SBI पहुंचे किरोड़ी लाल मीणा, फसल बीमा में फर्जीवाड़े का किया बड़ा खुलासा, 9 करोड़ के क्लेम भुगतान पर लगवाई रोक
News In Short
- किरोड़ी लाल मीणा ने चूरू के एसबीआई बैंक में फसल बीमा क्लेम की जांच की।
- 71 किसानों के नाम पर 9 करोड़ रुपये के फसल बीमा क्लेम की अनियमितताएं सामने आईं।
- मंत्री ने बीमा दावों पर भुगतान रोकने का आदेश दिया।
- बीकानेर के गजनेर क्षेत्र के किसानों का फर्जी बीमा किया गया था।
- मीणा ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।
News In Detail
राजस्थान के कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा गुरुवार 13 फरवरी को अचानक चूरू के सालासर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर फसल बीमा क्लेम से संबंधित मामलों की विस्तृत जानकारी ली। बैंक अधिकारियों से आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान उन्होंने बीमा दावों में सामने आई अनियमितताओं पर चर्चा की। इसके बाद बैंक ने 9 करोड़ रुपए के फसल बीमा क्लेम के भुगतान पर रोक लगा दी।
71 किसानों के नाम पर 9 करोड़ रुपये का क्लेम
किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि सालासर एसबीआई शाखा में 71 किसानों के नाम पर 9 करोड़ रुपए का फसल बीमा क्लेम उठाने की तैयारी की जा रही थी। प्राथमिक जांच में दस्तावेजों में कई खामियां पाई गईं। उन्होंने कहा कि समय रहते इस मामले की जानकारी मिलने से भुगतान पर रोक लग सकी। अन्यथा यह राशि बीमा माफिया के हाथों में जा सकती थी।
बीकानेर के किसानों के नाम पर हुआ फर्जी बीमा
कृषि मंत्री मीणा ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि बीकानेर जिले के गजनेर क्षेत्र के किसानों के नाम पर सालासर शाखा में फसल बीमा किया गया था। हैरान करने वाली बात यह थी कि जिन किसानों का बीमा दर्शाया गया था, उनकी उस क्षेत्र में भूमि ही नहीं थी। यह फसल बीमा को लेकर घोटाले का संकेत था।
1150 करोड़ रुपये की फसल बीमा धोखाधड़ी
किरोड़ीलाल मीणा ने आरोप लगाया कि पूरे राजस्थान में लगभग 15 हजार किसानों से करीब 1150 करोड़ रुपए की राशि काटी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल बीमा में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मुद्दे पर मंत्री ने बैंक अधिकारियों से सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा और मामले की गहन जांच के संकेत दिए।
भविष्य में कड़ी कार्रवाई के संकेत
मंत्री मीणा ने एसबीआई बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें और मामले की पूरी जांच करें। उन्होंने यह भी कहा कि फसल बीमा के मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और इसके लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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