सत्ता हो या सिस्टम, हर फैसले और हर लापरवाही का असर आखिरकार आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। अगले हफ्ते फिर खुलेंगे राजस्थान की कहानी के नए पन्ने। कुछ पुराने सवालों के जवाब मिलेंगे, तो कुछ नई घटनाएं अपने साथ नए सवाल लेकर आएंगी।