बरसों से चल रहे थे ड्यूटी से गायब, अब सरकार लेगी 697 गायब डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन

Mukesh Sharma | Apr 24, 2026, 18:41 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में 22 साल से ड्यूटी से गायब एक डॉक्टर सहित 697 डॉक्टरों को लेकर सरकार अब हरकत में आई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय ने सभी सीएमएचओ से गायब डॉक्टरों की लिस्ट भेजकर 5 दिन में सख्त एक्शन करने को कहा है।

News In Short

  • राजस्थान में 697 डॉक्टर बरसों से चल रहे ड्यूटी से नदारद।
  • कोई 2004 से लापता तो कोई पीजी के बाद लौटा ही नहीं।
  • चिकित्सा विभाग ने 5 दिन में मांगी ऐसे डॉक्टरों की रिपोर्ट।
  • स्पेशलिस्ट बनकर हुए रफूचक्कर, अब बॉन्ड राशि वसूलने की तैयारी।
  • नौकरी खत्म करने की तैयारी, सीसीए नियमों के तहत होगी कार्रवाई।

News In Detail

राजस्थान में लंबे समय से ड्यूटी से नदारद चल रहे डॉक्टरों के बारे में सरकार ने सुध ले ली है। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने ऐसे गायब चिकित्सकों की सूची तैयार की है। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से गायब 697 डॉक्टरों को चिन्हित किया है। निदेशालय ने ड्यूटी से गायब इन डॉक्टरों के खिलाफ संबंधित सीएमएचओ को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।



विभागीय लापरवाही का हाल यह है कि एक डॉक्टर 22 साल से ड्यूटी से गायब है। विभाग अब कार्रवाई शुरु करने के निर्देश दे रहा है। निदेशालय ने सभी ​सीएमएचओ को उनके जिले के ड्यूटी से गायब डॉक्टरों की लिस्ट भेजकर पांच दिन में कड़ा एक्शन लेने को कहा है।



अधिकांश डॉक्टर तबादले, पदस्थापन या पीजी पूरी करने के बाद कार्यभार ग्रहण ना कर लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। विभाग ने अब इसे उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और राजकार्य के प्रति गंभीर लापरवाही माना है।



सरकार और जनता दोनों का हो रहा है नुकसान

गायब होने वाले अधिकांश डॉक्टर स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं। इनमें से अधिकांश डॉक्टरों ने नाम मात्र की फीस में सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और पूरा वेतन लेकर स्टडी लीव पर पीजी करने वाले डॉक्टर भी शामिल हैं। यह ना केवल जनता के पैसे का दुरुपयोग है बल्कि उस राज्य के भरोसे को तोड़ना है, जिसे जनता ने अपने स्वास्थ्य के देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी है।



जनता के पैसे से डॉक्टर बनकर ड्यूटी से गायब रहने वालों के विरुद्ध 20-22 साल तक कोई कार्रवाई नहीं करना सरकार की घोर लापरवाही और प्रशासनिक विफलता है। दूसरी ओर, सरकार को डॉक्टरों की कमी से जूझना पड़ रहा है।



2004 से लेकर 2023 तक के डॉक्टर तक गायब

उदयपुर में एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सपना जैन 7 जुलाई, 2004 से ड्यूटी से गायब है। वहीं जैसलमेर से डॉक्टर महिमा शर्मा 2008 से ड्यूटी से गायब है। इसी प्रकार स्त्री-रोग विशेषज्ञ से लेकर सर्जरी, मेडिसिन,एनेस्थेशिया सहित करीब-करीब हर ​​विशेषज्ञता के डॉक्टर इस सूची में शामिल हैं।



राजस्थान सरकार में महत्वपूर्ण पद पर काम कर रहे एक डॉक्टर का कहना है कि अधिकांश डॉक्टर तबादले या पोस्टिंग से असंतुष्ट होकर सरकारी नौकरी छोड़कर निजी क्षेत्र में प्रैक्टिस करने चले जाते हैं। वहीं कुछ डॉक्टर अपने स्वयं के अस्पताल या नर्सिंग होम शुरु कर लेते हैं।



अब पांच दिन में कार्रवाई के निर्देश

सालों तक नींद में रहने के बाद चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग निदेशालय ने सभी जिलों के सीएमएचओ को उनके जिले से गायब डॉक्टरों की लिस्ट भेजी है। इन्हें सेवा नियमों के तहत पांच दिन में ही कार्रवाई करने को कहा है।



अनुशासनात्मक कार्रवाई:- एक वर्ष से अधिक समय से अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ सीसीए (CCA) नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव 5 दिन के भीतर भेजे जाएं।



सेवा समाप्ति की चेतावनी:- जिन डॉक्टरों को पहले नोटिस दिया जा चुका है और उन्होंने जवाब नहीं दिया, उनकी सेवा समाप्ति (Termination) की प्रक्रिया शुरू की जाए।



बॉण्ड राशि की वसूली: सेवारत कोटे से पीजी करने के बाद गायब रहने वाले डॉक्टरों से बन्ध-पत्र (Bond) राशि की वसूली की जाए।



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