5000 व्यावसायिक शिक्षकों की नौकरी पर तलवार, अनुबंध नहीं बढ़ा तो हो जाएंगे बेरोजगार
News In Short
- 5155 व्यावसायिक शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटकी।
- चार दिन में अनुबंध नहीं बढ़ा तो हो जाएंगे बेरोजगार।
- प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा का मॉडल विफल ही रहा।
- 2499 स्कूलों में आज एक भी शिक्षक मौजूद नहीं।
- व्यावसायिक शिक्षकों को 11 महीने से नहीं मिला वेतन।
News In Detail
Jaipur: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का ढांचा ढहने की कगार पर है। प्रदेश के करीब 5155 व्यावसायिक शिक्षकों का अनुबंध इसी 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। यदि अगले 4 दिन में सेवा विस्तार नहीं हुआ तो 1 अप्रैल से ये सभी शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे।
योजना नहीं दिख रही सफल
राज्य सरकार ने स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा इसलिए शुरू की थी, जिससे 12वीं पास करने के बाद छात्र आत्मनिर्भर बन सकें। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और नीतिगत स्पष्टता के अभाव में यह योजना सफल होती नहीं दिख रही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रदेश के 4019 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा संचालित है, लेकिन इनमें से 2499 स्कूलों में आज एक भी शिक्षक मौजूद नहीं है। वहीं, जिन 1520 स्कूलों में 5155 शिक्षक कार्यरत हैं, उनके सेवा विस्तार पर अब तक संशय बना हुआ है।
3-3 महीने का अनुबंध और 11 महीने से वेतन का इंतजार
व्यावसायिक शिक्षकों का कहना है कि उनका अनुबंध केवल 3-3 महीने के लिए बढ़ाया जा रहा है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने पिछला अनुबंध 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया था, जो अब समाप्त होने वाला है।
तनाव केवल नौकरी जाने का ही नहीं है, बल्कि आर्थिक तंगी का भी है। इन शिक्षकों को पिछले 11 महीनों से वेतन नहीं मिला है। स्कूल शिक्षा परिषद की आयुक्त अनुपमा जोरवाल ने 3 दिन के भीतर भुगतान के आदेश दिए थे, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिखा।
निविदा निरस्त, पर शिक्षकों को नहीं मिली राहत
पिछले साल भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जिन निजी फर्मों के टेंडर निरस्त किए गए थे, विभाग के अधिकारियों ने उन पर तो मेहरबानी दिखाई। उनके जरिए लगे शिक्षकों को स्कूल पहुंचने के निर्देश दे दिए। लेकिन, जो शिक्षक पहले से ईमानदारी से काम कर रहे हैं, उनके कार्यकाल को बढ़ाने में अधिकारी बेरुखी दिखा रहे हैं।
हरियाणा और असम मॉडल की तर्ज पर बने नीति
व्यावसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति का कहना है कि तदर्थ नियुक्तियों से काम नहीं चलेगा। सरकार को शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि राजस्थान में भी हरियाणा और असम मॉडल को लागू किया जाए, जहां शिक्षकों को 60 साल तक की सेवा सुरक्षा प्रदान की गई है।
मंत्री बोले, जल्द लेंगे निर्णय
इस पूरे मामले पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि व्यावसायिक शिक्षकों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन है। जल्द ही इस पर उचित निर्णय लिया जाएगा। हालांकि, 31 मार्च की समय सीमा नजदीक आते देख शिक्षकों और उनके परिवारों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
ये भी पढे़:-
सीएम भजनलाल ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, तेल-गैस की आपूर्ति सुचारु होने का किया दावा
IPL 2026: राजस्थान रॉयल्स के चार मैच जयपुर में, पहला मैच 25 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद से होगा
अपने बेटों को संभालो अन्यथा बदनामी करवा देंगे, गहलोत ने सीएम और मंत्रियों को दी नसीहत