भीनमाल के एडीजे राजेंद्र साहू निलंबित, 6 मामलों में लगे थे गंभीर आरोप, हाई कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
News In Short
- हाई कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की शिकायतों पर अपनाया सख्त रुख।
- अब भीनमाल में तैनात एडीजे राजेंद्र साहू को किया निलंबित।
- एडीजे राजेंद्र साहू के खिलाफ लगे थे गंभीर आरोप, जांच विचाराधीन।
- निलंबनकाल में एडीजे साहू को जोधपुर मुख्यपीठ में देने होगी हाजिरी।
- पहले भी एक मजिस्ट्रेट और जालौर एडीजे हो चुके हैं निलंबित।
News In Detail
राजस्थान हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकार शर्मा ने जालौर जिले के भीनमाल में तैनात एडीजे राजेंद्र साहू को निलंबित कर दिया है। ये आदेश हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा की ओर से जारी किए गए। आदेश के अनुसार एडीजे साहू के खिलाफ छह मामलों में गंभीर आरोप लगे हैं। इन सभी मामलों की जांच फिलहाल चल रही है।
इसलिए किया निलंबन
आदेश के अनुसार जिला जज कैडर के अधिकारी साहू को जांच के दौरान इसलिए निलंबित किया है, जिससे वह जांच को प्रभावित ना कर सके। सूत्रों के अनुसार साहू होली के बाद एक दिन शराब के नशे में अदालत पहुंच गए थे।
पहले भी दो न्यायिक अधिकारी निलंबित
इससे पहले भी दो न्यायिक अधिकारी भी निलंबित हो चुके हैं। इनमें से एक कोटा में नियुक्त मजिस्ट्रेट हैं, जबकि दूसरे जालौर में नियुक्त एडीजे हैं। दोनों पर ही महिला अधिकारियों को अश्लील मैसेज करने के आरोप बताए जा रहे हैं।
जोधपुर मुख्यालय पर देनी होगी हाजिरी
निलंबन अवधि के दौरान एडीजे राजेंद्र साहू का मुख्यालय हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में रहेगा। उन्हें तत्काल प्रभाव से जोधपुर में रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष रिपोर्ट करने को कहा गया है। इसके साथ ही उन्हें रजिस्ट्रार जनरल की पूर्व अनुमति के बिना जोधपुर मुख्यालय नहीं छोड़ने को भी पाबंद किया है।
ये भी पढे़:-
एसआई भर्ती परीक्षा 2025: परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
पंचायत व पालिका चुनाव पर अब अवमानना याचिका दाखिल, कोर्ट ने तय कर रखी है 15 अप्रैल की डेडलाइन
एथेनॉल से भरा टैंकर पलटा, भीषण आग में ड्राइवर जिंदा जला, भाई ने कूदकर बचाई जान