IPS आदर्श सिद्धू को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बीएसएफ में बनाए गए डीआईजी
News In Short
- IPS आदर्श सिद्धू को BSF में DIG के रूप में बड़ी जिम्मेदारी मिली।
- आदर्श सिद्धू ने राजस्थान के कई जिलों में एसपी के रूप में कार्य किया है।
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) विधेयक, 2026 के बाद यह नियुक्ति हुई है।
- CAPF बिल केंद्रीय बलों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए लागू किया गया है।
- आदर्श सिद्धू का बीएसएफ में कार्यकाल 5 साल का रहेगा।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान कैडर के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी आदर्श सिद्धू अब सरहद की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। आईपीएस जय यादव की प्रतिनियुक्ति के बाद केंद्र सरकार ने आदर्श सिद्धू को भी सीमा सुरक्षा बल (BSF) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर नियुक्त किया है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 आने के बाद यह नियुक्ति हुई है।
कौन हैं आदर्श सिद्धू?
2012 बैच के आईपीएस अधिकारी आदर्श सिद्धू को उनकी 'शांत लेकिन सख्त' कार्यशैली के लिए जाना जाता है। राजस्थान पुलिस में अपने कार्यकाल के दौरान वह हमेशा विवादों से दूर रहे और अपनी कार्यकुशलता से पहचान बनाई।सिद्धू भीलवाड़ा, चूरू, टोंक और पाली जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। फील्ड पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के अभियानों ने उन्हें प्रदेश के चुनिंदा अधिकारियों की सूची में शामिल किया है।
5 साल का होगा कार्यकाल
गृह मंत्रालय के आदेशानुसार आदर्श सिद्धू का BSF में कार्यकाल 5 वर्ष का होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सरहदी राज्य के उनके अनुभव को देखते हुए आदर्श सिद्धू की इस नियुक्ति से घुसपैठ और तस्करी जैसे खतरों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी।
राजस्थान सरकार को किया गया निर्देशित
केंद्र सरकार के अवर सचिव संजीव कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र को राजस्थान के मुख्य सचिव को भेजा गया है। पत्र में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि आईपीएस आदर्श सिद्धू को उनके वर्तमान दायित्वों से तत्काल कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे बिना किसी देरी के केंद्र सरकार में अपनी नई भूमिका और कार्यभार संभाल सकें। उनके जल्द ही दिल्ली स्थित बीएसएफ मुख्यालय में रिपोर्ट करने की संभावना है।
क्या है CAPF कानून?
आदर्श सिद्धू की यह नियुक्ति केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 के बाद हुई है। इस कानून को गुरुवार को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मंजूरी मिली है। CAPF बिल का मतलब Central Armed Police Forces (CAPF) से है। यह एक केंद्रीय कानून है जो भारत की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को प्रबंधित करने और उनके अधिकारों तथा कर्तव्यों को स्पष्ट करने के लिए लागू किया गया है। CAPF भारत के केंद्रीय सुरक्षा बलों का एक समूह है, जिनमें शामिल हैं: 1. Border Security Force (BSF) 2. Central Reserve Police Force (CRPF) 3. Central Industrial Security Force (CISF) 4. Indo-Tibetan Border Police (ITBP) 5. Sashastra Seema Bal (SSB) 6. National Security Guard (NSG) (हालांकि यह विशेष बलों में शामिल है)
सीएपीएफ कानून में क्या
यह बिल केंद्रीय बलों के कार्यों, उनके अधिकारों, उनके भर्ती और कार्यकाल की शर्तों, उनके प्रशिक्षण और अन्य नियमों को निर्धारित करता है। इसे लागू करने का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन करने के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करना है। इस कानून के तहत IG स्तर के 50% पदों को अब प्रतिनियुक्ति द्वारा भरा जाएगा। एडीजी के 67% पद और डीजी के 100% पद अब केवल प्रतिनियुक्ति के माध्यम से ही भरे जाएंगे। CAPF बिल विशेष रूप से सुरक्षा बलों की संरचना, उनके संचालन और अन्य प्रशासनिक पहलुओं पर भी ध्यान केंद्रित करता है, जिससे देश की सुरक्षा और आंतरिक शांति बनाए रखने में मदद मिलती है।
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