8 दिन से अनशन पर बैठे छात्र-नेता को पुलिस ने उठाया, छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान यूनिवर्सिटी में शुभम रेवाड़ का अनशन आठवें दिन खत्म नहीं हुआ।
- पुलिस ने स्वास्थ्य बिगड़ने पर छात्र नेता को अस्पताल में भर्ती कराया।
- समर्थक छात्रों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध कर नारेबाजी की।
- शुभम ने अस्पताल में भी अन्न त्याग जारी रखने की बात कही।
- छात्र राजस्थानी भाषा विभाग और छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग कर रहे हैं।
राजस्थान यूनिवर्सिटी में पिछले आठ दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ को आज पुलिस और प्रशासन ने अस्पताल भर्ती करवा दिया। कार्रवाई के दौरान परिसर में कुछ देर के लिए हंगामे का माहौल बना रहा। समर्थक छात्रों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए नारेबाजी की। शुभम रेवाड़ राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे। उन्होंने कहा है कि अस्पताल में भी वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
राजस्थान विश्वविद्यालय में आज सुबह पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र नेता शुभम रेवाड़ की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति का हवाला दिया। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाने की बात कही गई।
समर्थकों के विरोध के बीच पुलिस ने उन्हें अनशन स्थल से हटाया। एंबुलेंस के जरिए उन्हें सवाई मानसिंह यानी एसएमएस (SMS – Sawai Man Singh) हॉस्पिटल पहुंचाया गया। फिलहाल वे चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं।
छात्रों ने किया पुलिस कार्रवाई का विरोध
अनशन स्थल पर मौजूद छात्रों ने इस कार्रवाई को आंदोलन दबाने की कोशिश बताया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन खत्म करने की कोशिश कर रही है।
छात्रों ने साफ किया कि शुभम रेवाड़ को अस्पताल ले जाने से आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। उनका कहना है कि मांगों को लेकर सत्याग्रह आगे भी जारी रहेगा। विश्वविद्यालय परिसर में समर्थक छात्र लगातार डटे हुए हैं।
इससे पहले 2 छात्र नेता और एक छात्रा पानी की टंकी पर चढ़ गए। ये तीनों स्टूडेंट जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसके साथ ये राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे थे।
मौके पर प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों के साथ ही सिविल डिफेंस की टीम पहुंच गई है। तीनों को टंकी से नीचे उतारने का प्रयास किया जा रहा है। एहतियातन टंकी के नीचे जाल लगाया गया है।
अस्पताल में भी अन्न नहीं लेंगे शुभम
शुभम रेवाड़ ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों का हल निकालने के बजाय पुलिस के जरिए आंदोलन कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का हवाला देकर उन्हें अस्पताल भर्ती कराया गया है, लेकिन उनका संकल्प पहले जैसा ही अडिग है।
उन्होंने घोषणा की कि जब तक सरकार राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना और छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक वे अस्पताल में भी अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन का कहना है कि किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।
दो प्रमुख मांगों पर अड़े हैं छात्र
शुभम रेवाड़ और उनके समर्थकों की पहली मांग है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में अलग से राजस्थानी भाषा विभाग स्थापित किया जाए। छात्रों का कहना है कि इससे विद्यार्थियों को न्यूनतम शुल्क पर अपनी मातृभाषा में उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
दूसरी प्रमुख मांग प्रदेश के सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने की है। छात्रों का कहना है कि यह चुनाव पिछले चार सालों से बंद हैं और इन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाना चाहिए।
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