35% छात्रों की यूनिफॉर्म राशि जनाधार के कारण अटकी, 14 लाख बच्चों को इंतजार
समझें क्या है पूरा मामला
- सरकारी स्कूलों के 35% बच्चों की यूनिफॉर्म राशि अटकी।
- यूनिफॉर्म राशि अटकने में जनाधार बन रहा है रोड़ा।
- कक्षा 1 से 8 तक के 14 लाख छात्रों की DBT पेंडिंग।
- मात्र 65% खाते ही जनाधार से प्रमाणित, बाकी में जनाधार नहीं।
- निष्क्रिय बैंक खाते और गलत IFSC भी बनी वजह।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के पात्र विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म के लिए मिलने वाली राशि खाते में पहुंचने से पहले ही जनाधार की अड़चन में फंस गई है। प्रदेश में करीब 35 प्रतिशत विद्यार्थियों के बैंक खाते जनाधार से अधिप्रमाणित नहीं होने के कारण उनकी यूनिफॉर्म DBT अटकी हुई है।
शाला दर्पण पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में करीब 65 प्रतिशत विद्यार्थियों के बैंक खाते ही जनाधार से अधिप्रमाणित हैं। यानी करीब 35 प्रतिशत यानी लगभग 14 लाख विद्यार्थियों के स्तर पर प्रक्रिया अभी बाकी है। अधिप्रमाणीकरण नहीं होने से DBT आगे नहीं बढ़ पा रही है।
वजह क्या है?
विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई विद्यार्थियों के अभिभावकों के जनाधार ही नहीं बने हैं। कुछ जनाधार में नाम, जन्मतिथि या अन्य जरूरी जानकारी अपडेट नहीं है। वहीं, जिन विद्यार्थियों के खाते जनाधार से प्रमाणित हैं, उनमें भी बैंक खाता निष्क्रिय होने या गलत IFSC कोड दर्ज होने से भुगतान अटक रहा है।
योजना कब शुरू हुई और कितना बजट
राज्य स्तर पर 29 जुलाई को मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से योजना की शुरुआत की थी। इसके बाद अब तक 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खातों में DBT की जा चुकी है।
समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के 40 लाख 65 हजार 52 पात्र विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म DBT मद में 24,390.312 लाख रुपए यानी 243.90 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा पीएम श्री योजना के तहत 90 हजार 896 विद्यार्थियों के लिए 545.376 लाख रुपए का प्रावधान है। संबंधित राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर स्थानांतरित की जा चुकी है।
पहले 800 रुपए मिलते थे, अब 600 रुपए
पिछले सत्र 2025-26 में कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यार्थी और कक्षा 9 से 12 की छात्राओं को यूनिफॉर्म सिलाई सहित और स्कूल बैग के लिए 800 रुपए प्रति विद्यार्थी दिए जाते थे। इस बार 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के लिए 600 रुपए प्रति विद्यार्थी का प्रावधान है।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और CBEO को सख्त निर्देश दिए हैं कि 5 दिनों के भीतर शाला दर्पण पोर्टल पर डेटा अपडेट कराएं और जनाधार प्रमाणीकरण पूरा करें। आयुक्त ने कहा है कि यदि किसी विद्यार्थी को DBT से वंचित रहना पड़ा तो जिम्मेदारी संस्था प्रधान और CBEO की होगी।
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