केरल में चला सचिन पायलट का राजनीतिक जादू, कांग्रेस की 10 साल बाद सत्ता में वापसी

Mukesh Sharma | May 04, 2026, 20:01 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के दिग्गज नेता सचिन पायलट की रणनीतिक कुशलता ने केरल में कांग्रेस गठबंधन UDF की 10 साल बाद सत्ता में वापसी कराई है। इस चुनाव में प्रभावी प्रत्याशी चयन, युवा केंद्रित मुद्दों और धुआंधार जनसंपर्क के दम पर कांग्रेस गठबंधन ने जोरदार सफलता हासिल की है

News In Short

  • केरल में पायलट का प्रोजेक्ट सफल, सचिन की रणनीति से कांग्रेस की वापसी
  • सीनियर आॅब्जर्वर के रुप में टिकट वितरण और बेहतर कैंपेन ने पलटी बाजी
  • बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित प्रचार ने शिक्षित मतदाताओं को साधा।
  • 10 जिलों के सघन दौरे और डोर-टू-डोर कैंपेन से कार्यकर्ताओं में भरा नया जोश।
  • जिन सीटों पर पायलट ने कमान संभाली, वहां पार्टी को मिली जबरदस्त बढ़त।

News In Detail

पांच राज्यों के केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ केरल में ही सफलता मिली है। यहां कांग्रेस के गठबंधन यूडीएफ ने सत्ता में वापसी की है। केरल में राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सीनियर ऑब्जर्वर के तौर पर प्रमुख भूमिका निभाई थी। यहां पायलट ने टिकट वितरण के साथ ही कैंपेन की रणनीति तैयार की थी। प्रभावी कैंपेन और बेहतर कैंडीडेट सलेक्शन के बूते कांग्रेस ने दस साल बाद केरल की सत्ता मिली है।



पायलट का जहां सीधा दखल, वहां ज्यादा फायदा

सीनियर ऑब्जर्वर के तौर पर पायलट ने पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रभावी चुनावी अभियान चलाया और 10 जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का काम किया। इसका फायदा यह हुआ कि जिन सीटों पर पायलट ने प्रत्यक्ष रुप से भूमिका निभाई वहां पार्टी को बेहतर परिणाम मिले हैं।



घर-घर जाकर किया प्रचार

सचिन पायलट ने केरल में बड़ी जनसभाएं करने के साथ घर-घर जाकर प्रचार करने के साथ ही रोड-शो भी किए। उन्होंने अपना पूरा ध्यान केरलम के युवाओं को लुभाने वाले मुद्धों पर रखा और बेरोजगारी, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे मुद्धों को उठाया।



उन्होंने अपनी सभाओं और घर-घर संपर्क अभियान में भी इन मुद्धों पर ही ज्यादा फोकस किया। इसका फायदा यह हुआ कि केरलम जैसे देश के सर्वाधिक शिक्षित समाज ने कांग्रेस के पक्ष में जमकर मतदान किया। केरलम के अतिरिक्त सचिन पायलट ने बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा बेल्ट में कांग्रेस के लिए माहौल बनाने की कोशिश की। यहां उन्होंने एक ही दिन में पांच सभा और एक रोड शो किया था।



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