हाईकोर्ट भवन घोटाले में तीन और अफसर गिरफ्तार, अब तक 11 पर गिर चुकी है गाज
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान हाईकोर्ट भवन निर्माण मामले में 3 और अफसर गिरफ्तार।
- RSRDC के प्रोजेक्ट डायरेक्टर समेत 11 आरोपी अब तक गिरफ्तार।
- 220 करोड़ के भवन निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल।
- पुलिस दस्तावेजों और निर्माण सामग्री की जांच कर रही है।
- मामले में 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ जारी है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर के भवन निर्माण में कथित घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है। पुलिस ने बुधवार को RSRDC के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेश शर्मा, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अजीत कुमार सांघी और विद्युत प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिवहरे माहौर को गिरफ्तार किया। इससे पहले आठ आरोपी गिरफ्तार हो चुके थे, जिनमें से पांच को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पूर्व में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपियों का पुलिस रिमांड पूरा होने पर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं तीन आरोपी अभी भी पुलिस रिमांड पर हैं।
बुधवार को हुई तीन नई गिरफ्तारियों को मिलाकर अब तक इस मामले में कुल 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
निर्माण सामग्री और दस्तावेजों की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कथित अनियमितता के साथ-साथ दस्तावेजों और तकनीकी रिपोर्ट की भी जांच की जा रही है।
इसके साथ ही निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही से राजकोष को हुए संभावित नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है।
220 करोड़ में बना था भवन, फिर भी उठे सवाल
राजस्थान हाईकोर्ट के झालामंड स्थित नए भवन के निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर करीब दो साल पहले कोर्ट ऑफिसर सेल के कर्मचारी शरद जोशी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में भवन निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
शिकायत के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन का निर्माण RSRDC की ओर से वर्ष 2008 में शुरू कराया गया था। करीब 11 साल बाद दिसंबर 2019 में निर्माण कार्य पूरा हुआ। भवन के निर्माण पर करीब 220 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि भवन के रखरखाव के लिए हर साल करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया जाता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य और भवन की गुणवत्ता को लेकर सवाल सामने आए।
50 से ज्यादा लोगों से हुई पूछताछ
मामले की जांच के दौरान पुलिस अलग-अलग स्तर के लोगों से पूछताछ कर रही है। निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों और इलेक्ट्रीशियन से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
बताया जा रहा है कि पुलिस अब तक 50 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए बुला चुकी है। जांच में निर्माण से जुड़ी अन्य जानकारियों और संभावित अनियमितताओं के पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
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