कटारिया के खिलाफ असंतोष बढ़ा, फिर लगे गंभीर आरोप, विधायकों के फंड से अपनों का कराया हवाई सफर
News In Short
- पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ राजस्थान में असंतोष बढ़ा।
- पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी ने 11 पेज की चिट्ठी में कटारिया पर लगाए गंभीर आरोप।
- खुलासा, विधायकों के यात्रा मद से कटारिया के गुवाहाटी शपथ समारोह के लिए खर्च हुए 20.31 लाख रुपये।
- जोशी ने कटारिया पर मेवाड़ में भाजपा को कमजोर करने का लगाया आरोप।
- चुनावी भितरघात और कांग्रेस को फायदा पहुंचाने जैसे गंभीर दावों से मची हलचल।
News In Detail
सियासत में आरोप-प्रत्यारोप तो पुराने हैं, लेकिन इस बार भाजपा की अंतर्कलह कहानी में रणछोड़ शब्द के इस्तेमाल के साथ 20 लाख रुपये की रसीदें भी जुड़ गई हैं। पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पर पलटवार करते हुए यह साबित करने की कोशिश की है कि पद भले ही संवैधानिक मिल गया हो, लेकिन खर्च का बोझ उठाने के लिए उदयपुर के विधायक ही काम आए हैं। कटारिया के नाम संबोधित 11 पन्नों की यह चिट्ठी भाजपा के उस शीत युद्ध की गवाही दे रही है, जिसमें अब गोला-बारूद के रूप में सरकारी फंड के आंकड़े इस्तेमाल हो रहे हैं।
जोशी ने अपने पत्र में सबसे चौंकाने वाला दावा कटारिया के असम राज्यपाल के रूप में हुए शपथ ग्रहण समारोह के खर्च को लेकर किया है। जोशी का आरोप है कि फरवरी 2023 में जब कटारिया ने गुवाहाटी में शपथ ली थी, तब उनके परिजनों और समर्थकों की यात्रा का लगभग 20.31 लाख रुपये का भारी-भरकम खर्च राजस्थान विधानसभा के कोटे से वहन किया गया था।
चार विधायक के कोटे से किया था खर्च
जोशी ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि कटारिया के निजी आयोजन का यह वित्तीय भार उदयपुर संभाग के चार विधायकों के व्यक्तिगत यात्रा मद पर डाला गया। पत्र के अनुसार विधायक फूलसिंह मीणा के मद से 1.12 लाख रुपये, अमृतलाल मीणा के मद से 9.68 लाख रुपये, बाबूलाल खराड़ी के मद से 5.68 लाख रुपये और प्रताप गमेती के मद से 3.81 लाख रुपये खर्च किए गए। जोशी ने सवाल उठाया है कि एक व्यक्ति के संवैधानिक पद की शपथ के लिए राजस्थान की जनता के पैसे का इस तरह उपयोग करना किस नैतिकता के दायरे में आता है।
कटारिया हैं रणछोड़
राजनीतिक आरोपों की झड़ी लगाते हुए जोशी ने कटारिया को रणछोड़ तक कह डाला। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि हार के डर से सीटें उन्होंने नहीं बल्कि कटारिया ने छोड़ी थीं। जोशी ने आरोप लगाया कि कटारिया ने वर्ष 2013 में उनका टिकट कटवाने की साजिश रची और 2008 के चुनाव में उनके विरुद्ध कांग्रेस प्रत्याशी को आर्थिक सहयोग दिलाने में भूमिका निभाई जिस पर वे आज तक मौन हैं। जोशी ने यहां तक कहा कि कटारिया ने पिछले 15 वर्षों से उन्हें लगातार टारगेट किया और संगठन में रहते हुए उन्हें काम न करने देने की धमकियां तक दीं।
मेवाड़ में भाजपा की जड़ों में डाला तेजाब
चिट्ठी में भाजपा की अंतर्कलह को उजागर करते हुए जोशी ने लिखा कि कटारिया ने मेवाड़ में भाजपा की जड़ों में तेजाब डालने का काम किया है। उन्होंने राजसमंद जिला प्रमुख उपचुनाव में कटारिया समर्थकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करवाकर कांग्रेस का बोर्ड बनवाने और सांवलियाजी में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के बहिष्कार जैसे गंभीर आरोप लगाए। जोशी ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी के साथ कटारिया के खास समर्थकों ने दुर्व्यवहार किया था और यह पार्टी के अनुशासन पर बड़ा धब्बा था।
मजबूर किया है कटारिया ने
पूर्व विधायक जोशी ने पत्र के जरिए साफ कर दिया है कि राज्यपाल कटारिया की ओर से हाल ही में मीडिया के सामने दिए गए बयानों ने उन्हें यह मोर्चा खोलने पर मजबूर किया है। जोशी ने कटारिया पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ गुटबंदी करने और विधानसभा कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप करने का भी आरोप लगाया। इस 11 पेज के आरोप पत्र ने न केवल मेवाड़ बल्कि राजस्थान की सियासत में भूचाल ला दिया है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा के भीतर का यह मतभेद अब किसी समझौते की स्थिति से बहुत दूर निकल चुका है।
ये भी पढे़:-
पहली बार नैचुरल ब्रीडिंग से जन्मे 3 चूजे, डेजर्ट नेशनल पार्क में गोडावण का कुनबा बढ़कर हुआ 79
रोड अलाइनमेंट के नाम पर 33 लाख की रिश्वत, ACB ने किया दलाल और XEN को गिरफ्तार
एक पुलिस अफसर ने 40 जगह से लगवाई सिफारिश, भरी मीटिंग में सीएम को यह किस्सा क्यों सुनाना पड़ा?
जयपुर में 42 बीघा जमीन अब हाउसिंग बोर्ड की, हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के दावों को किया ध्वस्त