राजस्थान हाई कोर्ट ने लगाई राज्य भूमि नगर निकायों को देने के आदेश पर अंतरिम रोक

Mukesh Sharma | Aug 07, 2026, 18:57 IST
जमीनों को नगर निकायों के नाम दर्ज करने के 17 अप्रैल 2025 के आदेश की क्रियान्विति पर रोक
राजस्थान हाई कोर्ट ने सरकारी जमीनों को नगर निकायों के नाम दर्ज करने वाले 17 अप्रैल के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इससे प्रदेश के लगभग 10,000 गांव प्रभावित होंगे।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राज्य की जमीनों को नगर निकायों के नाम दर्ज करने के 17 अप्रैल 2025 के आदेश की क्रियान्विति पर रोक लगी।
  • वन्य जीव जंतु सेवार्थ फाउंडेशन की याचिका पर ​हुए आदेश।
  • कोर्ट ने माना आदेश जारी रहने से राज्य में गंभीर और जटिल परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
  • प्रदेश के 7 विकास प्राधिकरणों, 10 यूआईटी और 310 निकायों से जुड़े लगभग 10,000 गांव इस आदेश से प्रभावित।

राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य के नाम दर्ज विभिन्न किस्म की जमीनों को नगर निकायों के नाम गैर-मुमकिन आबादी के रुप में दर्ज करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार के 17 अप्रेल,2025 के आदेश की क्रियान्विति को रोक दिया है।



एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा व जस्टिस संजीत पुरोहित की बैंच ने यह अंतरिम आदेश वन्य जीव जंतु सेवार्थ फाउंडेशन की जनहित याचिका पर दिया। मामले में अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी।



जटिल स्थिति उत्पन्न हो सकती हैं

कोर्ट ने कहा कि यदि सरकार के 17 अप्रैल 2025 के आदेश को जारी रहने दिया तो इससे भविष्य में गंभीर और जटिल परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। कोर्ट ने मामले में विस्तृत सुनवाई आवश्यकता बताई है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार चाहे तो इस अंतरिम आदेश में संशोधन या रोक हटाने की अर्जी पेश कर सकती है।



प्रदेश में सात विकास प्राधिकरण

प्रदेश में जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, भरतपुर और उदयपुर विकास प्राधिकरण हैं। जयपुर विकास प्राधिकरण में लगभग 700 गांव, जोधपुर प्राधिकरण में लगभग 600 गांव, उदयपुर प्राधिकरण में लगभग 500 गांव, अजमेर में 125 गांव, कोटा में 300 गांव, बीकानेर में 200 गांव और भरतपुर विकास प्राधिकरण में लगभग 210 गांव शामिल हैं।



इसके अतिरिक्त, प्रदेश में कुल 10 यूआईटी (शहरी सुधार न्यास) हैं, जिनके क्षेत्राधिकार में लगभग 150 गांव आते हैं। राज्य में 310 नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगमों में लगभग 6000 गांव शामिल हैं। इस प्रकार, पूरे प्रदेश में लगभग 10 हजार गांव सरकार के 17 अप्रेल,2025 के आदेश से प्रभावित होते हैं।



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