राजस्थान बिजली टैरिफ, आम जनता को रेट में राहत पर सरचार्ज की मार, जानें पूरी खबर
News In Short
- ईवी और उद्योगों के लिए बड़े बदलाव
- आम उपभोक्ता के लिए बेस रेट में बदलाव नहीं,पर सरचार्ज का बोझ बरकरार।
- ईवी राहत,चार्जिंग स्टेशनों से फिक्स्ड चार्ज खत्म
- मध्यम उद्योगों को बिजली दरों में 30 पैसे की सीधी कटौती।
- दोपहर में 10% सस्ती और पीक ऑवर्स में 10% महंगी बिजली।
News In Detail
राजस्थान के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी और बुरी खबर एक साथ आई है। राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने साल 2026-27 का नया टैरिफ यानि बिजली की दर जारी कर दी है। सरकार ने इस बार घरेलू बिजली की मूल दरों में कोई बढ़ोतरी न करके जनता को शांत रखने की कोशिश की है। लेकिन रेगुलेटरी सरचार्ज और अन्य टैक्स को जारी रखकर यह साफ कर दिया है कि महीने का बिजली बिल कम होने वाला नहीं है।
आम उपभोक्ता के जेब पर बोझ कम नहीं होगा
मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि उन्हें 1 अप्रैल से बढ़ी हुई दरों पर पैसे नहीं देने होंगे। पुरानी दरें जो कि 4.75 रुपए से 7.50 रुपए प्रति यूनिट ही लागू रहेंगी। लेकिन असली पेंच रेगुलेटरी सरचार्ज में है। डिस्कॉम के पुराने घाटे को भरने के लिए 100 यूनिट तक 70 पैसे और उससे ऊपर 1 रुपए प्रति यूनिट का अतिरिक्त चार्ज वसूला जाता रहेगा। यानी राहत के नाम पर केवल आंकड़ों की बाजीगरी है वास्तविक बिल में कमी की उम्मीद कम ही है।
ईवी सेक्टर की हुई बल्ले-बल्ले
नए टैरिफ का सबसे बड़ा फायदा इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों और चार्जिंग स्टेशन संचालकों को मिला है। अब तक इनसे वसूले जाने वाले 150 रुपए प्रति केवीए स्थायी शुल्क को खत्म कर दिया है। इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए अब 6 रुपए प्रति यूनिट की दर तय की गई है। इससे राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा और इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाना सस्ता होगा।
उद्योग और समय का गणित
औद्योगिक क्षेत्र में मध्यम उद्योगों को राहत देते हुए दरें 30 पैसे प्रति यूनिट घटाकर अब 6 रुपए प्रति युनिट कर दी हैं। वहीं 10 किलोवॉट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ डे नियम लागू होगा।
इस नियम के तहत दोपहर 12 से 4 बजे 10 फीसदी की छूट मिलेगी। यह सोलर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए है। इसके अतिरिक्त रात के पीक ऑवर्स 6 से 10 बजे 10 फीसदी अतिरिक्त चार्ज लगेगा। सुबह 6 से 8 बजे 5 फीसदी अतिरिक्त चार्ज लगेगा।
डिस्कॉम को 7 साल की डेडलाइन
आयोग ने बिजली कंपनियों की ढीली कार्यप्रणाली पर सख्ती दिखाते हुए कहा है कि वे अगले 7 साल में अपना पूरा घाटा खत्म करें। आयोग ने सरकार को भी सलाह दी है कि वह बिजली कंपनियों को दी जाने वाली सब्सिडी समय पर जारी करे ताकि आम उपभोक्ताओं पर सरचार्ज का बोझ हमेशा के लिए खत्म हो सके।
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