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Photograph: (the sootr)
News In Short
लेह-लद्दाख के प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षाविद सोनम वांगचुक जोधपुर जेल में बंद हैं। उन्होंने जेल बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर पर प्रयोग करने की इच्छा जताई है।
उन्होंने अपनी पत्नी गीतांजलि से एक किताब मंगवाई है जिसमें चींटियों के सामूहिक कामकाजी तरीके पर चर्चा की गई है।
वांगचुक ने जेल प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट से थर्मामीटर जैसी साधारण उपकरण की मांग की है।
26 सितंबर 2025 को लद्दाख में संविधान की छठी अनुसूची की मांग को लेकर वांगचुक को हिरासत में लिया गया था।
उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है और 29 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई होगी।
News In Detail
लेह-लद्दाख के प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षाविद सोनम वांगचुक राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में चार महीने से बंद हैं और जेल बैरकों को सुधारने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर पर प्रयोग करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी पत्नी से चींटियों पर आधारित किताब मंगवाई है और जेल प्रशासन से थर्मामीटर जैसे साधारण उपकरण की मांग की है। वह इन उपकरणों का उपयोग कर बैरकों की स्थिति में सुधार करना चाहते हैं। वांगचुक की पत्नी ने उनकी हिरासत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
सोनम वांगचुक की जोधपुर जेल में विशेष मांग
जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद प्रसिद्ध क्लाइमेट एक्टिविस्ट और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने कोर्ट से थर्मामीटर जैसी कुछ सरल उपकरणों की मांग की है। उनका उद्देश्य जेल की बैरकों में इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर (पर्यावरण-अनुकूल वास्तुकला) पर प्रयोग करना है। वांगचुक ने अपनी पत्नी गीतांजलि से एक किताब मंगवाई है। इसमें चींटियों पर चर्चा की गई है, ताकि वह उनके सामूहिक कामकाजी तरीके से प्रेरणा ले सकें।
I met @Wangchuk66 yesterday and finally gave him the book on Ants, a gift from his eldest brother, along with books on climate change and its solution that he had requested. He asked me to check with the jail administration and the #SupremeCourtofIndia if he can get instruments… pic.twitter.com/O2guuLqaFJ
— Gitanjali J Angmo (@GitanjaliAngmo) January 21, 2026
वांगचुक का जेल में विश्लेषण
वांगचुक, जो कि पिछले चार महीने से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं, अब बैरकों में सुधार के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाना चाहते हैं। उनका मानना है कि इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर से न सिर्फ जेल की स्थिति में सुधार हो सकता है, बल्कि इससे पर्यावरण के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।
सोनम वांगचुक का जीवन और संघर्ष
26 सितंबर 2025 को, वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था, जब वह लद्दाख में राज्य के दर्जे और संविधान की छठी अनुसूची की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। अब वह जोधपुर जेल में बंद हैं और अपनी शांतिपूर्ण गतिविधियों के जरिए सुधार की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने 29 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। वह अपने पति की हिरासत को चुनौती देने के लिए अदालत में मौजूद रहेंगी। इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
जेल प्रशासन से वांगचुक की मांग
सोनम वांगचुक ने जेल प्रशासन और सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि उन्हें थर्मामीटर जैसी साधारण उपकरण मुहैया कराई जाए, जिससे वह जेल की बैरकों को बेहतर बनाने के लिए इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर पर प्रयोग कर सकें।
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Nature has already written the best manuals. We just need the humility to study and apply them. https://t.co/Dm2lGcoitr
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) January 21, 2026
मुख्य बिंदु:
- सोनम वांगचुक ने जेल में बैरकों के सुधार के लिए थर्मामीटर जैसे साधारण उपकरण की मांग की है, ताकि वह इको-रिस्पॉन्सिव आर्किटेक्चर पर प्रयोग कर सकें।
- सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि से चींटियों पर आधारित किताब 'एंट्स: वर्कर्स ऑफ द वर्ल्ड' मंगवाई है, ताकि वह उनके सामूहिक कामकाजी तरीके से प्रेरणा ले सकें।
- वांगचुक की पत्नी ने गीतांजलि सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है, और मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
आखिर सोनम वांगचुक कौन हैं ?
- एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक : सोनम वांगचुक एक भारतीय इंजीनियर, नवाचारक (innovator) और शिक्षा सुधारवादी हैं। उनका जन्म 1 सितंबर 1966 को लद्दाख के उलेयतोकपो में हुआ था।
उनके जीवन के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सेकमोल (SECMOL): उन्होंने 1988 में 'स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख' (SECMOL) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य लद्दाख के युवाओं को उनकी अपनी भाषा और संस्कृति में व्यावहारिक शिक्षा देना है।
- जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक: उन्होंने लद्दाख के सूखे क्षेत्रों में पानी की कमी को दूर करने के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाने की तकनीक विकसित की, जिसे 'आइस स्टूपा' कहा जाता है।
- पुरस्कार: उन्हें उनके नवाचारों के लिए 2016 में प्रतिष्ठित 'रोलेक्स अवार्ड फॉर एंटरप्राइज' और 2018 में 'रेमन मैग्सेसे पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है।
- लोकप्रिय संस्कृति: बॉलीवुड फिल्म '3 ईडियट्स' में आमिर खान का किरदार 'फुनसुक वांगडू' काफी हद तक सोनम वांगचुक के जीवन और उनके काम से प्रेरित बताया जाता है।
- पर्यावरण और अधिकार: वह लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर अक्सर चर्चाओं और विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहते हैं।
क्यों जेल में बंद हैं सोनम वांगचुक
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) : उन्हें 26 सितंबर 2025 को लद्दाख में NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों का आरोप है कि उनकी गतिविधियों से सार्वजनिक व्यवस्था (public order) को खतरा था और उन पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाए गए हैं।
लद्दाख विरोध प्रदर्शन: यह गिरफ्तारी सितंबर 2024 के अंत में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद हुई थी।
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