राजस्थान में नहीं चलेंगे ट्रक, इस दिन से होगा चक्का जाम

Ashish Bhardwaj | Jul 12, 2026, 15:04 IST
ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल का ऐलान
राजस्थान में सोमवार से ट्रांसपोर्टरों ने VLTD डिवाइस विवाद को लेकर चक्का जाम का ऐलान किया है। इससे जयपुर सहित प्रदेश की सप्लाई चेन प्रभावित होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान में सोमवार से ट्रक चक्का जाम, ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल का ऐलान किया।
  • वीएलटीडी डिवाइस की कीमत और व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग से विवाद।
  • ट्रांसपोर्टरों का आरोप- डिवाइस 30 हजार रुपए तक में बेची जा रही है।
  • हड़ताल से जयपुर की सप्लाई चेन, फल-सब्जी, दवा और जरूरी सामान प्रभावित होने की आशंका।
  • ट्रक संगठनों ने वीएलटीडी व्यवस्था सुधारने और कार्रवाई रोकने की मांग की।

राजस्थान में सोमवार 13 जुलाई से ट्रक नहीं चलेंगे। ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम का ऐलान किया है। इससे जयपुर की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। यह पूरा विवाद वाहनों में अनिवार्य वीएलटीडी डिवाइस को लेकर है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि डिवाइस बहुत महंगी बेची जा रही है। इसी वजह से परिवहन विभाग और ट्रांसपोर्टर आमने-सामने आ गए हैं।



राजस्थान में सोमवार से ट्रक नहीं चलेंगे। ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम का ऐलान किया है। ट्रकों के इस चक्का जाम की वजह से राजधानी जयपुर बुरी तरह से प्रभावित होगी। चक्का जाम से सप्लाई चेन थम सकती है। आमजन पर इसका गहरा असर पड़ेगा। ट्रक संगठनों का दावा है कि हड़ताल के पहले दिन ही बड़ी संख्या में ट्रक नहीं चलेंगे।



रोजाना जयपुर से चलते हैं हजारों ट्रक

जयपुर से प्रतिदिन करीब 3 हजार ट्रक विभिन्न राज्यों में सामान भेजते हैं और उतनी ही संख्या में आवश्यक वस्तुएं जयपुर आती हैं। लंबी हड़ताल से फल-सब्जियां, किराना, दूध उत्पाद, दवाइयां, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, औद्योगिक कच्चा माल और निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।



आखिर वीएलटीडी (VLTD – Vehicle Location Tracking Device) विवाद क्या है, जिसको लेकर परिवहन विभाग और ट्रांसपोर्टर आमने-सामने आ गए हैं।



क्या है वीएलटीडी

वीएलटीडी यानी व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक नवीनतम जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम है। इसे वाहनों में लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि वाहन की गति, वास्तविक समय की स्थिति, मार्ग और आवागमन की निगरानी की जा सके।



इसे एआईएस 140 (AIS 140 – Automotive Industry Standard 140) के सभी मानकों का पालन करते हुए डिजाइन किया गया है। एआईएस 140 का अर्थ है ऑटोमोटिव उद्योग मानक 140, जिसे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत एआरएआई (ARAI – Automotive Research Association of India) ने जन सुरक्षा और वाहन ट्रैकिंग के लिए लागू किया था।



डिवाइस में शामिल हैं ये तकनीकें

वीएलटीडी में जीएसएम और जीपीआरएस कनेक्टिविटी, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम, आपातकालीन चेतावनी प्रणाली, फ्लीट मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर और वास्तविक समय डेटा प्रसारण जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है।



सामान्य जीपीएस ट्रैकर से कैसे है अलग

सामान्य जीपीएस सिस्टम केवल बुनियादी वाहन स्थान ट्रैकिंग तक सीमित होता है और यह एआईएस 140 प्रमाणित नहीं होता। वहीं वीएलटीडी अनुपालन और सुरक्षा सुविधाओं के साथ आता है और यह पूरी तरह एआईएस 140 प्रमाणित है।



सामान्य ट्रैकर में पैनिक बटन आमतौर पर उपलब्ध नहीं होता, जबकि वीएलटीडी में यह मानकों के अनुसार एकीकृत है। इसके अलावा वीएलटीडी नाविक (NavIC/IRNSS) को भी सपोर्ट करता है और परिवहन विभाग की अनिवार्य आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन करता है।



कैसे करता है काम

यह डिवाइस रियल टाइम में वाहन की सटीक लोकेशन और गतिविधि की जानकारी देता है। दुर्घटना या महिला सुरक्षा जैसी आपातकालीन स्थिति में यात्री या ड्राइवर पैनिक बटन दबाकर पुलिस और नियंत्रण कक्ष को तुरंत अलर्ट भेज सकते हैं।


इसके साथ ही वाहन की गति पर लगातार नजर रखी जाती है, और तय सीमा से अधिक गति होने पर चेतावनी मिलती है।



महंगी डिवाइस भी बनी विवाद की वजह

रामावतार मोर और उपेंद्र मित्तल ने आरोप लगाया कि वीएलटीडी लगाने के लिए केवल कुछ ही कंपनियों को अधिकृत किया गया है। उनके अनुसार ये कंपनियां एक डिवाइस के करीब 30 हजार रुपए तक वसूल रही हैं, जबकि दूसरे राज्यों में यही डिवाइस करीब 3 हजार रुपए में उपलब्ध है।



उन्होंने अधिक कंपनियों को अधिकृत करने और एसओपी (SOP – Standard Operating Procedure) तत्काल जारी करने की मांग की है।



व्यवस्था सुधरने तक कार्रवाई रोकने की मांग

राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के प्रवक्ता सुरेश पूनिया ने कहा कि प्रमाणित वीएलटीडी डिवाइस पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं। विभागीय पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण परमिट और फिटनेस से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।


उनका कहना है कि जब तक व्यवस्था सुचारु नहीं हो जाती, तब तक ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।



FAQ

  1. राजस्थान में ट्रक हड़ताल क्यों हो रही है?
    ट्रांसपोर्टर वाहनों में अनिवार्य वीएलटीडी डिवाइस की ऊंची कीमत का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अधिकृत कंपनियां एक डिवाइस के 30 हजार रुपए तक वसूल रही हैं, जबकि अन्य राज्यों में यह सिर्फ 3 हजार रुपए में मिलती है।
  2. वीएलटीडी डिवाइस क्या काम करती है?
    यह जीपीएस आधारित ट्रैकिंग डिवाइस है जो वाहन की लाइव लोकेशन, गति और गतिविधि की जानकारी देती है। इसमें पैनिक बटन और आपातकालीन चेतावनी प्रणाली जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
  3. ट्रक हड़ताल से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
    हड़ताल से फल-सब्जी, दूध उत्पाद, दवाइयां और निर्माण सामग्री जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। जयपुर से रोजाना करीब 3 हजार ट्रकों का आना-जाना रुक सकता है।

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