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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान में 24 जनवरी को निजी बस ऑपरेटरों ने एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है।
- हड़ताल से प्रभावित रूट्स पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- बस ऑपरेटरों का आरोप है कि केंद्र सरकार की नई नीतियां गलत तरीके से लागू हो रही हैं।
- अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन चक्काजाम में बदला जाएगा।
- इस मुद्दे पर अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिलने के कारण बस ऑपरेटर नाराज हैं।
News In Detail
राजस्थान के निजी बस ऑपरेटरों के संगठनों ने 24 जनवरी को एक दिवसीय बस हड़ताल की घोषणा की है। बस ऑपरेटर परिवहन विभाग की करवाई के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं। बस ऑपरेटरों का आरोप है कि परिवहन विभाग नियमों का हवाला देकर जबरदस्ती चालान काट जुर्माना वसूल रहे है। इसका सीधा असर बसों की आय पर पड़ रहा है। यह हड़ताल उन रूट्स को प्रभावित करेगी जहां राजस्थान रोडवेज की बसें कम चलती हैं। हड़ताल से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बस ऑपरेटरों का विरोध
पारदर्शिता की कमी और केंद्र की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए बस ऑपरेटरों ने हड़ताल की योजना बनाई है। बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई बस ऑपरेटर विरोध कर रहे है और एक दिन के लिए हड़ताल कर रहे है।
चक्काजाम की चेतावनी
ऑल राजस्थान कॉन्ट्रेक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मदन यादव ने बताया कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बस ऑपरेटरों की हड़ताल को अनिश्चितकालीन चक्काजाम में बदल दिया जाएगा। यह कदम पूरे प्रदेश के बस ऑपरेटरों के साथ मिलकर उठाया जाएगा।
बस ऑपरेटरों की मांगें
बस ऑपरेटरों का कहना है कि केंद्र सरकार ने 1 सितंबर 2025 से बसों से जुड़े नए नियम लागू किए थे। इनका गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। बस ऑपरेटरों के अनुसार आरटीओ स्तर पर नियमों का दुरुपयोग हो रहा है। इस से निजी बस संचालन प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही उनकी प्रमुख मांगों में ग्रामीण बसों पर लगे कैरियर को हटाने, अन्य राज्यों की तर्ज पर टैक्स निर्धारित करने और बसों में फायर अलार्म सिस्टम लगाने की आवश्यकता है।
पिछले साल भी हुई थी हड़ताल
इससे पहले नवंबर 2022 में भी निजी बस चालकों ने हड़ताल की थी। इसका कारण जैसलमेर और मनोहरपुर में हुए सड़क हादसे थे। इन हादसों के बाद परिवहन विभाग ने कई बसों को सीज कर दिया था। इसकें विरोध में हड़ताल की गई थी। लेकिन चार दिन बाद हड़ताल बिना शर्त समाप्त कर दी गई थी।
जल्द करना होगा समाधान
राजस्थान में 24 जनवरी को होने वाली हड़ताल के कारण परिवहन सेवाओं में प्रभावित होने की संभावना है। खासकर उन यात्रियों के लिए जो निजी बसों पर निर्भर हैं। ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि इस मुद्दे का समय रहते समाधान किया जाए।
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