जाम से किरकिरी के बाद जयपुर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव, ट्रैफिक पुलिस में कई फेरबदल
News In Short
- विधायक की शादी में जाम से किरकिरी होने के बाद जयपुर की ट्रेफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव।
- इस शादी में डीजीपी राजीव शर्मा खुद भी डेढ़ घंटे तक भारी जाम में फंसे रहे।
- सीएम भजनलाल ने भी समीक्षा बैठक में इस मामले को लेकर असंतोष जताया।
- अब जयपुर के हर जिले में एक एडिशनल डीसीपी और दो-दो एसीपी की तैनाती।
- इस नई व्यवस्था से जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलने के आसार।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और बदहाल यातायात व्यवस्था को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा के कड़े रुख के बाद बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस प्रशासन ने शहर की ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन कर दिया है। अब जयपुर के हर जिले में यातायात प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए एक एडिशनल डीसीपी और दो-दो एसीपी की तैनाती की गई है।
जब डीजीपी खुद डेढ़ घंटे फंसे रहे
इस बड़े बदलाव के पीछे की मुख्य वजह शहर की चरमराई यातायात व्यवस्था और हाल ही में हुई एक बड़ी घटना को माना जा रहा है। दरअसल, 8 अप्रैल को जब प्रदेश के डीजीपी राजीव शर्मा कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह में शामिल होने सीकर रोड की ओर जा रहे थे, तब वह खुद करीब डेढ़ घंटे तक भारी जाम में फंसे रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समीक्षा बैठक में जयपुर में बढ़ते जाम पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बाद सोमवार को विभाग ने अधिकारियों की नई पोस्टिंग के आदेश जारी किए।
अब ऐसी होगी व्यवस्था
ट्रैफिक शाखा को अब अधिक सशक्त और जवाबदेह बनाया गया है। आदेश के अनुसार यातायात शाखा में अब कुल 1 एडिशनल कमिश्नर, 1 डीसीपी, 4 एडिशनल डीसीपी, 8 एसीपी और 15 इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं।
इन्हें दी नई जिम्मेदारियां:
हरि प्रसाद सोमानी: एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ)
समीर कुमार: एडिशनल डीसीपी (वेस्ट)
डॉ. हेमंत कुमार जाखड़: एडिशनल डीसीपी (ईस्ट)
इसके साथ ही एसीपी स्तर के अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। सरिता बड़गुर्जर को नॉर्थ हेडक्वार्टर से हटाकर नई जिम्मेदारी दी गई है। राजेंद्र कुमार रावत (एसीपी नॉर्थ), कमल नयन मोयल (नॉर्थ सेकंड), रोहित चावला (वेस्ट), राजकुमार मीणा (वेस्ट सेकंड), प्रेम कुमार (साउथ सेकंड) और मुकेश चौधरी को ईस्ट सेकंड की कमान सौंपी गई है। वहीं, एसीपी किशोर भदौरिया को ट्रैफिक से हटाकर आरपीए (RPA) भेज दिया गया है।
इंस्पेक्टर और बीट सिस्टम
केवल आला अधिकारियों के स्तर पर ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी मॉनिटरिंग बढ़ाने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। शहर में ट्रैफिक इंस्पेक्टरों की कुल संख्या 15 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। अब जयपुर के प्रत्येक जिले में 5-5 इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे, जो सीधे तौर पर सड़कों पर व्यवस्था संभालेंगे।
निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए 72 ट्रैफिक बीट बनाई गई हैं। इससे बीट स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को त्वरित आवाजाही के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई 20 नई मोटरसाइकिलें दी जाएंगी। यातायात के दबाव और जाम के सटीक आकलन के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। शहर के व्यस्ततम चौराहों और इलाकों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी।
व्यवस्था के साथ-साथ इंस्पेक्टरों की वर्दी में भी बदलाव करने का निर्णय लिया गया है, जिससे उनकी पहचान स्पष्ट हो सके।
इन्हें किया निलंबित
सांगनेर स्थित पिंक थाई स्पा मामले में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल अंगदराम मीणा और घटना के समय ड्यूटी ऑफिसर रहे एसआई महेश चंद को निलंबित कर दिया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने आरोपी को थाने बुलाकर बिना किसी उचित कार्रवाई के छोड़ दिया था। अब इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
ये भी पढे़:-
पंचायत-निकाय चुनाव: राजस्थान सरकार पहुंची हाईकोर्ट, दिसंबर तक चुनाव टालने की दलील
एफएसएल निदेशक डॉ. अजय शर्मा को हटाया, भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
हार के डर से पंचायत और निकाय चुनाव टाल रही है भाजपा, पायलट ने लगाए आरोप