हाईवे से 75 मीटर दायरे में हटाए जाएंगे अवैध निर्माण, हाई कोर्ट ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर भी पूछा सवाल

Ashish Bhardwaj | Jan 23, 2026, 15:37 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया, 6 फरवरी 2026 तक हटाना होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया।

News In Short

  • राजस्थान हाई कोर्ट ने हाईवे पर अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया।
  • 75 मीटर के दायरे में बने सभी निर्माणों को 6 फरवरी 2026 तक हटाना होगा।
  • अवैध निर्माणों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी है।
  • राज्य सरकार और एनएचएआई को रिपोर्ट और कार्य योजना देने का निर्देश दिया गया।
  • समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाए गए तो प्रशासन कार्रवाई करेगा।

News In Detail

राजस्थान हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध निर्माणों को लेकर कड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाइवे की मध्य रेखा से 75 मीटर तक किए गए सभी निर्माणों को 6 फरवरी 2026 तक हटाना होगा। इन निर्माणों के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है। राज्य सरकार और एनएचएआई से यह रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया है कि राज्य के किन हिस्सों में अवैध निर्माण हैं और उन्हें हटाने के लिए क्या योजना है।



कोर्ट का आदेश: निर्माण हटाना अनिवार्य

जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने जोधपुर रिंग रोड क्षेत्र में स्थित अवैध धर्मकांटों और रॉयल्टी नाकों के निर्माण के खिलाफ यह आदेश दिया। कोर्ट के सामने पीडब्ल्यूडी, जोधपुर विकास प्राधिकरण और एनएचएआई द्वारा पेश किए गए पत्रों में यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर बिना अनुमति के धर्मकांटे और अन्य ढांचे सड़क के भीतर स्थापित किए गए थे। इससे यातायात में रुकावट आ रही थी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा था।



अवैध निर्माण से जुड़ी दुर्घटना और मौतें

एक रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ऐसे ही एक अवैध निर्माण से लगभग 300 मीटर की दूरी पर एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। यह हादसा एक धर्मकांटे के पास हुआ था, जिससे सड़क की स्थिति और भी खतरनाक हो गई। कोर्ट ने कहा कि यह घातक निर्माण मानव जीवन के लिए खतरा बन गया है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।



निर्माण हटाने की डेडलाइन

कोर्ट ने संबंधित पक्ष से आश्वासन लिया कि दो सप्ताह के भीतर सभी अवैध निर्माण हटा दिए जाएंगे। हाई कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर लेते हुए आदेश दिया कि 6 फरवरी 2026 तक सभी अवैध निर्माण हटा दिए जाएं। यदि यह आदेश पालन में नहीं आता है, तो जिला प्रशासन और संबंधित विभाग 9 फरवरी 2026 तक इन्हें हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।



राज्य सरकार और एनएचएआई को निर्देश

कोर्ट ने राज्य सरकार और एनएचएआई को आदेश दिया कि वे शपथपत्र दाखिल कर बताएं कि प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर किन-किन हिस्सों में नियमों के विरुद्ध निर्माण हैं। साथ ही, उन्हें हटाने के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया। एनएचएआई को पूरे राजस्थान में हाइवे किनारे की दूरी मानकों का उल्लंघन करने वाले ढांचों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।



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