आसाराम को हाई कोर्ट से झटका, उम्रकैद की सजा बरकरार, तुरंत सरेंडर के आदेश

Mukesh Sharma | May 27, 2026, 12:56 IST
Asharam Photograph: (The sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम की अपील खारिज करते हुए उनकी आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखा है। और उन्हें तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिये है। हालांकि, कोर्ट ने राहत देते हुए मामले के दो सह-आरोपियों को बरी कर दिया।

News In Short

  • राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम की आजीवन कारावास की सजा रखी बरकरार।
  • सह-आरोपी शिल्पी और शरतचंद्र को किया गया बरी।
  • कोर्ट ने आसाराम को तुरंत जेल में सरेंडर करने को कहा।
  • 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर कोर्ट ने नाबालिग बलात्कार में सजा सुनाई थी।
  • आसाराम पहले मेडिकल ग्राउंड पर जमानत पर थे, अब उसे रद्द कर दिया गया।

News In Detail

राजस्थान हाई कोर्ट ने आसाराम को यौन उत्पीड़न के आरोप में कोई राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने आसाराम की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने मामले में सह-आरोपी शिल्पी और शरतचंद्र को बरी कर दिया है।आसाराम फिलहाल अंतरिम जमानत पर है, लेकिन अब उन्हें सरेंडर करना होगा।



हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ में जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की बैंच ने यह आदेश आसाराम की अपील को खारिज करते हुए व दो सह-आरोपियों की अपील को मंजूर करते हुए दिए।



आसाराम व दो अन्य आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट के सजा के आदेश के खिलाफ हाईकेार्ट में अपील की थी। कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद 20 अप्रेल को फैसला सुरक्षित किया था।



आसाराम को करना होगा सरेंडर

कोर्ट ने इलाज के लिए जमानत पर चल रहे आसाराम को सजा भुगतने के लिए तत्काल जेल में सरेंडर करने को कहा है। कोर्ट ने आसाराम को गैंगरेप का दोषी नहीं माना है लेकिन रेप केस का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा गया है।



2018 को आसाराम को हुई थी सजा

25 अप्रैल 2018 को विशेष न्यायालय ने नाबालिग बलात्कार मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा दी थी। सह-आरोपी शिल्पी और शरतचंद को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी थी। इस फैसले के ख‍िलाफ तीनों ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील की थी।



एक और केस में मिली चुकी है सजा

इसके अलावा जनवरी 2023 में गुजरात के गांधीनगर आश्रम में एक महिला अनुयायी के साथ दुष्कर्म के मामले में भी आसाराम को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। 86 वर्षीय आसाराम बढ़ती उम्र और बीमारियों के चलते लगातार जमानत का प्रयास कर रहा था। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी थी जिसे कोर्ट ने कई बार बढ़ाया है।



आसाराम क्यों है जेल में

आसाराम बापू पर नाबालिग और महिला अनुयायियों के साथ यौन उत्पीड़न और बलात्कार के गंभीर आरोप साबित हुए हैं। 2013 में नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार के मामले में उन्हें जोधपुर कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को आजीवन कारावास की सजा दी थी। राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए यह सजा बरकरार रखी। इसके अलावा गुजरात के गांधीनगर आश्रम में भी महिलाओं के साथ दुष्कर्म के मामले में उन्हें आजिवन कारावास दी जा चुकी है।





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FAQ

  1. राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की सजा पर क्या फैसला दिया?
    हाईकोर्ट ने आसाराम की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी और सह-आरोपी को बरी किया।
  2. आसाराम को जमानत क्यों नहीं मिली?
    कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर दी गई अंतरिम जमानत रद्द कर दी और जेल में सरेंडर करने को कहा।
  3. आसाराम को किस मामले में आजीवन सजा हुई थी?
    2013 में नाबालिग से बलात्कार के मामले में 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर कोर्ट ने आजीवन सजा सुनाई थी।
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