निकाय चुनाव के नाम पर हो रही है ठगी, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

Ashish Bhardwaj | Aug 25, 2026, 11:58 IST
राजस्थान निकाय चुनाव
निकाय चुनाव से पहले राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव के लिए 10 सूत्रीय एडवाइजरी जारी की है। फर्जी वोटर लिंक, OTP, QR कोड और डीपफेक वीडियो से जुड़े खतरों पर खास सावधानी बरतने को कहा गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान पुलिस ने चुनाव से पहले साइबर ठगी को लेकर अलर्ट जारी किया।
  • फर्जी वोटर लिंक, कॉल और डीपफेक वीडियो से सावधान रहने की अपील।
  • पुलिस ने नागरिकों के लिए 10 सूत्रीय साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की।
  • OTP, UPI PIN और QR कोड को लेकर सतर्क रहने की सलाह।
  • ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।

राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव नजदीक हैं। इसी बीच साइबर ठगों ने नागरिकों, प्रत्याशियों और चुनाव ड्यूटी कर्मियों को निशाना बनाने का नया जाल बिछाना शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर क्राइम शाखा ने पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने बचाव के लिए 10 सूत्रीय एडवाइजरी जारी की है। हर मतदाता और नागरिक को इसका पालन करने की सलाह दी गई है।



चुनावी माहौल में क्यों बढ़ा साइबर खतरा

नगर निकाय और पंचायतीराज चुनाव राजस्थान की सुगबुगाहट के बीच साइबर ठगों ने आम नागरिकों को ठगने की नई रणनीति अपनानी शुरू कर दी है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, साइबर क्राइम एवं तकनीकी सेवाएं, वीके सिंह के मुताबिक चुनाव के दौरान फर्जी वोटर लिस्ट लिंक, फर्जी कॉल, डीपफेक वीडियो और QR कोड के जरिए ठगी बढ़ने की आशंका है।



आम जनता को इस खतरे से बचाने के लिए राजस्थान पुलिस ने 10 महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक इनका पालन करना हर नागरिक के लिए जरूरी है।



साइबर सुरक्षा एडवाइजरी


राजस्थान पुलिस की 10 सूत्रीय साइबर सुरक्षा एडवाइजरी

1. फर्जी वोटर लिंक से बचें वॉट्सएप या एसएमएस पर आए ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश पर क्लिक न करें, जिसमें वोटर लिस्ट में नाम देखने या पोलिंग बूथ बदलने का दावा किया गया हो।



2. सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर भरोसा करें मतदान, वोटर कार्ड या पोलिंग स्टेशन से जुड़ी जानकारी के लिए केवल स्टेट इलेक्शन कमीशन राजस्थान और सीईओ राजस्थान के आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।



3. किसी को न दें OTP या UPI PIN चुनाव आयोग का अधिकारी बताकर कॉल करने वाले किसी भी व्यक्ति को बैंक विवरण, OTP या UPI PIN कभी न बताएं।



4. वायरल वीडियो-डीपफेक की पुष्टि जरूरी नेताओं या राजनीतिक दलों से जुड़े किसी भी वायरल वीडियो या ऑडियो को बिना आधिकारिक पुष्टि के आगे फॉरवर्ड न करें।



5. प्रत्याशी 2FA जरूर करें चालू चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और राजनीतिक कार्यकर्ता अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और वॉट्सएप खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन तुरंत सक्रिय करें।



6. QR कोड स्कैन करने से पहले जांच लें डोनेशन या फंड रेजिंग के लिए मिले किसी भी QR कोड को स्कैन करते समय सतर्क रहें। पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी PIN डालने की जरूरत नहीं होती।



7. व्हाट्सएप ग्रुप में रखें 'Only Admins' सेटिंग चुनाव प्रचार से जुड़े ग्रुप में फर्जी खबरें रोकने के लिए एडमिन केवल भरोसेमंद सदस्यों को ही मैसेज की अनुमति दें।



8. पब्लिक वाई-फाई से बचें चुनाव कर्मी चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारी ईवीएम या चुनावी डेटा से जुड़ी जानकारी असुरक्षित पब्लिक वाई-फाई पर साझा न करें।



9. अनजान ईमेल अटैचमेंट न खोलें चुनावी ड्यूटी के दौरान अज्ञात ईमेल आईडी से आए किसी भी अटैचमेंट या लिंक को बिना जांचे न खोलें।



10. ठगी होते ही डायल करें 1930 साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राज्य के स्पेशल हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर संपर्क करें।



पुलिस की अपील- सतर्क मतदाता ही सुरक्षित मतदाता

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस वीके सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी चुनावी माहौल का फायदा उठाकर लोगों को भ्रमित करने और आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश में रहते हैं।



पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुद सतर्क रहें और आसपास के लोगों को भी इस एडवाइजरी के बारे में जागरूक करें। ठगी का शिकार होने पर पीड़ित राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।



FAQ

  1. राजस्थान पुलिस की साइबर एडवाइजरी में कितने बिंदु हैं?
    राजस्थान पुलिस ने कुल 10 सूत्रीय एडवाइजरी जारी की है। इसमें फर्जी लिंक, OTP, QR कोड और डीपफेक से जुड़ी सावधानियां शामिल हैं। हर नागरिक को इनका पालन करने की सलाह दी गई है।
  2. चुनाव प्रत्याशियों के लिए क्या खास सलाह दी गई है?
    प्रत्याशियों को अपने सोशल मीडिया खातों पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखने को कहा गया है। मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है। इससे अकाउंट हैक होने का खतरा कम होता है।
  3. साइबर ठगी होने पर किस नंबर पर शिकायत करें?
    ठगी होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए। इसके अलावा राज्य के हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज हो सकती है।

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