राजस्थान की वुशू-आर्चरी टीम से मणिपुर में लूट, सरकार ने दिए जांच के आदेश
News In Short
- मणिपुर में राजस्थान की वुशू-आर्चरी टीम से संदिग्ध लोगों ने बंदूक दिखाकर हाईवे पर पैसे वसूले।
- कोच सोहनराम ने घटना की जानकारी दी और बताया कि टीम पूरी तरह से सुरक्षित है।
- पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने घटना को लेकर चिंता जताई और मणिपुर सरकार से कार्रवाई की मांग की।
- मणिपुर सरकार ने पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए, संदिग्धों पर कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया।
- एक खिलाड़ी ने टिकट व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए, लेकिन कोच ने आरोपों का खंडन किया।
News In Detail
मणिपुर के राजधानी इम्फाल में 69वीं राष्ट्रीय स्कूल चैंपियनशिप से लौट रही राजस्थान की वुशू-आर्चरी टीम से संदिग्ध लोगों ने बंदूक दिखाकर कार को रुकवाया गया। इसके बाद पैसे लूटने की घटना सामने आई हैं। घटना के बाद मणिपुर सरकार ने इम्पाल पुलिस को जांच के सख्त आदेश दिए हैं।
हाईवे पर लूटपाट
राजस्थान की खेल टीम के साथ मणिपुर में हुई सड़क मार्ग रोकने वाली घटना ने खेल जगत और आम जनता के बीच चिंता पैदा कर दी है। इस घटना में टीम को हाईवे पर रोककर पैसे देने का दबाव डाला गया था। घटना की जानकारी कोच सोहनराम ने दी हैं।
घटना का समय और विवरण
कोच सोहनराम ने बताया कि 13 जनवरी की रात लगभग 12:30 बजे टीम इम्फाल जा रही थी। रास्ते में हाईवे पर कुछ लोगों ने गाड़ी को रोक लिया। ड्राइवर को बुलाने के बाद वे लोग आए और बिना किसी स्पष्ट कारण लगभग 1,000 रुपये ले लिए। कोच ने कहा कि वे सभी सुरक्षित हैं। परंतु ये घटनाएं चिंताजनक हो सकती है और सुरक्षा पर सवाल उठती हैं।
पूर्व सीएम ने उठाये सवाल
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी इस घटना को लेकर सोशल मीडिया अकाउंट पर चिंता जाहिर की हैं।
मणिपुर सरकार ने जांच के दिए आदेश
मणिपुर सरकार ने इम्फाल पुलिस अधीक्षक को तुरंत जांच करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे मामले में उचित कार्रवाई करें और संदिग्धों की पहचान कर उन्हें कानूनी करवाई करें। साथ ही सेनापति और कांगपोकपि जिलों के अधिकारियों को भी जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
24 की टिकट हुई कंफर्म
घटना पर एक खिलाडी ने टिकटों को लेकर प्रश्न उठाए हैं। एक बच्ची ने बताया कि टीम में 52 खिलाड़ी थे, लेकिन केवल 24 की टिकट कंफर्म की गई थी।उसने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि उनकी सुरक्षा की वैल्यू उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। उसके माता‑पिता के साथ ही आए अन्य परिवारों को भी वित्तीय बोझ का सामना करना पड़ा। कई अभिभावकों ने कहा कि उन्हें टिकिटिंग व्यवस्था और एकोमोडेशन में सही नहीं दिया गया।
टिकट को लेकर कोच का खंडन
कोच सोहनराम ने टिकट और अव्यवस्था से जुड़े आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि करीब 30 बच्चे विभिन्न खेलों जैसे तीरंदाजी और वुशु में भाग ले रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस बच्ची ने टिकट को लेकर शिकायत की, वह फ्लाइट से आई थी और वह टीम के मुख्य समूह के साथ नहीं थी। कोच ने बताया कि कुछ खिलाड़ी पहले ही राजस्थान लौट चुके हैं और बाकी टीम के साथ वे दीमापुर में ही हैं। उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा सुव्यवस्थित तरीके से हुई और कोई अव्यवस्था नहीं थी।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
जब इस घटना के बारे में राजस्थान शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी गई, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। वहीं जयपुर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उल्लेखित घटना के बारे में उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। यदि जानकारी मिलती है तो वे आवश्यक कार्रवाई करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, खेल दलों की सुरक्षा, उनके मार्ग और सुरक्षा योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे मामले न दोबारा हों।
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