पंचायत-निकाय चुनाव 15 नवंबर तक, शेड्यूल पर हाई कोर्ट ने लगाई मुहर
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान हाई कोर्ट ने पंचायत-निकाय चुनाव के लिए समयसीमा तय की।
- 15 नवंबर तक होंगे चुनाव, सरकार को नहीं मिलेगी और मोहलत: कोर्ट ।
- ओबीसी आयोग रिपोर्ट 5 अगस्त तक, फिर निकाय चुनाव, 15 नवंबर तक पंचायत चुनाव।
- हाई कोर्ट ने मंजूर किया चुनाव रोडमैप, सरकार का शपथ पत्र रिकॉर्ड पर लिया।
राजस्थान में लंबे समय से अटके पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट ने बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रदेश में स्थानीय चुनाव संपन्न कराने के लिए 15 नवंबर 2026 तक की अंतिम समयसीमा तय कर दी है।
राज्य सरकार ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है। OBC आयोग 5 अगस्त तक रिपोर्ट देगा, फिर 10 दिन में लॉटरी होगी। 17 अगस्त को निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और 15 नवंबर तक राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव पूरे कर लिए जाएंगे।
सरकार का शपथ पत्र मंजूर
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने हाई कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया। उन्होंने बताया कि 19 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इसमें चुनाव प्रक्रिया को लेकर योजना बनाई गई थी।
OBC आयोग ने आश्वासन दिया कि वह 5 अगस्त तक OBC आरक्षण की रिपोर्ट पेश कर देगा। स्वायत्त शासन सचिव और पंचायत राज सचिव ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के 10 दिन के भीतर वार्डों की लॉटरी निकाल ली जाएगी।
चुनाव की समयसारिणी
राज्य निर्वाचन आयोग ने अदालत को चुनाव की समयसारिणी से अवगत कराया। पहले निकाय चुनाव कराए जाएंगे, जिसकी अधिसूचना 17 अगस्त को जारी की जाएगी और चुनाव 20 सितंबर तक कर लिए जाएंगे। 23 सितंबर को पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होगी और उन्हें 15 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
कोर्ट की सख्ती
एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि इसके बाद सरकार को चुनाव कराने के लिए कोई भी अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। अदालत ने याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को खारिज करते हुए राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।
कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि यदि राज्य ओबीसी आयोग समय पर रिपोर्ट नहीं देता है तो क्या निर्वाचन आयोग चुनाव कराने को तैयार है। इस पर आयोग ने आश्वस्त किया कि OBC आयोग 5 अगस्त तक रिपोर्ट दे देगा और वे निर्धारित समय पर चुनाव कराएंगे।
याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि अदालत पूर्व में राज्य सरकार के समय बढ़वाने के लिए पेश प्रार्थना पत्र को खारिज कर चुकी है, अब वही बात इस शपथ पत्र के जरिए कही जा रही है।
ये भी पढ़ें:-
पंचायत-निकाय चुनाव टालने पर हाई कोर्ट सख्त, चुनाव आयुक्त को किया तलब
पंचायत-निकाय चुनाव टालने की फिर गुहार, सरकार ने हाई कोर्ट में लगाई अर्जी
चुनाव आयोग ने खड़े किए हाथ, 31 जुलाई तक नहीं होंगे पंचायत-निकाय चुनाव
पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर, संयम लोढ़ा बोले—पहले उन्हें भी सुना जाए