जयपुर में अमरुदों का बाग और जनपथ पर रैलियों पर रहेगी रोक, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई मुहर
News In Short
- जयपुर के अमरूदों का बाग व जनपथ पर रैली-सभा-समारोह पर रोक बरकरार।
- सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से किया इनकार।
- शीर्ष कोर्ट का आदेश, सरकार को निकालना होगा कानून के तहत नया आदेश।
- राजस्थान हाई कोर्ट ने राजनीतिक रैली के बाद सितंबर 2018 में लगाई थी रोक।
- तब राजनीतिक रैली के कारण ट्रेफिक जाम में फंस गए थे जज भी।
News In Detail
राजस्थान में जयपुर के अमरूदों का बाग, अंबेडकर सर्किल और जनपथ क्षेत्र में किसी भी तरह की रैली, सभा, धरना, प्रदर्शन और सार्वजनिक समारोह नहीं हो सकेंगे। हाई कोर्ट ने साढ़े सात पहले रोक लगाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने हटाने से इनकार कर दिया है।
रोक हटाने के लिए दाखिल हुई याचिका
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने यह आदेश प्रशासक जस्टिस सुदर्शन कुमार मिश्रा (सेवानिवृत्त) और एसएमएस इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन की अपील को निपटाते हुए दिया है।याचिकाकर्ताओं ने राजस्थान हाईकोर्ट के 5 सितंबर 2018 के आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश में हाई कोर्ट ने इन क्षेत्रों में हर तरह के समारोह, राजनीतिक रैली,सभा और धरना-प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी थी।
सरकार नियमों के तहत आदेश जारी करें
राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट के आदेश की पालना में सरकार 8 सितंबर 2018 को ही इन क्षेत्रों को साइलेंस जोन और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर चुकी है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देश की पालना में आदेश जारी किया है। सरकार को कानून के तहत अलग से रोक का नया आदेश जारी करना चाहिए। इस पर सरकार ने आदेश जारी करने के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा।
रैलियों के जज भी फंसे जाम में
दरअसल, साल 2018 में अमरूदों के बाग में एक राजनीतिक रैली का आयोजन हुआ था। इस रैली के कारण सहकार मार्ग, 22 गोदाम सर्कल, टोंक रोड,स्टेच्यू सर्कल के आसपास बड़ा ट्रैफिक जाम हो गया था। पुलिस ने सभा के कारण कई रास्ते बंद किए थे, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया था।
इस जाम में वकील, पक्षकार और हाईकोर्ट जज तक फंस गए थे। उन्हें समय पर हाई कोर्ट पहुंचने में देरी हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जाम के कारण कई एंबुलेंस भी समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाई थी।
हाई कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर पूरे क्षेत्र में कार्यालय समय के दौरान किसी भी प्रकार की बैठक,रैली,प्रदर्शनी,सभा और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा दी थी। सरकार ने भी कोर्ट के निर्देश पर अमरुदों का बाग व अंबेडकर सर्कल के चारों ओर के इलाके को नो-वेडिंग जोन तथा साईलेंस जोन घोषित कर दिया था।
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