RCA विवाद, पूर्व संयोजक मोहित यादव पर FIR, फर्जी WhatsApp चैट से साजिश का आरोप
समझें क्या है पूरा मामला
- कोर्ट के आदेश पर जयपुर के ज्योति नगर थाने में BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज।
- भरतपुर DCA में अध्यक्ष/कोषाध्यक्ष न बनाने पर षड्यंत्र का आरोप।
- फर्जी स्क्रीनशॉट वायरल कर छवि खराब करने की कोशिश।
- महिला खिलाड़ी के आरोपों के बाद अब पलटवार और पुलिस जांच।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की एडहॉक कमेटी के पूर्व संयोजक मोहित यादव के खिलाफ जयपुर के ज्योति नगर थाने में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। यह मामला भरतपुर जिला क्रिकेट संघ (DCA) के सचिव शत्रुघ्न तिवारी की शिकायत कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ है।
एफआईआर में मोहित यादव सहित अन्य अज्ञात सहयोगियों पर फर्जी वाट्सएप चैट, कूटरचित डिजिटल दस्तावेज तैयार कर उन्हें वायरल करने, प्रतिष्ठा धूमिल करने और भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 336(4), 338, 340(2), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायत के अनुसार कथित घटनाक्रम 1 मार्च 2026 से 26 जून 2026 के बीच का है। परिवादी का कहना है कि उन्होंने 29 जून 2026 को ज्योति नगर थाना और पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पदाधिकारी बनाने का दबाव, मना किया तो साजिश
परिवादी शत्रुघ्न तिवारी का कहना है कि वह पिछले करीब 10 साल से भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव हैं। उनके कार्यकाल में जिले के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल स्तर तक पहुंचे। मार्च 2026 में RCA की एडहॉक कमेटी बनने के बाद मोहित यादव को संयोजक नियुक्त किया गया।
इसके बाद उन्होंने कथित रूप से दबाव बनाया कि उन्हें भरतपुर जिला क्रिकेट संघ में अध्यक्ष या कोषाध्यक्ष बनाया जाए। विरोध करने पर उन्होंने शिकायतकर्ता के खिलाफ षड्यंत्र शुरू कर दिया।
AGM से पहले शुरू हुआ विवाद
शिकायतकर्ता के अनुसार 10 जून 2026 को भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभिन्न आरोप लगाए गए। जबकि किसी महिला खिलाड़ी को लेकर लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं था। इसके बाद भरतपुर जिला क्रिकेट संघ ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने 25 जून 2026 के अपने आदेश से 26 जून को होने वाली राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा (AGM) में शत्रुघ्न तिवारी को भाग लेने और मतदान करने की अनुमति दी।
फर्जी वाट्सएप चैट बनाने का आरोप
शिकायत के अनुसार हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद 26 जून 2026 को शाम करीब 8:47 बजे एक जिला क्रिकेट संघ के सचिव ने परिवादी को चार वाट्सएप स्क्रीनशॉट भेजे। आरोप है कि इन स्क्रीनशॉट में परिवादी के मोबाइल नंबर को किसी अन्य नाम से सेव कर फर्जी बातचीत तैयार की गई थी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने न तो ऐसे संदेश भेजे और न ही प्राप्त किए। स्क्रीनशॉट पर तारीख भी अंकित नहीं थी और यह स्पष्ट नहीं था कि चैट किन नंबरों के बीच हुई। आरोप है कि यह पूरा डिजिटल रिकॉर्ड फर्जी तरीके से तैयार किया गया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मोहित यादव और उनके अज्ञात सहयोगियों ने मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज और वाट्सएप चैट तैयार की। इनका उद्देश्य शत्रुघ्न तिवारी को सचिव पद से हटवाना, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को बदनाम करना था।
एफआईआर में कहा है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, आईपी लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), डिजिटल ट्रेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण आवश्यक है। यह काम केवल पुलिस जांच के माध्यम से ही संभव है।
पहले तिवारी पर लगे थे उत्पीड़न के आरोप
भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी पर पिछले दिनों एक महिला खिलाड़ी ने उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह उनके खिलाफ साजिश है।
अब उसी मामले को लेकर उन्होंने आरसीए के पूर्व संयोजक मोहित यादव पर साजिश रचने और फर्जी तरीके से वाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट्स तैयार कर वायरल करने के आरोप लगाए हैं।
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