काला हिरण शिकार केस में सलमान खान के वकीलों ने हाई कोर्ट से मांगा समय, अब 13 जुलाई को सुनवाई
News In Short
- काला हिरण शिकार केस में सलमान खान और अन्य कलाकारों का मामला।
- वकीलों ने कोर्ट से केस की तैयारी के लिए और समय देने का आग्रह किया था।
- जस्टिस रेखा बोराणा की अदालत ने अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की है।
- पहली अपील सलमान की सजा के खिलाफ, दूसरी अन्य को बरी करने के खिलाफ है।
- यह केस साल 1998 में जोधपुर के कांकाणी गांव में काले हिरण के शिकार से जुड़ा है।
News In Detail
जोधपुर का बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार मामला एक बार फिर कानूनी गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। सोमवार को राजस्थान हाई कोर्ट में इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान बॉलीवुड सितारों को कोर्ट से थोड़ी और मोहलत मिल गई है, जिससे अब इस मामले पर बहस मानसून के सीजन में आगे बढ़ेगी।
तैयारी के लिए चाहिए और वक्त
हाई कोर्ट की न्यायाधीश रेखा बोराणा की अदालत में जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान, अभिनेत्री तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा।
बचाव पक्ष के वकीलों का तर्क था कि इस ऐतिहासिक और जटिल केस से जुड़े कुछ नए तथ्यों, कानूनी पहलुओं और पुराने दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया जाना अभी बाकी है। बेहतर और मुकम्मल बहस के लिए उन्हें कुछ और समय दिया जाए। कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए अगली तारीख दे दी।
इन दो अहम याचिकाओं पर टिकी हैं नजरें
बिश्नोई समाज के अधिवक्ता महिपाल बिश्नोई ने बताया कि कोर्ट के समक्ष वर्तमान में दो अत्यंत महत्वपूर्ण कानूनी अर्जियां लंबित हैं, जिन पर एक साथ सुनवाई होनी है:
सलमान खान की अपील: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने सलमान खान को हिरण शिकार का दोषी मानते हुए 5 साल के कड़े कारावास और 25,000 रुपए के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई थी। सलमान ने इस सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
राज्य सरकार की लीव टू अपील: निचली अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सह-आरोपी सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू, नीलम और स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह को बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इनके बरी होने के आदेश को गलत बताते हुए इन्हें दोबारा केस के दायरे में लाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
28 साल पुराना है यह विवाद
यह पूरा मामला अक्टूबर 1998 का है, जब राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग जोधपुर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में चल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान लूणी तहसील के कांकाणी गांव की सरहद पर दो दुर्लभ काले हिरणों का शिकार किया गया था।
वन्यजीव संरक्षण के लिए समर्पित स्थानीय बिश्नोई समाज ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद फिल्मी सितारों के खिलाफ वन अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। अब सभी पक्षों को 13 जुलाई को होने वाली कानूनी बहस का इंतजार है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
काला हिरण शिकार मामले में हाई कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख क्या तय की है?
राजस्थान हाई कोर्ट की जस्टिस रेखा बोराणा की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तारीख तय की है।
सलमान खान के अलावा और किन सितारों पर इस केस का असर पड़ रहा है?
इस मामले में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम भी सह-आरोपी के रूप में जुड़े हुए हैं, जिन्हें निचली अदालत से बरी किए जाने के खिलाफ सरकार ने अपील कर रखी है।
निचली अदालत ने सलमान खान को क्या सजा सुनाई थी?
जोधपुर की अधीनस्थ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कारावास और 25,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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