सिगनेचर ग्लोबल साइट पर मिट्टी ढहने से 7 की मौत, सुरक्षा मानकों में लापरवाही बन गई हादसे की बड़ी वजह
News In Short
- राजस्थान-हरियाणा सीमा पर सोमवार रात बड़ा हादसा, सात की मौत।
- हादसे के समय सिगनेचर ग्लोबल बिल्डर सोसाइटी में हो रही थी खुदाई।
- खुदाई के दौरान मिट्टी ढह गई, उसमें काम कर रहे मजदूर दब गए।
- खुदाई के समय पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा उपकरणों की नहीं थी व्यवस्था।
- इस हादसे में बिल्डर की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है।
News In Detail
Alwar: राजस्थान-हरियाणा सीमा पर भिवाड़ी के नजदीक सोमवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर कापड़ियावास गांव में सिगनेचर ग्लोबल बिल्डर सोसाइटी में खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी ढ़हने से 7 मजदूरों की मौत हो गई। कई अन्य घायल हैं। इस मामले में सुरक्षा मानकों को लेकर बिल्डर की स्पष्ट लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि बिल्डर ने खुदाई के दौरान सुरक्षा मानक नहीं अपनाए।
चीख-पुकार में बदली खामोशी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा सोमवार रात करीब आठ बजे हुआ, जब होटल राव के सामने सिगनेचर ग्लोबल की साइट पर श्रमिक टैंक की गहराई में मिट्टी की खुदाई कर रहे थे। अचानक ऊपर से मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर गया। नीचे काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे कई फीट गहरी मिट्टी में दफन हो गए। घटना के तुरंत बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और अन्य श्रमिकों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
युद्ध स्तर पर रेस्क्यू
सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। एंबुलेंस की मदद से घायलों और शवों को तुरंत भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल लाया गया। भिवाड़ी सरकारी अस्पताल के डॉ. सागर अरोड़ा ने बताया, अस्पताल में 7 श्रमिकों के शव लाए गए हैं, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया है। एक श्रमिक की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। राहत कार्य जारी है और लगातार लोगों को अस्पताल लाने का सिलसिला बना हुआ है।
मृतकों की पहचान और परिजनों का विलाप
भिवाड़ी के एडिशनल एसपी अतुल साहू ने बताया कि पुलिस मुस्तैदी से स्थिति पर नजर रखे हुए है। अब तक पहचान किए गए मृतकों में परमेश्वर (52 वर्ष), सतीश (35 वर्ष, निवासी भरतपुर), भागीरथ (50 वर्ष), मंगल (32 वर्ष) और दो अन्य मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने भरतपुर और अन्य संबंधित क्षेत्रों में परिजनों को सूचना दे दी है। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, उनकी चीखों से माहौल गमगीन हो गया है।
बिल्डर की लापरवाही
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर तनाव का माहौल है। आक्रोशित श्रमिकों और परिजनों का आरोप है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। परिजनों ने यह भी शिकायत की है कि उन्हें साइट के अंदर जाने से रोका जा रहा है, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजस्थान और हरियाणा दोनों राज्यों की पुलिस मौके पर तैनात है।
नहीं बनाई सुरक्षा की दीवार
आश्चर्यजनक बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद प्रशासन के उच्च अधिकारी देर रात तक कुछ भी स्पष्ट बोलने से बच रहे हैं। मिट्टी खुदाई के दौरान सुरक्षा की दीवार क्यों नहीं बनाई गई थी? क्या रात के अंधेरे में बिना पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा उपकरणों के काम कराया जा रहा था? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब जांच का विषय है।
सुरक्षा व्यवस्था और आगामी कार्यवाई
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में दबे संभावित अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने पर है। पुलिस ने मामले की जानकारी हरियाणा पुलिस को साझा कर दी है क्योंकि घटना स्थल तकनीकी रूप से हरियाणा क्षेत्र में आता है। भिवाड़ी और आसपास के अन्य निजी अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायलों को तुरंत उपचार मिल सके।
हादसे से श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा फिर उन हजारों श्रमिकों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगाता है, जो ऊंची-ऊंची सोसायटियों की नींव रखने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है या यह मामला भी केवल मुआवजे के आश्वासन तक सिमट कर रह जाता है।
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