आरजीएचएस घोटाला पर बड़ा एक्शन, सात डॉक्टर को किया सस्पेंड, हॉस्पिटल और फार्मेसी पर अब तक 19 एफआईआर

Ashish Bhardwaj | Feb 14, 2026, 12:52 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान सरकार ने आरजीएचएस योजना में अनियमितताएं करने वाले 7 डॉक्टर को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में अब तक 19 एफआईआर दर्ज की गई है। जांच अभी जारी है।

News In Short

  • राजस्थान सरकार ने आरजीएचएस योजना में अनियमितताओं के चलते 7 डॉक्टर को किया सस्पेंड।
  • अब तक हॉस्पिटल और फार्मेसी पर अब तक 19 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
  • भरतपुर के कशिश फार्मेसी और नर्सिंग होम ने मिलकर फर्जीवाड़ा किया।
  • 500 आरजीएचएस कार्ड ब्लॉक किए गए, 2 करोड़ रुपये की वसूली की गई।
  • बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं की जांच जारी है।

News In Detail

राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मचारियों के उपचार के लिए राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस), में अनियमितताएं पाए जाने पर बड़ा एक्शन किया हैं। इस कार्रवाई में 7 डॉक्टर को सस्पेंड किया गया है। एक हॉस्पिटल एवं एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर केस दर्ज किया गया है। आरजीएचएस योजना के ऑडिट के दौरान सीकर जिले में इन अनियमितताओं का खुलासा हुआ।



7 डॉक्टर और 64 कार्मिकों पर कार्रवाई

राजस्थान सरकार ने अब तक 19 एफआईआर दर्ज की हैं। यह विभिन्न अस्पतालों और फार्मेसी के खिलाफ की गई हैं। अनियमितता के चलते 7 चिकित्सकों सहित कुल 64 कार्मिकों को सस्पेंड किया गया है। साथ ही, करीब 500 आरजीएचएस कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। इन कार्ड के दुरुपयोग से लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि वसूल की गई है।



हॉस्पिटल और फार्मेसी के खिलाफ कार्रवाई

राजस्थान सरकार ने 33 अस्पतालों का टीएमएस और 39 अस्पतालों का भुगतान ब्लॉक कर दिया है। इसके अलावा, 8 अस्पतालों को डी-एम्पेनल किया गया है। इन अस्पतालों से 32 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली गई है। इसके साथ ही, 212 फार्मेसी के टीएमएस ब्लॉक किए गए हैं, और इनसे 5 करोड़ से अधिक की राशि वसूली गई है।



भरतपुर और बीकानेर में हुई फर्जीवाड़ा की जांच

राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि भरतपुर के कशिश फार्मेसी और नर्सिंग होम द्वारा मिलकर आरजीएचएस में फर्जीवाड़ा किया गया है। जांच में यह सामने आया कि डॉक्टर संगीता अग्रवाल ने आरजीएचएस का बोर्ड बिना अनुमोदन के लगाया और मरीजों को फर्जी तरीके से उपचार दिया। इसके लिए एसएसओ आईडी का गलत उपयोग किया गया और भुगतान प्राप्त किया गया।



सख्त कार्रवाई की जा रही है

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि अब इस मामले में एफआईआर की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर के खिलाफ भी गंभीर अनियमितताओं की जांच की जा रही है। इस सेंटर में मरीजों के लिए अनावश्यक जांचें करवाई गईं, और जांच रिपोर्टों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। इन सभी मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।



सीएम भी कर चुके है घोटाला को उजागर

हाल ही दिनों में मुख्यमंत्री ने आरजीएचएस का हवाला देते हुए कहा कि कुछ लोग मुफ्त इलाज की सुविधा का गलत फायदा उठा रहे हैं। एक व्यक्ति 75 डिब्बे च्यवनप्राश ले रहा है, 25-30 साल के युवक हर साल 3-4 बार पंचकर्म करवा रहे हैं, जो कि योजना का एक प्रकार का दुरुपयोग है।



दे चुके है चेतावनी

सीएम ने कहा ने कहा था कि अब हर स्तर पर डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑडिट किया जा रहा है। गड़बड़ी करने वालों को यह नहीं समझना चाहिए कि वे छिपे हुए हैं। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि सरकार का उद्देश्य हर गरीब और पात्र व्यक्ति को मुफ्त इलाज देना है, और इसमें कोई रुकावट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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