राज्यसभा चुनाव में टली क्रॉस वोटिंग, तीनों चेहरों का निर्विरोध जीतना तय
समझें क्या है पूरा मामला
- नामांकन के आखिरी दिन भाजपा के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर ने भरा पर्चा।
- नामांकन के समय सीएम भजनलाल और पूर्व सीएम वसुंधरा की मौजूदगी में बड़ा शक्ति प्रदर्शन।
- भाजपा टिकट चयन में इस बार राजस्थान में जाट-गुर्जर और महिला वोट बैंक को साधा।
- कांग्रेस के नीरज डांगी ने 5 जून को भरा था नामांकन, पायलट गुट रहा था नदारद।
- भाजपा ने नहीं उतारा तीसरा उम्मीदवार, तीनों चेहरों का निर्विरोध जीतना तय।
राजस्थान में राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन भरने का अंतिम दिन था। आखिर दिन भाजपा उम्मीदवार डॉ. सतीश पूनियां और डॉ. अलका गुर्जर ने जयपुर में विधानसभा सचिवालय पहुंचकर चुनाव अधिकारी के समक्ष अपने नामांकन दाखिल किए। कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी 5 जून को अपना पर्चा भर चुके हैं।
भाजपा ने राजस्थान से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारा है। इसके कारण विधानसभा में संख्या बल के अनुसार भाजपा के दो और कांग्रेस के एक उम्मीदवार का निर्विरोध निर्वाचन करीब-करीब तय लग रहा है।
भाजपा में दिखा अनुशासन
भाजपा उम्मीदवारों के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे और प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित भाजपा का पूरा अमला साथ रहा।
नामांकन से पहले विधानसभा में भाजपा विधायक दल की बैठक तक हुई, जिसमें नामांकन के समय शक्ति प्रदर्शन का निर्णय लिया गया।
इसके उलट कांग्रेस उम्मीदवार नीरज डांगी के नामांकन के दौरान 5 जून को सचिन पायलट का गुट पूरी तरह नदारद दिखाई दिया।
जाट-गुर्जर-महिला तीनों समीकरण साधने की कोशिश
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ.अलका गुर्जर को उम्मीदवार बनाकर भाजपा आलाकमान ने भविष्य की चुनावी इबारत लिखी है।
पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर को उच्च सदन में पहुंचाकर भाजपा ने राजस्थान के साथ ही उत्तर प्रदेश के चुनावी गणित को भी ध्यान में रखा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट और गुर्जर बाहुल्य कई सीट हैं। पूर्वी यूपी में भी कई सीटों पर गुर्जर वोट निर्णायक स्थिति में हैं। डॉ.अनिता गुर्जर को राज्यसभा भेजकर पार्टी ने महिला फैक्टर को भी साधा है।
सतीश पूनिया 2023 का विधानसभा चुनाव हार गए थे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें हरियाणा में प्रभारी के रुप में जिम्मेदारी दी थी। हरियाणा में भाजपा की जीत के बाद पार्टी में उनका कद बढ़ गया।
नामांकन के समय भाजपा उम्मीदवार डॉ.अलका गुर्जर के पति पूर्व मंत्री नाथूसिंह गुर्जर भी साथ रहे। डॉ.अलका गुर्जर 2013 में बांदीकुई से विधायक रही हैं।
उन्हें राज्यसभा भेजकर भाजपा ने पूर्वी राजस्थान में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश की है। अलका गुर्जर वर्तमान में भाजपा की केंद्रीय कार्यकारिणी में सचिव हैं।
डांगी कर चुके हैं पर्चा दाखिल
कांग्रेस ने अपने वर्तमान सांसद नीरज डांगी को ही दूसरी बार उम्मीदवार बनाया है। डांगी अपना नामांकन 5 जून को दायर कर चुके हैं।
हालांकि उन्हें दूसरी बार उम्मीदवार बनाए जाने का दक्षिणी राजस्थान के पांच जिला अध्यक्षों ने विरोध किया है। ये लोग दिल्ली भी गए थे। लेकिन,उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
चुनाव की नौबत नहीं
विधानसभा में विधायकों की संख्या के अनुसार राज्यसभा में भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट पर विजयी होने में कोई समस्या नहीं है।
इसी कारण संभवत: भाजपा ने न तो तीसरा उम्मीदवार उतारा है और न ही किसी निर्दलीय को समर्थन दिया है। इससे राजस्थान में किसी प्रकार की क्रॉस-वोटिंग या हार्स-ट्रेडिंग होने की संभावना नहीं है।
नाम वापसी की तारीख 11 जून है। राज्यसभा चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों के ही नामांकन तीन सीटों पर वोटिंग की जरुरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में इन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा।
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