पान मसाला विज्ञापन में सलमान को राहत, नहीं आना होगा कोटा
समझें क्या है पूरा मामला
- कोटा कोर्ट ने सलमान खान के हस्ताक्षरों की FSL जांच का दिया था आदेश।
- सलमान खान ने हाई कोर्ट और NCDRC में दो मोर्चों पर लड़ी कानूनी लड़ाई।
- NCDRC ने कोटा कंज्यूमर फोरम की कार्रवाई पर लगाई रोक।
- फिलहाल FSL जांच के लिए सलमान खान को कोटा नहीं आना होगा।
- परिवादी ने खुद एक अन्य पान मसाला कंपनी के खिलाफ केस विड्रॉ किया था।
राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन मामले में अभिनेता सलमान खान को अब दोहरी राहत मिल गई है। पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को स्टे दिया था। अब नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC – National Consumer Disputes Redressal Commission) ने भी 10 जून को कोटा जिला उपभोक्ता फोरम की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
इसका मतलब है कि फिलहाल सलमान खान को FSL जांच के लिए कोटा नहीं आना पड़ेगा। कोटा कंज्यूमर फोरम में इस मामले की अगली सुनवाई अब 14 जुलाई को होगी।
क्या है पूरा मामला?
कोटा के भाजपा नेता और अधिवक्ता इंद्रमोहन सिंह हनी ने राजश्री पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन को लेकर कोटा जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज की थी।
मामले में सलमान खान की ओर से वकालतनामा और जवाब पेश किया गया था। हनी ने इन दस्तावेजों पर किए गए सलमान खान के हस्ताक्षरों पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि हस्ताक्षर असली हैं या नकली, इसकी जांच होनी चाहिए।
जिला कोर्ट ने दिया था FSL जांच का आदेश
याचिकाकर्ता की आपत्ति पर जिला उपभोक्ता अदालत ने 26 दिसंबर 2025 को आदेश पारित किया। इस आदेश में दो बड़ी बातें कही गईं। पहली, सलमान खान के हस्ताक्षरों की जांच FSL से करवाई जाए। दूसरी, सलमान खान को खुद उपस्थित होकर हस्ताक्षरित शपथ पत्र पेश करना होगा।
सलमान खान कोर्ट में पेश नहीं हुए। इस पर याचिकाकर्ता ने कोर्ट की अवमानना का प्रार्थना-पत्र दाखिल कर दिया।
सलमान ने दो मोर्चों पर लड़ी कानूनी लड़ाई
कोटा कंज्यूमर फोरम के इस आदेश को रोकने के लिए सलमान खान की टीम ने एक साथ दो मोर्चों पर चुनौती दी। पहला, राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने 27 मई 2026 को स्टे दे दिया। इस पर अगली सुनवाई 14 जुलाई को होनी है।
दूसरा, NCDRC में भी अर्जी लगाई। NCDRC ने 10 जून 2026 को सुनवाई करते हुए कोटा कंज्यूमर फोरम की कार्रवाई पर रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी।
परिवादी ने पहले विड्रॉ किया था विमल का केस
इस मामले में एक दिलचस्प पहलू भी सामने आया। सलमान खान के वकील ने NCDRC में एक दस्तावेज पेश किया जिसमें बताया गया कि परिवादी इंद्रमोहन सिंह हनी ने खुद जून 2025 में एक अन्य पान मसाला कंपनी विमल के खिलाफ दर्ज परिवाद वापस यानी विड्रॉ करने का प्रार्थना-पत्र दिया था। पान मसाला कंपनी की ओर से वकील राकेश सुवालका ने यह जानकारी दी।
फिलहाल कोटा आना नहीं होगा
NCDRC के स्टे ऑर्डर की कॉपी 11 जून को कोटा कंज्यूमर फोरम में पेश कर दी गई। इससे साफ हो गया कि फिलहाल FSL जांच के लिए सलमान खान को कोटा नहीं आना होगा। अब इस मामले में आगे क्या होगा, यह NCDRC की 22 जून की सुनवाई और हाईकोर्ट की 14 जुलाई की सुनवाई पर निर्भर करेगा।
FAQ
- सलमान खान के खिलाफ कोटा में क्या मामला है?
कोटा के भाजपा नेता इंद्रमोहन सिंह हनी ने राजश्री पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन को लेकर उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी। बाद में सलमान खान के हस्ताक्षरों पर सवाल उठे और जिला कोर्ट ने FSL जांच और खुद उपस्थित होने का आदेश दिया था।
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