राजस्थान में वोटर लिस्ट अपडेट होगी, 18 साल के युवाओं को भी मौका; अब तक 4.80 लाख आवेदन
राजस्थान में वोटर लिस्ट एक बार फिर अपडेट होगी। चुनाव आयोग ने राजस्थान समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे। पहले से दर्ज नाम और पते जैसी जानकारियों में गलतियां भी सुधारी जा सकेंगी।
इस अभियान में उन युवाओं को भी मौका मिलेगा, जो 1 जनवरी 2027 तक 18 साल की उम्र पूरी कर लेंगे। वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। आयोग का यह फैसला स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रही बहस के बीच आया है।
राजस्थान में 4.80 लाख से ज्यादा आवेदन
राजस्थान में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए पहले से विशेष अभियान चल रहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के अनुसार, 14 अक्टूबर 2026 तक फॉर्म-6 के कुल 4 लाख 80 हजार 893 आवेदन मिले थे।
इनमें 18 से 19 साल की उम्र के युवाओं के 2 लाख 67 हजार 946 आवेदन शामिल हैं। वहीं, 20 साल की उम्र वाले मतदाताओं के 2 लाख 12 हजार 947 आवेदन मिले हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में युवा वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आए हैं।
मतदाता सूची में जुड़वा सकते नाम
फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है। जिन पात्र लोगों का नाम अब तक सूची में शामिल नहीं हो पाया है, वे भी इसके जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक निर्वाचन पोर्टल से जांचना जरूरी है।
SIR में 31.36 लाख नाम हटे थे
राजस्थान में SIR की प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से 31 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए थे। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अंतिम सूची में 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 मतदाता शामिल थे। इससे पहले सूची में 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 मतदाता दर्ज थे। दोनों आंकड़ों के अंतर के अनुसार, कुल 31 लाख 36 हजार 286 नाम हटाए गए।
SIR के दौरान नाम हटाने को लेकर राजनीतिक आरोप भी लगे थे। कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर बड़ी संख्या में नाम हटवाने के लिए आवेदन देने के आरोप लगाए थे। हालांकि, इन आरोपों को साबित तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
अब SSR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और गलतियों को ठीक करने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों का नाम पिछली प्रक्रिया में छूट गया है, उनके लिए यह खास मौका हो सकता है।
पंचायत चुनाव में पुरानी सूची के इस्तेमाल पर सवाल
राजस्थान में मतदाता सूची को लेकर एक दूसरा सवाल भी उठ रहा है। सामाजिक संगठनों ने पूछा है कि SIR के बाद तैयार हुई सूची के बावजूद कुछ स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में पहले की मतदाता सूची का इस्तेमाल क्यों किया गया।
SIR में करीब 45 लाख नाम हटाए गए
मजदूर किसान शक्ति संगठन (MKSS) से जुड़े एक सामाजिक कार्यकर्ता ने दावा किया कि SIR में करीब 45 लाख नाम हटाए गए, लेकिन पंचायत और हाल के नगर निकाय चुनावों में प्री-SIR सूची का इस्तेमाल हुआ। यह दावा आधिकारिक आंकड़े से अलग है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान में SIR के दौरान 31.36 लाख नाम हटाए गए थे।
ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अलग-अलग चुनावों में कौन-सी मतदाता सूची लागू की गई और इसके पीछे क्या नियम थे। इस सवाल का जवाब संबंधित चुनाव की अधिसूचना और आधिकारिक सूची से ही मिल सकता है।
मतदाता अपना नाम जरूर जांचें
SSR का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना है। इसलिए सिर्फ आवेदन करने पर निर्भर रहने के बजाय मतदाताओं को अपनी जानकारी भी जांचनी चाहिए। नाम, पता या अन्य विवरण में गलती हो तो उसे सुधारने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
खासतौर पर पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं को समय रहते आवेदन करना चाहिए। पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों और गलतियां सुधरें, इसके लिए आयोग की प्रक्रिया के साथ नागरिकों की सतर्कता भी जरूरी है।