एसआई भर्ती परीक्षा 2025: परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
News In Short
- राजस्थान SI परीक्षा 2025 को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए RPSC ने कड़े सुरक्षा उपाय किए हैं।
- परीक्षा 5 और 6 अप्रैल 2025 को आयोजित होगी, जिसमें 7.70 लाख अभ्यर्थी भाग लेंगे।
- 1174 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए वीडियोग्राफी, सीसीटीवी और फ्लाइंग स्क्वॉड की निगरानी रहेगी।
- डमी कैंडिडेट्स को पकड़ने के लिए बहु-स्तरीय पहचान प्रणाली और क्यूआर कोड आधारित प्रवेश पत्र होंगे।
- परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रहेंगे।
News In Detail
राजस्थान लोकसेवा आयोग (RPSC) ने एसआई भर्ती परीक्षा 2025 को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। यह परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को 1174 केंद्रों पर आयोजित होगी। इस परीक्षा में प्रदेश के लगभग 7.70 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।
परीक्षा केंद्रों में नकल रोकने के लिए सरकार भी पूरी तैयारी कर रही है। सचिवालय में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव शर्मा ने आरपीएससी अधिकारियों के साथ परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की।
1174 केंद्रों पर सुरक्षा
राजस्थान में इस भर्ती परीक्षा के लिए 41 प्रमुख शहरों में 1174 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए कमांडो पहरे जैसी निगरानी रखी जाएगी।
नकल रोकने के लिए ये होंगे उपाय
वीडियोग्राफी: परीक्षा के हर केंद्र की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। हर गतिविधि की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों को स्टॉल किया जाएगा।
फ्लाइंग स्क्वॉड: वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में उड़न दस्ते केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।
डिजिटल पाबंदी: परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र बंद रहेंगे।
डमी कैंडिडेट्स और नकल रोकने के लिए ये होंगे इंतजाम
एसआई भर्ती 2021 की घटनाओं से सीख लेते हुए इस बार डमी अभ्यर्थियों को पकड़ने के लिए बहु-स्तरीय पहचान प्रणाली लागू की गई है। कोई भी बाहरी व्यक्ति असली परीक्षार्थी की जगह नहीं बैठ सकेगा।
प्रवेश पत्र अब क्यूआर कोड (QR Code) युक्त होंगे। इससे उनकी सत्यता की तुरंत जांच की जा सकेगी। बायोमेट्रिक और फोटो मिलान की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जैसे ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच या मोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध रहेंगे रडार पर
इस परीक्षा के प्रश्न पत्रों के परिवहन, उनके भंडारण और वितरण को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। पेपरों को हाई-सिक्योरिटी वाले स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। एसओजी और एटीएस की टीमें पहले से ही सक्रिय रहेंगी। पुराने पेपर लीक गिरोहों पर पैनी नजर रखी जा रही हैं। संदिग्ध व्यक्तियों की सूची तैयार कर उन्हें पहले ही रडार पर ले लिया गया है।
ढिलाई पर कलेक्टर-एसपी होंगे जिम्मेदार
डीजीपी राजीव शर्मा ने इस परीक्षा को राज्य की सबसे संवेदनशील परीक्षा करार दिया है। यदि किसी जिले में समन्वय की कमी पाई गई तो संबंधित जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की सीधी जवाबदेही तय होगी।
परीक्षा की मुख्य बातें
परीक्षा विवरण आंकड़े / जानकारी
कुल अभ्यर्थी- 7.70 लाख
परीक्षा की तारीख- 5 और 6 अप्रैल 2025
कुल परीक्षा केंद्र - 1174
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