जिस दिन संभाला कार्यभार, उसी दिन रिटायर होने से पहले दूसरे विभाग के अफसर का कर दिया तबादला, पूरा मामला जानकार रह जाएंगे हैरान
Mukesh Sharma | Apr 02, 2026, 19:49 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में एक अधिकारी ने गजब का कारनामा किया। कोर्ट के आदेश पर 31 मार्च को कार्यभार संभाला। उसी दिन उसे रिटायर होना था। लेकिन, जाते—जाते वह एक ऐसा तबादला आदेश कर गया, जिसने सरकार के भी हाथ—पांव फुला दिए।
News In Short
- सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने कोर्ट के आदेश पर 31 मार्च को कार्यभार संभाला।
- उसी दिन राठौड़ को बायोफ्यूल प्राधिकरण से रिटायर भी होना था।
- जाते-जाते राठौड़ ने क्षेत्राधिकार से बाहर दूसरे विभाग में कर दिया तबादला।
- मजेदार बात यह कि तबादला आदेश में मंत्री के निर्देशों का भी दिया हवाला।
- आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं सुरेंद्र सिंह राठौड़।
News in Detail
रिश्वत के बाद हटाया था पद से
रिटायर होकर घर जाने से पहले उन्होंने कौशल, नियोजन व उद्यमिता विभाग के राजसमंद में तैनात सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) को बायोफ्यूल प्राधिकरण में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर लगाने के आदेश जारी कर दिए। इसके लिए उन्होंने बाकायदा आदेश में ग्रामीण विकास मंत्री के निर्देशों का हवाला दिया। मजेदार बात यह है कि बायोफ्यूल प्राधिकरण ग्रामीण विकास विभाग के अधीन आता है। कौशल, नियोजन व उद्यमिता विभाग अलग से विभाग है।
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जांच होगी, लेकिन बिगड़ने वाला कुछ नहीं
रोचक बात यह है कि आदेश जारी करने वाले सुरेंद्र सिंह राठौड़ का जांच के बाद कुछ बिगड़ने वाला नहीं है, क्योंकि वह इस पद पर कांट्रेक्ट पर था। रिटायरमेंट के साथ ही उसकी सेवाएं भी समाप्त हो गई।
2002 में एसीबी ने पकड़ा था, 4 करोड़ नगद मिले
एसीबी को नोट गिनने के लिए मशीन तक मंगवानी पड़ी थी। हैरानी की बात यह है कि राठौड़ करीब 40 दिन तक जेल में रहा और सरकार ने उसे सस्पेंड भी कर दिया था। कांट्रेक्ट पर होने के कारण सरकार उसे बहाल करके उसी पोस्ट पर लगाने को कानूनी रुप से मजबूर नहीं थी। इसके बावजूद न केवल उसे बहाल किया गया, बल्कि उसी बायोफ्यूल प्राधिकरण के पीडी के रुप में काम करते रहने दिया।
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हैरान करने वाले खुलासे
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सुप्रीम कोर्ट ने छीन ली थी राहत
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